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Showing posts from February, 2017

समय का अंकन करें : आचार्यश्री महाश्रमण

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आचार्यश्री महाश्रमण           28 फरवरी, फारबिसगंज। अहिंसा यात्रा प्रणेता महातपस्वी शांतिदूत परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी आज प्रात: माणिकपुर से लगभग 14 कि. मी. का विहार कर धवल सेना सह फारबिसगंज पधारे। फारबिसगंज श्रावक समाज ने अपने आराध्य का श्रद्धा भक्ति से भव्य जुलुस के साथ स्वागत अभिवंदन किया।             पूज्यप्रवर ने प्रात:कालीन प्रवचन में समय के महत्व को बताते हुए फरमाया - आर्हत वांग्मय में कहा गया है - खणं जाणाहि पंडिए । पंडित, तू क्षण को जान । घड़ी में सैकंड का सुइया आगे बढ़ता दिख रहा है, मानो क्षण क्षण बीत रहा है। सेकंड का सुइया मानो अवबोध दे रहा है कि किस प्रकार समय आगे बढ़ता जा रहा है। इस सुइये को तो फिर भी कोई रोक दे, घड़ी को बंद कर दे, पर समय को नहीं रोका जा सकता। ये सेकंड का सुइया तो सूचक मात्र है समय का, ये अपने आप में समय नहीं है। समय को रोकना किसी के वश की बात नहीं है।            पूज्यप्रवर ने काल के चक्र के सन्दर्भ में पद्य फरमाया - "ये चक्की चली काल की, कोई रोक ना सकी ।" ...

Jain Terapanth News Bulletin 59/17

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अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ बुलेटिन 🔹 अंक 59/2017 🔹 मंगलवार, 28 फ़रवरी 2017  🔹 माघ वदी 1, संवत 2073  🔹कुल  पृष्ट 10 ◆ पूज्य प्रवर प्रवचन झलकियां : 27, फरवरी 2017 ◆ अणुव्रत स्थापना दिवस : कोलकाता ◆ श्री उत्सव : उधना, सूरत ◆ स्वच्छ भारत WALKTHON : जयपुर ◆ वाशी में अनाथ बच्चो एवं बुज़ुर्गो को सहयोग एवं सामायिक बुक का विमोचन ◆ तेयुप बारडोली द्वारा आयोजित मिशन हेल्थी इन्डिया कार्यक्रम ◆ स्वच्छ भारत अभियान व वृक्षारोपण अभियान ;वाशी नवी मुम्बई ◆ विहार प्रवास ◆ आगामी कार्यक्रम ◆ दैनिक पंचांग प्रस्तुति :- अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़

Jain Terapanth News Bulletin 58/17

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अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ बुलेटिन 🔹 अंक 58/2017 🔹 सोमवार, 27 फ़रवरी 2017  🔹 माघ वदी 1, संवत 2073  🔹कुल  पृष्ट 10 🔹 पूज्य प्रवर प्रवचन झलकियां : 26, फरवरी 2017 🔹 बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट : ठाणे, मुम्बई 🔹ONE NATION ONE MISSION : हैदराबाद 🔹आध्यात्मिक मिलन : देवलगावमहि 🔹 बजट एवं GST कार्यक्रम : गुवाहाटी 🔹 जैन संस्कार विधि 🔹 मानव सेवा का महनीय उपक्रम : टीटीएफ 🔹विहार प्रवास 🔹 आगामी कार्यक्रम 🔹पंचांग प्रस्तुति :- अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़

