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Showing posts from November, 2014

तेरापंथ युवक परिषद्, कोलकाता द्वारा सी.एम.एस. चाइल्ड होम में सेवा का कार्य

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सेवा, संस्कार एवं संगठन के क्षेत्र में अग्रणीय संस्था तेरापंथ युवक परिषद्, कोलकाता द्वारा कोलकाता के उपनगरीय क्षेत्र हिन्दमोटर स्थित सी.एम.एस. चाइल्ड होम में सेवा का कार्य दिनांक 30 नवम्बर, 2014 (रविवार) को गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।  परिषद् द्वारा अनाथालय के 160 बालिकाओं को अध्ययन सम्बन्धित सामग्री एवं फलाहार आदि का वितरण किया गया। इस अवसर पर परिषद् के मंत्री श्री संजय दुगड़ एवं चाइल्ड होम के व्यवस्थापक श्री ब्रदर ने उपस्थित जनों को सम्बोधित किया। चाइल्ड होम के व्यस्थापक ने  परिषद् द्वारा आयोजित सेवा कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर परिषद् के अनेक पदाधिकारियों सहित अनेक कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के संयोजक श्री रणजीत कुमार सेठिया एवं श्री पियुष बैंगानी थे। कार्यक्रम के सूत्रधार परिषद् के सहमंत्री श्री मनोज सुराणा ने मंच का कुशलतापूर्वक संचालन किया।  

टीपीएफ अहमदाबाद द्वारा करियर सेमीनार का आयोजन

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टीपीएफ अहमदाबाद द्वारा करियर सेमिनार का आयोजन... अहमदाबाद। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम अहमदाबाद ब्रांच द्वारा राजस्थान हिंदी हाई स्कूल में करियर सेमिनार आयोजित किया गया।       ब्रांच अध्यक्ष श्री विमल चोरडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कानूनी एवं न्यायिक सेवाओं में अवसर विषय पर आधारित सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में गुजरात हाई कोर्ट के एडवोकेट श्री देवेश भट्ट एवं अतिथि के रूप में राजस्थान हिंदी हाई स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती शैलजा नायर उपस्थित थी। जोनल प्रेजिडेंट श्री विजय कोठारी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के प्रायोजक श्री शंकरलाल जी चोरडिया थे।       प्रारंभ में संयुक्त सचिव श्री जागृत संकलेचा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए ब्रांच की गतिविधियों की जानकारी दी। अंत में ब्रांच सचिव श्री दिलखुश मेहता ने आभार ज्ञापित किया। सेमिनार का संचालन एडवोकेट श्री सुशील गोलेछा ने किया। इस अवसर पर टीपीएफ सदस्य, स्कूल स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। स्त्रोत अंकुर बोरदिया राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी

तेरापंथ महिला मण्डल मदुरै द्वारा नेत्र चिकित्सा शिविर

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मदुरै । 30 नवं।  स्थानीय तेरापंथ भवन में रविवार 10 बजे मदुरै तेरापंथ महिला मंडल के तत्वाधान में नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारभ नमस्कार महामंत्र से हुआ। प्रातः से स्थानीय तमिल भाई बहिनो एवं बच्चों की कतार सी लगी ।अग्रवाल EYE हॉस्पिटल के डॉ. ने अपनी फ्री सेवा प्रदान की । कार्यक्रम के दरमियान मदुरै तेरापंथ महिला मंडल संयोजिका विमला देवी गोलच्छा ,तेरापंथ महिला मंडल मंत्री नयना पारख ,तेरापंथ ट्रस्ट अध्यक्ष ॐ प्रकश कोठारी मंत्री अशोक जीरावाला , तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्रवण कुमार बोथरा, मंत्री जयंतीलालजी रावला,तेयुप अध्यक्ष नितेश कोठारी , पूर्व अध्यक्ष अक्षय लोढ़ा , मंत्री विकास सकलेचा आदि कई पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। नेत्र चिकित्सा शिविर में मरीज़ों को तेरापंथ महिला मंडल की तरफ से नि: शुल्क चश्मे दिए गए।एवं इस शिविर में 4 मरीजो को नि:शुल्क आँख के ऑपरेशन करने का सहर्ष अर्थ सहयोग ओमप्रकाश नेनमल कोठारी ने किया । शिविर में प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक कुल करीबन 250 मेम्बरों की नेत्र चिकित्सा जांच की गयी । कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन तेरपंतथ महिला म...

