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Showing posts from February, 2016

साधना से चित्त समाधि : आचार्य महाश्रमण

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बिधाननगर, २४ फरवरी. महातपस्वी महामनस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी ने अपने प्रातःकालीन उद्बोधन में फरमाया कि हमारे जीवन में समाधि का बहुत बहुत महत्व है। हमारे चित्त में शांति रहें यह बड़ी चीज है। आचार्य प्रवर ने कहा कि दो स्थितियाॅ है एक तो सुविधा और एक शांति। सुविधा और शांति का थोड़ा कई संबंध हो सकता है। लेकिन  सुविधा अलग चीज है शांति अलग चीज है। गृहस्थ लोगो के पास सुविधा के साधन बहुत होते है। बड़े बड़े बंगले, यात्रा केे लिए प्लेन - कार कितने कितने साधन गृहस्थ के पास उपलब्ध हो सकते है और खाने पीने के लिए अच्छे अच्छे पदार्थ होते है। पर सुविधा होने से शांति हो ही जायेगी यह कहना मुश्किल है। सुविधाओ के होने पर भी मन में भी अशांति हो सकती है।  एक आदमी जो न कार में न ट्रेन में न प्लेन में और न ही ए.सी के कमरे में बेठता है। फिर भी उसके मन में बड़ी शांति समाधि हो सकती है और एक साधनाशील साधु के मन में जो शांति समाधि हो सकती है वह समाधि बड़े बड़े धनाढ्यों के चित्त में भी न हो। साधना से शांति मिलती है और सुविधा से शांति मिलना आवश्यक नही है। शांति और समाधि पाने के लिए सत संकल्प जीवन में होना चाहि...

साध्वी श्री अकलकंवरजी की स्मृति सभा

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साध्वी श्री विनय श्री जी के पावन सानिध्य में साध्वी श्री अकल कँवर जी जोधपुर की स्मृति सभा दिनाँक 21.02.16 को तेरापंथ भवन जाटाबास में आयोजित की गयी।  साध्वी श्री रम्यप्रभाजी एवं साध्वी श्री आस्थाप्रभाजी  द्वारा मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरूआत हुई । इस अवसर पर सभाध्यक्ष शांतिलाल चोपड़ा, मंत्री मूल चंद तातेड़, आशा सिंघवी, सरिता बैद, तेयुप अध्यक्ष राजेन्द्र समदड़िया, देवेन्द्र गेलडा, धनपत राज मेहता, तेयुप मंत्री मितेश जैन आदि ने विचार व्यक्त किये। साध्वी श्री अचलकंवरजी साध्वी श्री कमलप्रभाजी की सहवर्तिनी साध्वी थी जिनका हाल ही में जयपुर में देवलोकगमन हो गया ।साध्वी श्री जी के संसारपक्षीय परिवारजनों द्वारा सामूहिक गीतिका की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेन्द्रराज गेलडा ने किया। ज्योति नाहटा ABTYP JTN जोधपुर

RSS प्रमुख श्री मोहन भावगत ने किए पूज्यप्रवर के दर्शन

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इस्लामपुर, 21 फरवरी. हर साल चतुर्मास में आचार्यश्री के दर्शन व सुनने का लाभ प्राप्त करने के लिए पहुंचने वाले आरएसएस प्रमुख इस बार किन्हीं कारणों से आचार्यश्री के नेपाल चतुर्मास में उपस्थित नहीं हो पाए तो वे रविवार को आचार्यश्री का दर्शन करने इस्लामपुर पहुंचे।  परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी ने फरमाया - आज के समारोह में आरएसएस प्रमुख श्री भावगत साहब का समागमन हुआ। उससे पहले भी कई क्षेत्रों में समागमन हुआ था। इस बार चतुर्मास के बाद समागमन हुआ है तो अच्छा लगा। आपका राष्ट्र की ओर से आपका मार्गदर्शन मिलता रहे। आध्यात्मिक सेवा मिलती रहे। मनिषी व्यक्ति जिम्मेदार होते हैं। राष्ट्र को जब अच्छा मार्गदर्शन मिलता है तो राष्ट्र व समाज दोनों के लिए अच्छी बात होती है। इसका खूब लाभ मिले। राष्ट्र व समाज का उत्थान हो और आपकी आध्यात्मिक सेवा ऐसे ही राष्ट्र को मिलती रहे। श्री भागवत ने कहा कि आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी के समय में इस तेरापंथ धर्मसंघ को पहली बार नजदीक से जानने का अवसर प्राप्त हुआ। पहली ही बार में लगा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व तेरापंथ धर्मसंघ में बहुत समानताएं हैं। म...