अणुव्रत स्थापना दिवस : कोलकाता

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अणुव्रत समिति कोलकाता के तत्वाधान में ६८वां अणुव्रत स्थापना दिवस कार्यक्रम रविवार २६ फरवरी को साध्वी श्री गुप्तिप्रभा जी के सान्निध्य में साउथ कोलकाता सभा भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण अणुव्रत गीत "नैतिकता की सुरसरिता..." से हुआ। अणुव्रत समिति कोलकाता के कर्मठ अध्यक्ष श्री महेंद्र पारख ने अपने स्वागत वक्तव्य में विभिन्न सभा संस्थाओं के पदाधिकारियों तथा श्रावक श्राविकाओं का स्वागत करते हुए साध्वी श्री के प्रति अनंत आभार व्यक्त करते हुए कहा की आपने रविवारीय प्रवचन में हमें कार्यक्रम करने की अनुमति प्रदान किया ।  अणुव्रत समिति के मार्गदर्शक श्री भवरलाल बैद, अणुव्रत महासमिति के उपाध्यक्ष श्री प्रताप दुगड़ ने अपने विचार व्यक्त किया।  समणी मलय प्रज्ञा जी व समणी सन्मति प्रज्ञा जी ने सारगर्भित वक्तव्य द्वारा अणुव्रत के महत्व व उपयोगिता के बारे मे बताया। अणुव्रत समिति के सक्रिय मंत्री श्री बसंत सुराणा ने अपने वक्तव्य में सामाजिक कुरूढ़ियों पर अपने विचार रखें।  साध्वी श्री मौलिकयशा जी ने कथानक ...

मोह और मोक्ष दोनों साथ नही रह सकते : आचार्यश्री महाश्रमण

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आचार्यश्री महाश्रमणजी           26 फरवरी 2016, अहरिया कोर्ट, (बिहार) (JTN) : अहिंसा यात्रा का भव्य झुलुस अहरिया कोर्ट में प्रवेश हुआ ।अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण जी लगभग एक वर्ष बाद  बैरगाधी से विहार कर अहरिया कोर्ट पहुचे ।वहा नव निर्मित विशाल पंडाल (महाप्रज्ञ कुञ्ज ) में उपस्थित विशाल जनमोदनी को अपने मुख्य प्रवचन र्मव संबोधित करते हुए फरमाया कि -राग और द्वेष यह कर्म ही जन्म और मृत्यु का मूल  कारण है ।यह जन्म और मृत्यु दुःख होते है ,हमारे संसार में दुःख भी है ।जैसे जन्म ,बुढ़ापा ,बिमारी ,मृत्यु दुःख है ।परम पूज्य आचार्य श्री ने दुख पर प्रकाश डालते हुए आगे कहा कि प्राणी संसार में दुःख पा रहे है ।अगर संसार में दुःख है तो दुःखके  कारण भी है ,जैन दर्शन के  संदर्भ में विचार करे तो दुःख का कारण कर्म है आश्रव है ।संसार में दुःख है ,दुःख का कारण है तो दुःख मुक्ति भी हों सकती है यानि मोक्ष भी है ,जो जीव मोक्ष में चला जाता है ,स8द्द अवस्था को प्राप्त होंजाता है उसका वापस जन्म मरण नही होता गई हैं जीव सिद्ध होने के बाद संसार भ्रमण न...

Jain Terapanth News Bulletin 57/17

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अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ बुलेटिन 🔹 अंक 57/2017 🔹 रविवार, 26 फ़रवरी 2017  🔹 माघ कृष्ण 30, संवत 2073  🔹कुल  पृष्ट 14 🔹 पूज्य प्रवर का प्रवचन : 24, फरवरी 2017 पांच इन्द्रियों में जीभ को जीतना कठिन होता है - आचार्य श्री महाश्रमण 🔹 मानव सेवा का महनीय उपक्रम : टीटीएफ तेरापंथ टास्क फोर्स (टीटीएफ) के लेवल -2 के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ आगाज 🔹 सरगम सुरों का महासंग्राम प्री फायनल बैनर का अनावरण : उधना, सूरत 🔹 वाद विवाद प्रतियोगिता : जोधपुर 🔹विहार प्रवास 🔹 आगामी कार्यक्रम 🔹पंचांग प्रस्तुति :- अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़