आचार्य महाश्रमण चातुर्मास व्यवस्था समिति नेपाल: आवास बुकिंग आवेदन पत्र

आचार्य महाश्रमण चातुर्मास व्यवस्था समिति नेपाल.Acharya Mahashraman Chaturmas Vyavastha Samiti Nepal accomodation booking form. Form may take a few minutes to load.

अभातेयुप अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर की जोधपुर संगठन यात्रा

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तेरापंथ भवन जाटावास, जोधपुर में शासनश्री साध्वी श्री गुलाबकंवरजी के पावन सानिध्य में कार्यक्रम हुआ। श्री दिलीप मालू ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की।शहर अध्यक्ष श्री जम्बू जी चौपड़ा एवं सरदारपुरा अध्यक्ष श्री ललितजी बुरड़  ने स्वागत भाषण दिया।राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश जी नाहर ने अपने ऊर्जावान वक्तव्य से युवकों में जोश भरा। अभातेयुप के महामंत्री श्री हनुमान जी लुंकड व उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र जी मण्डोत ने भी अपने विचार रखे। शासनश्री साध्वी श्री गुलाबकंवरजी के मंगल उद्बोधन से कार्यक्रम का समापन हुआ । जोधपुर से दिलीप मालू एवं ज्योति नाहटा की रिपोर्ट े

संसार के दो भ्रम- कांता और कांचन - आचार्य श्री महाश्रमण जी

दिगम्बर जैन मंदिर, मथुरा 29.11.2014 ज्योतिपुंज महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अपनी अहिंसा यात्रा के दौरान अपने प्रात: कालिन प्रवचन में फरमाया की हमारी दुनिया में त्याग भी चलता है और भोग भी चलता है। त्यागी लोग भी मिलते है, भोगी लोग तो संसार में रहते ही है। प्रश्न होता है की त्यागी कौन कहला सकता है। शास्त्र में कहा गया है की भोग न भोगने से कोई त्यागी नहीं हो जाता है। एक आदमी के पास वस्त्र ही नहीं वह कपडा न पहने तो कोई त्याग वाली बात नहीं। सुगंध है ही नहीं, गंध का सेवन ना करे कोई त्याग वाली बात नहीं, आभुषण पास में है ही नहीं और आभुषण न पहने कोई त्याग वाली बात नहीं, स्त्री है ही नहीं स्त्री असेवन की बात करे वह त्याग वाली बात नहीं। यानि परवशता में जो उपयोग नहीं करता भोग नहीं करता वह त्यागी नहीं होता है। कान्त और प्रिय भोग सहज सुन्दर अथवा जो प्रिय लगने वाले हो प्राप्त है, पास में उपलब्ध है फिर भी जो उससे पीठ फेर लेता है उसको छोड़ देता है साधना के लिए  स्वाधिनता पूर्वक जो भोगों का त्याग करता है वह आदमी फिर त्यागी कहलाने का अधिकारी होता है। आदमी आत्महित के बारे में सोचे वह वर्त...