तप त्याग से निखरता है जीवन : आचार्य श्री महाश्रमण

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इस्लामपुर, 21 फरवरी. महातपस्वी, महामनस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी ने अपने प्रातःकालीन उद्बोधन में फरमाया किं आदमी संसार में सुखी कैसे बन सकता है ? कई बातें इस संबंध में बताई गयी हैं। इनमें सबसे पहली बात बताई गयी अपने आपको तपाओ। आराम व सुविधावृत्ति को त्यागो। जीवन में यदि आगे बढ़ना है तो हमें इन्द्रिय सुखों से कुछ विरत होना होगा। कुछ कठिनाईयों को झेलने का मादा रखना चाहिए। एक कार्यकर्ता काम करता है, तो वह यह नहीं देखता कि मुझे कहां कितनी सुविधा मिल रही है, वह तो काम के लिए जाना जाता है। कहीं जमीन पर सोना हो जाता है तो कहीं सोने के लिए पलंग सहित अन्य सुविधाएं प्राप्त हो सकती हैं। उसके सामने जैसी स्थिति आए उसका सामना उसे करना चाहिए। सोना जब तपता है तो उसमें निखार आता है उसी तरह आदमी जब अपने जीवन में तप करता है, त्याग करता है तो वह निखरता है।  साधु-साध्वियों की उपस्थिति में प्रति चतुर्दशी को होने वाली हाजरी के उपक्रम को संचालित करते हुए आचार्यश्री ने मर्यादाओं के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा प्रदान की। आचार्यश्री के स्वागत में निधि बोथरा व दीपिका बोथरा ने गीत प्रस्तुत क...

Fwd: विश्व का विलक्षण पर्व "मर्यादा महोत्सव":बालोतरा

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बालोतरा न्यू तेरापंथ भवन में महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री कनकरेखा जी के सानिध्य में तेरापंथ सभा के तत्वधान में 152वां मर्यादा महोत्सव अपूर्व उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री गुणप्रेक्षाजी,संवरविभाजी,अखिलयशाजी, मृदुप्रभाजी व केवलप्रभाजी के "भारी मर्यादा बाँधी संघ में"गीत के अनमोल बोल से हुआ। साध्वी श्री कनकरेखाजी ने अध्यात्म परिषद् को संबोधित करते हुए कहा-विश्व का विलक्षण पर्व है मर्यादा महोत्सव।संभवत किसी भी धर्मसंघ में मर्यादा का उत्सव मनाने की परम्परा नहीं है। तेरापन्थ के चतुर्थ आचार्य जयचार्य के द्वारा इसी बालोतरा की पावन धरा पर इस महोत्सव का शुभारंभ हुआ।श्रद्धा,समर्पण और अनुशासन का गुलदस्ता है- मर्यादा।जीवन विकास में मर्यादा का सर्वोपरि स्थान है।संगठन का मूल आचार है मर्यादा। एक आचार, एक विचार एवं एक आचार्य की त्रिवेणी का संगम है मर्यादा।आगे आपने तेरापंथ धर्मसंघ के प्रति श्रद्धा समर्पित करते हुए मर्यादा कि विशेष धारायों का उल्लेख करते हुए हाजरी का वाचन किया। इस अवसर पर साध्वीवृन्द ने स...