"ज्यादा नींद बुरी बात" : आचार्य श्री महाश्रमण

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आचार्यश्री महाश्रमणजी           25 फरवरी 2017, बैरगाछी (बिहार) (JTN) : अहिंसा यात्रा प्रणेता शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी प्रातः जोकीहाट से विहार कर मध्य विद्यालय ,बैरगाछी पधारे। गुरुदेव ने उपस्थित जनमैदिनी को अपने मुख्य प्रवचन द्वारा संबोधित करते हुए कहा कि शास्त्रकार ने चार बातें एक श्लोक में बताई है, तीन निषेध की भाषा में एवं एक उपदेश की भाषा में। निषेध की भाषा में बताई गई पहली बात है- नींद को बहुमान न दें। हम सभी के लिए यह सन्देश है कि निद्रा ज्यादा मत लो । अपेक्षानुसार निद्रा लेना आवश्यक है किंतु यदि निद्रा की आवश्यकता न हो तो निद्रा से मुक्त रहना चाहिए। पूज्य प्रवर ने निद्रा पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मुनि को निद्रा विहीन रहना चाहिए । समयानुसार सोना ठीक है किंतु असमय सोना उचित नहीं। समय पर बोलना उचित है ,असमय बोलना उचित नहीं। एक साधक के लिए सभी कार्य  ( खाना,चलना सोना,बोलना आदि) समय पर करना उचित है । असमय ये सभी कार्य साधक के लिए उचित नहीं। पूज्य प्रवर ने आगे कहा कि शास्त्रकार ने हमें एक सन्देश दिया है ज्यादा निद्रा में नहीं रहने का ...

Jain Terapanth News Bulletin 56/17

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अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ बुलेटिन 🔹 अंक 56/2017 🔹 शनिवार, 25 फ़रवरी 2017  🔹 माघ कृष्ण 14, संवत 2073  🔹कुल  पृष्ट 10 🔹 झलकियां 24फरवरी, 2017 🔹 पूज्य प्रवर का प्रवचन: 22, फरवरी 2017 🔹 पूज्य प्रवर का प्रवचन : 23, फरवरी 2017 🔹 जीवन विज्ञान कार्यशाला : दिल्ली 🔹 तेरापंथ महिला मंडल, श्री गंगानगर द्वारा, स्वच्छता अभियान एवं सेवा कार्य 🔹 ज्ञानशाला रजत जयंती समारोह : कोप्पल 🔹 ज्योत्सना स्वच्छता सेमिनार का आयोजन : कोलकाता 🔹विहार प्रवास 🔹पंचांग 🔹 आगामी कार्यक्रम प्रस्तुति :- अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़

Jain Terapanth News Bulletin 55/17

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अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ बुलेटिन 🔹 अंक 55/2017 🔹 शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017  🔹 माघ कृष्ण 13, संवत 2073  🔹कुल  पृष्ट 10 🔹 झलकियां 23 फरवरी, 2017 🔹 आध्यात्मिक मिलन : दिल्ली 🔹टेक्नालॉजी का ज्ञान बनायेगा सशक्त समाज" कार्यशाला उत्तर हावड़ा 🔹 ज्योत्सना स्वच्छता सेमिनार का आयोजन : कोलकाता 🔹मिशन हेल्थी इंडिया : जलगाँव 🔹 25 बोल कार्य शाला : चेम्बूर 🔹 ज्ञानशाला अडाजन सूरत 🔹स्वच्छ भारत अभियान के तहत कचरा पात्र वितरण : बालोतरा 🔹विहार प्रवास 🔹पंचांग 🔹 आगामी कार्यक्रम प्रस्तुति :- अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़