अंधकार से प्रकाश की ओर आगे बढ़ें : आचार्य श्री महाश्रमण

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28 नवम्बर 2014, हनुमान आश्रम, श्रीधाम वृन्दावन अणुव्रत अनुशास्ता परम पुज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी ने वृन्दावन प्रवास के दूसरे दिन अपने प्रात:कालीन प्रवचन में फरमाया के दो शब्द आते हैं, अनुश्रोत और प्रतिश्रोत। श्रोत के साथ बहना अनुश्रोत गामिता है और प्रवाह के प्रतिकुल चलना प्रतिश्रोत गामिता हो जाती है। प्रवाह के साथ चलना आसान है और प्रवाह के प्रतिकुल चलना कठिन होता है। हम जीवन में भी देखे अनुश्रोत और प्रतिश्रोत दोनों स्थितियां होती है। भोगों का जीवन जीना अनुश्रोत गामिता है। आम जनता भोग प्रधान होती है, तो भोगों में रहना अनुश्रोत गामिता और त्याग का जीवन जीना प्रतिश्रोत गामिता हो जाती है। आदमी पहले भोग भोगता है फिर भोग मानो आदमी को भोग लेते है। भोग क्या भोगे भोगों ने हमें भोग लिया, तप क्या तपा हम स्वयं तप्त हो गए। काल क्या बिता एक दृष्टि से हम स्वयं ही बीत गए। तृष्णा जीर्ण नहीं हुई पर हम स्वयं जीर्ण हो गए। आदमी के मन में यह अनुश्रोत का, तृष्णा का भाव रहता है। शरीर बल गया, चेहरे पर झुरियां पड़ गई, मुख दंत विहीन हो गया, शरीर इतना कमजोर हो गया की वृद्ध आदमी डंडे के सहारे के बिन...

समता व साधना का समंदर हो भीतर : आचार्य श्री महाश्रमण

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27 नवम्बर 2014. हनुमान आश्रम, वृन्दावन. अहिंसा यात्रा के प्रणेता महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की अहिंसा यात्रा श्री कृष्ण की कर्म भूमि वृन्दावन में पहुंची। वृन्दावन के हनुमान आश्रम में समुपस्थित श्रधालुओं को संबोधित करते हुए पूज्यप्रवर ने फरमाया-हमारे जीवन में द्वंद्वात्मक स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। एक अनुकूल और एक प्रतिकूल स्थिति। इन दोनों प्रकार की स्थितियों में सम रहना साधना होती है। समता को धर्म कहा गया है। जीवन में कभी लाभ हो जाये, कभी नुकसान भी हो जाये। लाभ में ज्यादा खुश ना होना व हानि में दुखी न होना ही समता की साधना है। इसी प्रकार शरीर में कभी साता कभी असाता दोनों स्थितियों में सम रहें। मान-अपमान, प्रशंसा-निंदा में भी व्यक्ति सम रहने का प्रयास करना चाहिए। परन्तु व्यक्ति अनुकूलता में राग में चला जाता है, प्रतिकूलता में द्वेष में चला जाता है। पूज्यप्रवर ने दृष्टान्त के माध्यम से समझाया की सूर्य उदय व अस्त दोनों समय एक ही रंग का होता है। दोनों विरोधी स्थितियां हैं फिर भी सूर्य एकरूप है। उसी प्रकार हमें समता की साधना करनी चाहिए। साधू को तो विशेष रूप से समता की...

अणुव्रत उपसमिति उत्तर मुम्बई 2 मुम्बई द्वारा स्वच्छता अभियान

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मुम्बई:-अणुव्रत समिति मुंबई के निर्देशन में अणुव्रत उपसमिति उत्तर मुम्बई 2 द्वारा सेंट्रल पार्क  नालासोपारा में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। आचार्य तुलसी ने मान...

तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम मुंबई द्वारा इकोनोमिक सम्मलेन आयोजित

Seminar on Indian Economy : Opportunity, Challenges, Stimulus Organized by Terapanth Professional Forum, Mumbai. TPF, tpf, mumbai तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम मुंबई द्वारा आयोजित इंडियन इकनोमि : चेलेन्ज एवं ओप्पुर्च्युनिटी  सेमिनार समाज एवं उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।  कार्यक्रम का शुभारंभ गायक हितेश कुमठ के मंगलाचरण के द्वारा हुआ जिसके द्वारा प्रस्तुत संघ गीत ने लोगों का मन मोह लिया । टी.पी.एफ. अध्यक्ष श्री बलवंत चोरडिया ने उपस्तिथ सभी मेहमानों एवं पधाधिकारियों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मूल रूप से उपस्तिथ नेशनल प्रेजिडेंट श्री सलिल लोढ़ा ने नेशनल एक्टिविटी के बारे में बताते हुए- टी.पी.एफ. प्रोजेक्ट्स , शिक्षा , चिकित्सा एवं स्पिरिचुअल एक्टिविटी की जानकारी दी। राष्ट्रीय महामंत्री पंकज ओस्तवाल ने आने वाले नये कार्यक्रमों के बारे में लोगों को जुड़ने का निवेदन किया। वेस्ट जोन प्रेजिडेंट आइ.ए.एस. विनय कोठारी ने गीद गवर्नर्स पर अपना वक्तव्य दिया। मुख्य वक्ता डॉ. अजित रानाडे ने ग्लोबल-इकनोमिक-सेनेरियों पर लोगो को म...

JTN चतुर्थ स्थापना दिवस पर नालासोपारा ने धम्म जागरण

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जैन तेरापंथ न्यूज़ चतुर्थ स्थापना दिवस पर तेरापंथ भवन नालासोपारा में तेयुप अध्यक्ष रमेश ढ़ालावत के नेतृत्व में धम्म जागरण का आयोजन किया गया। JTN से प्राप्त मंगल कामना सन्दे...

सुखी परिवार हेतु संप आवश्यक : आचार्य महाश्रमण जी

अहिंसा यात्रा के दौरान स्पेक्ट्रम इंटरनेशनल स्कूल होडल में उपस्थित धर्मसभा को संबोधित करते हुए शांतिदूत राष्ट्र संत आचार्य श्री महाश्रमणजी ने फरमाया कि व्यक्ति सामूहिक जीवन जीता है,कुछ व्यक्ति एकांकी जीवन भी जीते, साधना के क्षेत्र में भी वैयक्तयिक एवं संघबद्ध साधना की बात आती है| जहा वैयक्तिक साधना में व्यक्ति अकेला साधना करता है वही संघबद्ध  साधना  में व्यक्ति समूह में रहकर साधना करता है| गृहस्थ जीवन में प्राय: लोग पारिवारिक जीवन जीते है. परिवार से मिलकर समाज बनता है। जिस  परिवार में संप, सन्मति एवं संपत्ति हो वह स्वर्ग तुल्य सुखी बन सकता है। वही इनके अभाव में परिवार नर्क तुल्य दुखी परिवार बन कर रह जाता है। जिस परिवार में सामूहिक चिन्तन है,संप है,  नशामुक्ति, ईमानदारी जैसे संस्कार है, सन्मति है एवं जीवन की अपेक्षाओं की पूर्ति हेतु आवश्यक सम्पत्ति भी है, वह सुखी परिवार है.।वही जिस परिवार में संप के स्थान पर आपसी कलह,  सन्मति के स्थान पर स्वार्थ और वैमनस्य जैसी कुमति है, एवं सम्पति के अभाव में विपत्ति है तो वह परिवार दुखी परिवार बन जाता है। परिवार में एक दुस...