अणुव्रत समिति सिलिगुडी द्वारा सेवा कार्य

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अणुव्रत समिति सिलिगुडी द्वारा स्वयंसेवा संस्था "स्पर्श ओ स्पंदन" के बच्चों को गद्दा और मच्छरदानी प्रदान किया गया। इस सेवा कार्य मे महासमिति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री मदन जी मालू, श्री तोलाराम जी सेठिया, श्री हनुमान जी मालू, अणुव्रत समिति के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जी घोडवत, मंत्री करण जी मालु, कोषाध्यक्ष उमेद जी पारख, प्रचार प्रभारी श्री सुनील जी जैन, परामर्श श्री मदन जी संचेती और डा श्याम सुंदर जी  अग्रवाल उपस्थित थे। संवाद साभार : हेमंत बैद सिलीगुड़ी  

"Let's make life simple" कार्यशाला : मुंबई

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अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार मुम्बई महिला मंडल ने "Let's make life simple"  कार्यशाला आयोजित की। कार्यक्रम की शुभ शुरुआत नमस्कार महामंत्र के उच्चारण द्वारा हुई। प्रेक्षाध्यान के प्रशिक्षक पारस जी दुग्गड़ ने अपने प्रेक्षाध्यान के अंतर्गत बताया कि योग, महाप्राण ध्वनि, कार्योत्सर्ग, अनुप्रेक्षा, मुद्राएँ इन सब प्रयोगों से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी हम निजात पा सकते है। प्रेक्षाध्यान के द्वारा हम कैंसर से छुटकारा पा सकते है। "कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती , लहरों से डरकर नोका पार नहीं हो सकती ।" इस तरह  पारसजी ने कहा कि हर दिन 10 मिनट इन प्रयोगों को अपने जीवन में शामिल करे। सभी मरीज़ो ने प्रेक्षाध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अभामम की उपाध्यक्ष कुमुदजी कच्छारा, अध्यक्षा भारतीजी सेठिया, मंत्री तरुणाजी बोहरा, सहमंत्री चंदा कोठारी, कन्यामण्डल प्रभारी कंचन बम्ब, सहप्रभारी सरोज सिंघवी, ज्ञानशाला आंचलिक संयोजिका सुधाजी सियाल, कन्यामण्डल संयोजिका रिया चौरड़िया, सह संयोजिका सेजल सिंघवी व श्रेया बापना एवं प...

श्रीमद् जयाचार्य ने मर्यादा महोत्सव का प्रारंभ बालोतरा से किया था - साध्वी श्री कुंदन प्रभाजी

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14 फरवरी 2016, साध्वी श्री कुंदन प्रभाजी आदि ठाणा 4 के सान्निध्य माधापर कच्छ में 152वां मर्यादा महोत्सव मनाया गया। सभा अध्यक्ष सुरेश भाई मेहता ने स्वागत भाषण देते हुए कच्छ से पधारे हुए लोगो का स्वागत किया। मर्यादा महोत्सव के पावन अवसर पर साध्वी श्री कुन्दनप्रभाजी ने फरमाया की आज का दिन तेरापंथ धर्म संघ का एक महत्वपूर्ण दिन है। श्रीमद् जयाचार्य ने मर्यादा महोत्सव का प्रारंभ बालोतरा से किया था। समग्र संघ की मर्यादा का सार है मर्यादा महोत्सव। विश्व का एक मात्र धर्म संघ तेरापंथ धर्म संघ में ही मर्यादा महोत्सव मनाया जाता है। आज के दिन ही चातुर्मास की घोषणा परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी करते है। भुज मांडवी अंजार गांधीधाम रापर आदि क्षेत्रो से लोगो ने अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का संचालन ज़ील मेहता एवम् अलका खण्डोर ने किया। आभार ज्ञापन जिगर खण्डोर ने कीया।  संवाद साभार : आदर्श संघवी

तेरापंथ युवक परिषद् वलसाड द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन

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दिनांक 15 फरवरी 2016 सोमवार को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वाधान में तेरापंथ युवक परिषद् वलसाड द्वारा मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के तहत रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सभी सदस्यों ने रक्तदान में उत्साह से भाग लिया। रक्तदान के द्वारा कुल 42 यूनिट रक्त एकत्रीत किया गया। संवाद / फ़ोटो साभार :  मनोज दक, बसंत मनोत, JTN से टीना कोठारी