पांच इन्द्रियों में जीभ को जीतना कठिन होता है - आचार्य श्री महाश्रमण

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आचार्यश्री महाश्रमणजी           24 फरवरी 2017, जोकीहाट (JTN) : बिशनपुर से अपनी धवल सेना के साथ विहार कर शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी जोकीहाट पधारें।           जोकीहाट के श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में बने पंडाल में उपस्थित जनमेदनी को अपने मुख्य प्रवचन में संबोधित करते हुए पूज्य प्रवर ने फ़रमाया की हमारे जीवन में याचना (मांग) भी होती है। धर्म शास्त्रों में भी याचना (मांग) की बात प्राप्त होती है। जैन वागमय में यह याचना की गई की मुझे आरोग्य दे, मुझे बोधी प्रदान करें, मुझे समाधी का वरदान दें। पर ये दे कौन? तीर्थंकरों की स्तवना की गई चौबीस तीर्थंकर जो वर्तमान अवसर्पिणी में प्रस्तुत भरत क्षेत्र में हुए है, नामोलेख पूर्वक उनकी स्तुति की गई है और स्तुति करके फिर मांग भी की गई है। मानो कुछ चाहिए इसलिए पहले स्तुति करके मांग भी कर दी और मांग भी एक नहीं कई मांगे कर ली गई है। पूज्यप्रवर ने कहा कि दातार से मांग करे तो पूरी खुलकर करें, दातार से मांगने में कंजूसी क्यों करें।           याचनाकर्ता ने कहा कि हे देव !...

Jain Terapanth News Bulletin 54/17

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अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ बुलेटिन 🔹 अंक 54/2017 🔹 गुरुवार, 23 फ़रवरी 2017  🔹 माघ कृष्ण 12, संवत 2073  🔹कुल  पृष्ट 10 🔹 झलकियां 22 फरवरी, 2017 🔹किशनगंज -ATM चल चिकित्सालय के माध्यम से शिविर का आयोजन 🔹 🔸आचार्य तुलसी सर्किल का लोकार्पण : उधना 🔸जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा , उधना के तत्वावधान में महासभा अध्यक्ष श्री किशनलाल डागलिया द्वारा राहत दर पर मेडिकल स्टोर का हुआ उद्घाटन 🔹 अणुव्रत प्रचार प्रसार : केसिंगा 🔹 तेयुप जलगाँव द्वारा आयोजित हुआ माइंड पॉवर कार्यक्रम 🔹विहार प्रवास 🔹पंचांग 🔹 आगामी कार्यक्रम प्रस्तुति :- अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़

"तिरेगा वही जिसके ह्रदय में हर है" : आचार्यश्री महाश्रमण

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आचार्यश्री महाश्रमणजी           23 फरवरी 2017, केसर्रा, अररिया (बिहार) (JTN) : पूज्य प्रवर बिशनपुर से विहार कर के केसर्रा पधारे। विहार के दौरान मार्ग में हल्दिखोड़ा गाँव में गुरुदेव ने ग्रामीण जनों को संबोधित करते हुए अहिंसा यात्रा के संकल्पों के बारे में बताया और अच्छा जीवन जीने की प्रेरणा दी।           अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने केसर्रा गाँव के विद्यालय परिसर में बने पंडाल में उपस्थित लोगों को अपने मुख्य प्रवचन में संबोधित करते हुए फरमाया की जैन शासन में जो साधु दीक्षा को स्वीकार करता है उसके लिए पाँच महाव्रत का पालन करना आवश्यक होता है। हिंसा से विरक्ति, पूर्णतया झूठ बोलने से विरक्ति, चोरी करने से विरक्ति, ब्रम्हचर्य साधना एवं परिग्रह का विरमण इन्हें पाँच महाव्रत कहा जाता है। साधु के लिए वांछनीय हे कि वो इन पाँच महाव्रतों का पालन करे। बड़े बड़े व्रतों का पालन करे। किन्तु जो गृहस्थ हैं उनमें इतनी सामर्थ्य नहीं कि वे इन महाव्रतों को धारण कर सके और अगार से अणगार में प्रवजीत हो सके। अगर उनमें इतनी शक्ति और क्षमत...