संयममय हो जीवन : आचार्य श्री महाश्रमणजी

महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी ने आज राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय औरंगाबाद में उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए फ़रमाया कि- दुनिया में दो तत्व है-जीव और अजीव. इन दो के सिवाय हमारी दुनिया में कुछ भी नहीं. हमारा जीवन भी जीव और अजीव का योग है. शरीर जड़ है, अजीव है तो आत्मा चेतन है, जीव है। शरीर और आत्मा के योग से ही जीवन है। सिद्ध परमात्मा में आत्मा है, चेतन है किन्तु शरीर नहीं इसलिए उस अवस्था में जीवन भी नहीं होता।जो जीव और अजीव को जान लेता है वही संयम को जान सकता है, एवं जीवन को संयममय बना सकता है। स्कूल के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पूज्यप्रवर ने फ़रमाया कि-अभिभावक तीन उद्देश्यों से अपने बच्चों को स्कुल भेजते है-  1) विद्या संस्थान में बच्चा ज्ञान सम्पन्न बने। 2) संस्थान में रहते हुए वह आत्मनिर्भर बने एवं कमाई के लायक बन जाए। 3) बच्चा सुसंस्कार सम्पन्न बने। यदि इन तीन उद्देश्यों की पूर्ति में कही कमी रह जाए तो शिक्षा संस्थान सफल नहीं कहे जा सकते। चाहे वह शिक्षा प्रणाली की कमी हो, शिक्षकों की कमी हो या शिक्षा ग्रहण करने वालो की ओर से कमी हो। विद्यालयों में ज्ञान के सा...

जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय में षट्क्रम प्रयोगशाला का शुभारम्भ

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जैन विश्वभारती विश्वविद्यालय के जीवन विज्ञान, प्रेक्षाध्यान एवं योग विभाग के तत्वावधान में षट्क्रम प्रयोग शाला का उद्घाटन कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञा की अध्यक्षता में किया गया। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन में स्थापित षट्क्रम प्रयोगशाला का उद्घाटन जैन विश्वभारती के अध्यक्ष धर्मचन्द लूंकड ने फिता काटक र किया। षट्क्रम प्रयोगशाला की जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो जेपीएन मिश्रा ने बताया कि षट्क्रम प्रयोगशाला के माध्यम से विभा ग के विद्यार्थी योग विद्या वर्णित षट्क्रम के प्रयोग यथा जलनेति, रबडनेति, सूत्रनेति, व्यूतक्रम एवं शीतक्रम कपालभाति के साथ साथ कुंजल एवं वस्त्रधोति आदि सुगमता से कर सकेगें। प्रो मिश्रा ने बताया कि विभाग में अवस्थित इस प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले योग शिविरो में आने वाले प्रशिक्षणार्थी प्रयोगशाला का उपयोग कर स्वास्थ्य लाभ प्रापत कर सकेगें।। इस अवसर पर जैन विश्वभारती के मंत्री अरविन्द गोठी, विश्वविद्यालय के मुख्य सलाहकार शांतिलाल गोलछा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

तेरापंथ युवक परिषद् मैसूर द्वारा स्वच्छ भारत अभियान

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तेरापंथ युवक परिषद्, मैसूर द्वारा "प्रधानमंत्री" नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के समर्थन में मैसूर के पवित्र स्थलों मे एक स्थल चामुंडी पहाड़ी के मार्ग में सफाई अभियान चलाया गया। इस सफाई अभियान में तेरापंथ सभा, महिला मंडल, युवा वाहिनी, किशोर मंडल एवम् कन्या मंडल सभी ने हिस्सा लिया एवम् स्वच्छता का संकल्प लिया । विशेष बात यह थी इस सफाई अभियान मे लगभग 110 से ज्यादा लोगो थे जिसमे 6 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक के लोगो ने भाग लिया।  फोटो व संवाद साभार : अभातेयुप के कोषाध्यक्ष श्री विमल कटारिया, मैसूर JTN से लक्की श्री श्री माल प्रस्तुति : अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ से पंकज दुधोड़िया, समकीत पारीख , 