ज्ञानशाला के बच्चों का जन्मदिवस जैन संस्कार विधि से: तेयुप गोरेगांव

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संतोष नगर ज्ञानशाला गोरेगांव ईस्ट में ज्ञानशाला बच्चों का जैन संस्कार विधि से तेयुप गोरेगांव के तत्वाधान में जन्मोत्सव मनाया गया। संस्कारक के रूप में उपासक सुरेश जी ओस्तवाल व सहसंस्कारक के रूप में नीलम कोठारी, प्रतीक्षा चोरडिया थी। इस अवसर पर तेयुप अध्यक्ष राकेश बोहरा एवं मिडिया प्रभारी व अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ प्रतिनिधि महावीर कोठारी, कार्यकारिणी सदस्य, महिला मंडल ज्ञानशाला प्रशिक्षक पूजा सिंघवी,लीला बडाला, ललिता कोठारी,कल्पना चोरडिया,आदि की सराहनीय उपस्थिति रही उपासक सुरेश जी ओस्तवाल की प्रेरणा से  ज्ञानशाला के हर एक बच्चे का जन्मोत्सव जैन संस्कार विधि से ज्ञानशाला में मनाया जायेगा।

आचार्य तुलसी जैन हॉस्टल का अवलोकन

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अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् की एक महत्वपूर्ण योजना ' आचार्य तुलसी जैन हॉस्टल' के लिए एक महत्वपूर्ण संगोष्टी मुनिश्री प्रशांत कुमारजी थाना ३ के सानिध्य में श्री विमलजी कटारिया के निवास स्थान पर आयोजित की गई। इस योजना के अंतर्गत भूखंड ले लिया गया है एवं आगे के इसके प्रारूप जेसे ट्रस्टी बनाना, उद्घाटन की तिथि सूनिस्चित करना आदि के लिए चिंतन किया गया। राष्ट्रीय महामन्त्री विमल कटारिया ने योजना की सम्पूर्ण जानकारी मुनिश्री को प्रेषित करते हुए बताया कि बताया की इसका interiors का काम अतिशीघ्र शुरू किया जायेगा, एवं 2016 तक इसके उद्घाटन का लक्ष्य है, इसी बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर पर आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर भी खोला जायेगा। मुनिश्री ने जगह पधारकर अवलोकन किया व प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए फ़रमाया की मानव सेवा को समर्पित ऐसे स्थायी उपक्रम समाज में होने चाहिए सभी को मंगल पाठ सुनाया। इस अवसर पर महासभा पूर्व अध्यक्ष श्री हीरालालजी मालू , युवा गौरव मूलचंद जी नाहर,श्रेस्ठ कार्यकर्ता श्री प्रकाशजी लोढ़ा,  श्री राजेश चावत, श्री पवन मांडोत, श्री राजेश छाजेड़, समिति स...

जोधपुर में मना 152वां मर्यादा महोत्सव

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तेरापंथ भवन अमरनगर में साध्वी श्री विनयश्री जी,  शासन श्री साध्वी श्री चाँदकुमारीजी, शासन श्री साध्वी श्री गुलाबकंवरजी, साध्वी श्री शुभवतीजी एवं साध्वी श्री मधुरेखाजी के सानिध्य में 152वां मर्यादा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । कार्यक्रम की शुरुआत महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण से हुई।सभा अध्यक्ष श्री मांगीलालजी बुरड़ एवं शांतिलाल जी चौपड़ा ने अपने वक्तव्य में सभी का स्वागत एवं आभार प्रकट किया । तेयुप मंत्री मितेश जैन ने भी अपने विचार रखे। साध्वी वृन्द ने अत्यंत ही सुन्दर सामूहिक गीतिका का संगान किया । कार्यक्रम का संचालन साध्वी श्री संपूर्णयशाजी ने किया । रिपोर्ट: ज्योति नाहटा 

साध्वीश्री गुप्तिप्रभाजी के सान्निध्य में दुर्ग - भिलाई में 152वां मर्यादा महोत्सव