अहिंसा यात्रा के प्रवर्तक आचार्य श्री महाश्रमण जी का नागरिक अभिनन्दन समारोह

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नागरिक अभिनन्दन एवं स्वागत समारोह दिल्ली, एन.सी.आर. -  16 नवम्बर 2014 अहिंसा यात्रा के प्रवर्तक आचार्य श्री महाश्रमण जी का हरियाणा की औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में नागरिक अभिनन्दन एवं स्वागत समारोह आयोजित हुआ फरीदाबाद के मेयर श्री अशोक अरोड़ा ने अभिनन्दन पत्र का वाचन किया। महापौर के साथ अभिनन्दन पत्र समर्पित करते हुए मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केन्द्रीय राज्यमंत्री (सड़क, परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी) श्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि अपनी जन्मभूमि एवं कर्मभूमि फरीदाबाद में अहिंसा यात्रा एवं धवल सेना संग पधारे पूज्य आचार्य श्री का स्वागत करता हूं। आपने अहिंसा पथ को पुनः मण्डित करके दिखाया है। अहिंसा यात्रा के माध्यम से देश दुनिया का भला करने निकले आचार्य जी के नैतिकता, सद्भावना व नशामुक्ति के उद्देश्य हमारे जीवन का हिस्सा बने और इससे पूरे देश व विश्व में शांति कायम हो सके ऐसी मंगल कामना करता हूं।  आचार्य श्री महाश्रमण जी ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा- कि हमारी चेतना पर गलत संस्कारो का असर न पड़ने दें। संत संगत का उपयोग जीवन की दशा व दिशा...

आचार्य तुलसी स्मारक पर सांयकालीन दैनिक जप के क्रम का हुआ शुभारम्भ

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जैन विश्व भारती में आचार्य तुलसी स्मारक पर सांयकालीन दैनिक जप के क्रम का हुआ शुभारम्भ लाडनूं. 15 नवम्बर. जैन विश्व भारती की द्विदिवसीय राष्ट्रीय चिंतन संगोष्ठी लाडनूं में आज से समायोजित थी . इस अवसर पर जैन विश्व भारती परिसर में अवस्थित आचार्य तुलसी स्मारक पर सांयकालीन दैनिक जप के क्रम का शुभारम्भ समणी नियोजिका ऋजुप्रज्ञाजी एवं जैन विश्व भारती संस्थान की कुलपति समणी चारित्रप्रज्ञाजी आदि समणी वृन्द के सान्निध्य में सांय ७ बजे से हुआ. ॐ जय ॐ जय ॐ गुरुदेव.... ...मंगलकारी तुम स्वयमेव...ॐ जय तुलसी तुलसी नाम....ॐ ह्रीं श्रीं अर्हम शुभ धाम...के पावन मंत्रोच्चार से परिसर में वातावरण पवित्र बन गया. जैन विश्व भारती के अध्यक्ष डॉ. धरमचंद लूंकड़, पदाधिकारी गण, न्यासी गण, संचालिका समिति सदस्य गण, जैन विश्व भारती एवं विश्वविद्यालय परिवार सहित लाडनूं के नगरजन आदि करीब ५०० से अधिक लोग उपस्थिति थे. आज से प्रारम्भ हुआ यह जप का क्रम में सम्मिलित होकर इस क्रम को निरन्तर जारी रखने की भावना उपस्थितों ने जतायी. इसप्रकार से दैनिक जप का क्रम शुरू होने से सभी हर्षित थे एवं परिसर में उत्साह का माहौल था. ...

Mangal Bhawna for the current Ahimsa Yatra

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Jain Karyavahini holds regular classes on every Thursday at Mahasabha Bhawan wherein Karyavahak’s congregate and observe Samayik regularly. This week’s class was held on Thursday, 13th November 2014 at Mahasabha Bhawan which was attended by 52 Karyawahaks. The principal speaker was Sri Sushil Bafana who happens to be an Upasak also. Sri Bafana explained finer points of Ahimsa Yatra undertaken in the past citing some important instances. He also narrated important occasion during on foot journey by Acharyashri Tulsi and his meeting with eminent scholars and personalities in course of journey. He also expressed his Mangal Bhawna for the current Ahimsa Yatra undertaken by H.H. Acharyashri Mahashramanji from 9th November 2014. Sri Bafana also informed the members present that “Gurudev has declared that birth centenary year of Acharyashri Mahapragyaji which shall be celebrated from Ashadh Krishna 13 Samvat 2076 to Ashadh Krishna 13 Samvat 2077. The places of celebration shall be decided...

ज्ञानशाला प्रशिक्षक स्वर लहरी माणकगणी जोन मुंबई

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा मुंबई के तत्वाधान में व आंचलिक संयोजिका सुधा सिंयाल के नेतृत्व में सह संयोजिका लीला पटवारी व विभागीय संयोजिका इंदु बडाला के सहयोग से मरोल में माणकगणी जोन की " ज्ञानशाला प्रशिक्षक स्वर लहरी" प्रतियोगिता साध्वी श्री प्रज्ञाश्री जी के सानिध्य में आयोजित की गई। कार्यक्रम का प्रारंभ मंगलाचरण से हुआ जज के रूप में मनीषा कोठारी, नीलम बाफना , व चंचल तातेड़ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का संचालन जोन संयोजिका मीना धींग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशेष सहयोगी सुशीला बडाला व मरोल महिला मंडल की उपस्थिति रही 15 प्रशिक्षकों ने प्रतियोगिता में भाग लिया । कार्यक्रम में 1)प्रतीक्षा चोरडिया संतोष नगर 2)दीक्षा बोहरा  मरोल 3)मीना धींग संतोष नगर को पुरस्कार प्रदान किया गया । साध्वी श्री जी  ने प्रेरणा पाथेय में  फ़रमाया की संगीत के द्वारा बड़ी बड़ी  समस्याओं का समाधान किया जा सकता है एवं मंगल पाठ के द्वरा कार्यक्रम का समापन किया गया और आभार ज्ञापन मुंबई ज्ञानशाला समिती मेंबर अनीता परमार द्वारा किया गया कार्यक्रम बहुत ही सफल रहा । जैन ...

ऐ सूरज यही तो वक्त है तेरे निकलने का!

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आचार्य महाश्रमण की अहिंसा यात्रा का आगाज (9 नवंबर 2014) ऐ सूरज यही तो वक्त है तेरे निकलने का! लेखक - आलोक खटेड़ (लाडनूं) भारत की गौरवषाली अध्यात्म परंपरा में तेरापंथ धर्मसंघ का अपना एक विशिष्ट स्थान है। इस धर्म संघ के वर्तमान अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण अपने उपदेशों के आलोक से प्रतिदिन सैंकड़ों लोगों के जीवन के रूपांतरण का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। आचार्य तुलसी और आचार्य महाप्रज्ञ के मार्गदर्शन से आलोकित आपके व्यक्तित्व की आभा से समाज अभिभूत है। आपके उपदेषों की ऊष्मा से हजारों लोगों के जीवन की दशा और दिशा परिवर्तित हुई है। ऐसे ऊर्जावान संत आचार्य महाश्रमण आगामी 9 नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली के लाल किले से अहिंसा यात्रा पुनः प्रारंभ कर रहे हैं। 4 दिसंबर 2001 को तेरापंथ के तत्कालीन अधिशास्ता आचार्य महाप्रज्ञ ने राजस्थान के सुजानगढ कस्बे से अहिंसा यात्रा के माध्यम से राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों के 500 से अधिक गांवों, कस्बों व शहरों की पद यात्रा कर लाखों लोगों को अहिंसा का संदेश दिया। इस संपूर्ण यात्रा में आचार्य म...