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14 फरवरी 2016, छतीसगढ़, ABTYP JTN से प्रदीप पगारिया की रिपोर्ट, साध्वीश्री गुप्तिप्रभाजी के सान्निध्य में दुर्ग - भिलाई में 152वां मर्यादा महोत्सव मनाया गया। साध्वीश्री गुप्तिप्रभाजी ने कहा संघबद्ध साधना के कुछ सूत्र जिन्हें अपनाना अपेक्षित है - अहंकार विलय, आत्म निरिक्षण, अपूर्णता का बोध, पारस्परिक सहयोग, संविभाग। आपने उदबोधन में आगे कहा -  "मर्यादा और व्यवस्था आचार्य भिक्षु के हाथों का आर्ट है, मर्यादा में चलने वाला हर साधक होता स्मार्ट है, एक शब्द में कहूँ तो निचोड़ यही है,मर्यादा अनुशासन तेरापंथ का हार्ट है।" साध्वीश्री कुसुमलताजी ने गीत व भाषण द्वारा अपने विचार रखें। साध्वीश्री मौलिकयशाजी व साध्वीश्री भावितयशाजी ने गीतिका द्वारा भावपूर्ण प्रस्तुति दी। डॉ. मदनलाल जैन, जीतमल जैन, निर्मल दुधोडिया, निधि बरमेचा, दानमल पोरवाल आदि ने भाषण द्वारा अपने भावों की प्रस्तुति दी। उषा बागमार, शोभा पोरवाल, शांति बरडिया, महिला मंडल राजनांदगांव, महिला मंडल दुर्ग भिलाई, व सुनीता बेंगाणी ने गीतिका द्वारा सुंदर अभिव्यक्ति दी। महिला मंडल दुर्ग भिलाई द्वारा तेरापंथ की अनुशासन...

ये कोई उत्सव का प्रसंग नहीं बल्कि मनुष्य को उसकी मर्यादा से अवगत कराना है - शासन श्री साध्वी नगीना श्री जी

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आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या "शासन श्री" साध्वी श्री नगीना श्री जी एवं साध्वी श्री मधुबाला श्री जी एवं साध्वी वृंद के सान्निध्य में मर्यादा महोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन अणुव्रत सभागार वाशी में हुआ।  जिसमे मुम्बई के अलावा नेरुल, सीबीड़ी बेलापुर, कामोठे, खारघर, पनवेल, उरण, तुर्भे, घणसोली, कोपर खेरने, ऐरोली आदी क्षेत्रो से श्रावक समाज उपस्थित था।  कार्यक्रम की शुरुवात साध्वी श्री मधुबाला श्री द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुई । सीबीडी बेलापुर महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई।तेयुप वाशी मंत्री विमल सामर ने कार्यक्रम में आये श्रावक समाज एवं अतिथियों का स्वागत किया। महिला मंडल सयोजिका सुमन बाफना, निर्मला चंडालिया, प्रकाश बोहरा ने अपने विचार रखे।    नववधुओं ने सुंदर गीतिका की प्रस्तुति दी जिनके बोल थे "यह संघ हमारा मथुरा काशी अरष्ठ तीर्थ समाए" जिसे सुनकर हर कोई भावविभोर हो गया। ज्ञान शाला के बच्चों ने तेरापंथ धर्मसंघ की अब तक यात्रा एवं धर्मसंघ के गुरुवों के संघर्ष को नाटक के माध्यम से प्रस्तुति दी। स्वरांजलि ग्रुप द्वारा सुन्द...

मर्यादा महोत्सव द्वितीय दिवस

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तेरापंथ के ग्यारहवें अधिशास्ता,पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के सानिध्य में मर्यादा महोत्सव द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ। वन्दे गुरुवरम और जय जय ज्योतिचरण से गुंजायमान हुआ पण्डाल मर्यादा महोत्सव के साक्षी बनने उमड़े हजारों श्रद्धालु  द्वितीय दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय "महाश्रमण दरबार में रहता सदा हर्ष और उल्लास दर्शन को आतुर श्रावक समाज आता दूर दूर से खास"  अद्भुत नजारा, अकल्पनीय दृश्य बिहार के राज्यपाल महामहिम रामनाथ कोबिन्द हुए मर्यादा महोत्सव के कार्यक्रम में सरीक राष्ट्रगान शुरू होने पर हजारो का जनसमूह ने अपने स्थान पर खड़ा हो कर किया संगान तेरापंथ सरताज आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शन करते हुए मर्यादा महोत्सव के ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने पधारे बिहार के राज्यपाल महामहिम श्री रामनाथ कोबिन्द  152वें मर्यादा महोत्सव के द्वितीय दिवस पर पूज्य प्रवर का मंगल उदबोधन का महावीर तुम्हारे चरणों में,श्रद्धा के कुसुम चढ़ाएं के साथ शुभारंभ महामहिम राज्यपाल श्री रामनाथ ...