बच्चों में संस्कार का निर्माण हो - रविन्द्र मुनि

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जीवन विज्ञान आकादमी भीलवाडा की ओर से मुनि श्री शासन श्री रविन्द्र कुमार जी के सान्निध्य में कन्या विद्यालय भीलवाडा में संस्कार निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया. वहा पर उपस्थित बीएड की छात्राओ को नशा मुक्ति संकल्प भी दिलवाए गए । इस अवसर पर अध्यक्ष मनोहरलाल बाफना एंव शंकरलाल पितलिया आदि उपस्तिथ थे।  जैतेस न्यूज़ भीलवाडा से गौतम दुगड़ फोटो साभार ललित दुगड़ ।

मंगल भावना समारोह जाटावासजोधपुर

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शासनश्री साध्वी श्री गुलाबकंवरजी का मंगलभावना समारोह आज तेरापंथ भवन जाटावास में मनाया गया। दिलीप मालू ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की।साध्वी श्री ने अपना मंगल उद्बोधन दिया महिला मंडल द्वारा गीतिका का संगान किया गया। सभा अध्यक्ष श्रीमान शान्तिलाल जी चौपड़ा, उपाध्यक्ष श्रीरतनलाल जी कागोत, अणुव्रत महासमिति के महामंत्री श्री मर्यादा जी कोठरी, तेयुप अध्यक्ष श्रीजम्बू जी चौपड़ा एवं महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती चंदा जी कोठरी ने अपने वक्तव्य रखे।मंच का संचालन तेरापंथ सभा के मंत्री श्रीमान मूलचन्द जी तातेड़ ने किया। जोधपुर से  दिलीप मालू एवं ज्योति नाहटा

भिक्षु भजन संध्या का आयोजन : तेजपुर में JTN का चतुर्थ स्थापना दिवस

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जैन तेरापंथ न्यूज़ (JTN)  के स्थापना दिवस के उपलक्ष मेँ तेरापंथ युवक परिषद तेजपुर ने माणक भवन मेँ भिक्षु भजन संध्या का आयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुशीला देवी दुगङ ने किया। महिला मंडल की सदस्यो ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया वह अन्य महानुभाव ने भिक्षु के ऊपर अपने भजन प्रस्तुति दी ।जेन तेरापंथ न्यूज़ के स्थानीय प्रतिनिधि श्री पंकज जी धारीवाल ने जेन तेरापंथ न्यूज़ के बारे मेँ विस्तृत जानकारी उपस्तिथ सभा को दी ।  यह उपक्रम अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा संपूर्ण भारतवर्ष एवम विदेशो मेँ चलाया जा रहा हे जिसके अंतर्गत संचार माध्यम के बर्तमान साधनो द्वारा संगठन की गतिविधियोँ की जानकारी लाखो लोगो तक पहुंचाई जाती हे।

जेटीएन चतुर्थ स्थापना दिवस पर हुबली में अभिनव सामयिक

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 हुबली. ३१ अक्तूबर. जैन तेरापंथ न्यूज़ JTN के चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर  साध्वी श्री काव्य्लताजी के सान्निध्य में स्थानीय तेरापंथ भवन में अभिनव सामायिक का आयोजन किया गया.साध्वीश्रीजी ने उपस्थित श्रावक समाज कोअभिनव सामयिक का प्रयोग करवाया. उन्होंने अभिनव सामयिक के महत्त्व एवं विधि को समझाया. प्रयोग के पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने जैन तेरापंथ न्यूज़ को आज के मीडया के युग में युवा पीढी में धर्म के प्रति रूचि जगाने हेतु महत्वपूर्ण उपक्रम बताया. उन्होंने फरमाया कि आज जैन तेरापंथ न्यूज़ के माध्यम से केंद्र एवं अन्यत्र के सभी संघीय समाचार अति शीघ्र मिल जाते है. इस अवसर पर तेयुप मंत्री एवं JTN के उत्तर कर्नाटक संयोजक श्री मुकेश भटेवरा ने जैन तेरापंथ न्यूज़ के बारे में अधिक जानकारी दी. तेरापंथ सभा, महिला मंडल के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में लोगों में अभिनव सामयिक का प्रयोग कर निर्जरा का लाभ लिया.