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Showing posts from June, 2018

श्री तुलसी दुगड़ ने किया प्रधान न्यासी के रूप में दायित्व ग्रहण

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जय तुलसी फाउंडेशन का दायित्व ग्रहण समारोह 23 जून 2018, कोलकता, JTN, साध्वी श्री पीयूषप्रभा जी के सानिध्य में दायित्व ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। कर्मठ कार्यकर्ता सुश्रावक श्री तुलसी दुगड़ ने प्रधान न्यासी के रूप में जय तुलसी फाउंडेशन का दायित्व ग्रहण किया। इस कार्यक्रम में तेरापंथ धर्मसंघ के अनेक केंद्रीय व स्थानीय सभा-संस्थाओं, जैन कार्यवाहिनी के साथ साथ कई श्रावक श्राविकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा कार्यक्रम को गरिमा प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वी श्री के नमस्कार महामंत्र के जप से हुआ। साध्वी श्री पीयूषप्रभा जी व समणी कमल प्रज्ञा जी ने मंगल आशीर्वाद प्रदान करते हुए आध्यात्मिक उन्नयन की कामना की। स्वागत वक्तव्य साउथ कोलकाता सभा के श्री सुरेंद्र दुगड़ ने दिया। कार्यक्रम में तेरापंथ विकास परिषद के सदस्य श्री बनेचन्द मालू, श्री बुधमल दुगड़, महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हंसराज बेताला, जय तुलसी फाउंडेशन के निवर्तमान प्रधान न्यासी श्री हीरालाल मालू, आचार्य तुलसी महाश्रमण एजुकेशन एन्ड रिसर्च फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष श्री कमल दुगड़, जैन विश्व भारती विश्वविधालय के उपकुलपति ड...

दूसरों के गुणों के प्रति प्रमोद भाव रखने का प्रयास करे : महातपस्वी महाश्रमण

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आचार्यश्री ने मनुष्य आयुष्य बंध के चार कारणों का किया वर्णन  15.06.2018 वीरपल्ली, प्रकाशम् (आंध्रप्रदेश), JTN, जन मानस को अपनी अमृतवाणी से परिवर्तित करने, लोगों को मानवता का पाठ पढ़ाने को अपनी अहिंसा यात्रा व श्वेत सेना के साथ पहली बार दक्षिण भारत को पावन बनाने को गतिमान हैं। भारत की भौगोलिक स्थिति को देखा जाए तो उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत के प्रदेश ज्यादा गर्म होते हैं। इसका एक कारण यह भी होता है कि गर्मी के समय में सूर्य दक्षिणायन होता है, उसी प्रकार तेरापंथ के महासूर्य आचार्यश्री महाश्रमणजी भी इस दक्षिण भारत की यात्रा कर रहे हैं। एक सूर्य तो धरती को वर्तमान में तपा रहा है तो वहीं धरती के महासूर्य आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी अमृतवाणी की वर्षा से लोगों को मानसिक तपन को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं।  ऐसे महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ दक्षिण भारत के आंध्रप्रदेश में गतिमान हैं। प्रकाशम् जिले को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करते हुए राष्ट्रसंत आचार्यश्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-16 पर चरैवेति-चरैवेति के सिद्धांत को सार्थक ब...

तेरापंथ समाज की प्रतिभाओं को निखारने का कार्य कर रहा है कॉन्फिडेंस पब्लिक स्पीकिंग कोर्स

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अभातेयुप के तत्वावधान में तेयुप कांदिवली मलाड द्वारा आयोजित हुआ सीपीएस कोर्स तेरापंथ समाज के अवदानों को जन-जन तक पहुचाएं : मुनि श्री कमल कुमार जी अभातेयुप राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में आयोजित हुआ CPS दीक्षांत समारोह : कांदिवली, मुंबई संस्था शिरोमणि तेरापंथ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री हंसराज बेताला ने प्रेषित की शुभकामनाएं Muni Shri Kamal Kumar Ji  President - Terapanthi Mahasabha- Shri Hansraj Betala Ji मुंबई, 3 जून 2018, ABTYP JTN , तेरापंथ भवन, कांदिवली मुम्बई में अभातेयुप के तत्वावधान में तेयुप कांदिवली-मलाड द्वारा कॉन्फिडेंस पब्लिक स्पीकिंग कोर्स (CPS) का आयोजन किया गया । एक सप्ताह चले इस कोर्स में दो बैच में करीब 60 से अधिक सहभागी ने भाग लिया । इस कार्यक्रम के दीक्षांत समारोह का आयोजन रविवार को उग्रविहारी मुनि श्री कमल कुमार जी के सान्निध्य में आयोजित हुआ । मुनिवृन्द द्वारा नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से कार्यक्रम का आरंभ हुआ । मुनि श्री कमल कुमार जी ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में फ़रमाया की आप सभी एक अच्छे वक्ता बन कर तेरापंथ के अवदानों को जन ...

श्रावक तीन मनोरथों का चिंतन करे : आचार्यश्री महाश्रमण

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राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर गतिमान हैं राष्ट्रीय महासंत आचार्यश्री महाश्रमण लगभग 13 कि.मी. का विहार कर आचार्यश्री पहुंचे माटूर संसार में रहते हुए भी अनासक्तिपूर्ण जीवन जीने की दी पावन प्रेरणा आचार्यश्री महाश्रमणजी      05.06.2018 माटूर, गुन्टूर (आंध्रप्रदेश), (JTN) : भारत की हृदयस्थली कहे जाने वाली नई दिल्ली के लालकीले से प्रारम्भ हुई जनकल्याणकारी अहिंसा यात्रा अब तक भारत के देश के तेरह राज्यों सहित दो विदेशी धरती नेपाल और भूटान की ऐतिहासिक यात्रा परिसम्पन्न कर नवीन इतिहास की संरचना को दक्षिण भारत में गतिमान हो चुकी है। अपने प्रणेता, शांतिदूत, महातपस्वी, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी के साथ अहिंसा यात्रा वर्तमान में आंध्रप्रदेश की जनता को अपने उद्देश्यों से लाभान्वित करा रही है।       स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत भारत के चारों महानगरों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए बने राष्ट्रीय राजमार्ग लोगों के सुलभ आवागमन का अब महत्त्वपूर्ण साधन हो चुके हैं। इन्हीं राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक राष्ट्रीय र...

प्रवचन श्रवण के माध्यम से आदमी शुभयोग में जा सकता है : आचार्य श्री महाश्रमण जी

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आधुनिक विद्या संस्थानों से आध्यात्मिक शिक्षा की लौ जला रहे आध्यात्मिक गुरु  इंजीनियरिंग, मेडिकल, काॅमर्स, आईटीआई काॅलेजों में आचार्यश्री का हो रहा है प्रवास  लगभग दस कि.मी. का विहार कर आचार्यश्री पहुंचे चुण्डी रंगनायकलु काॅलेज  04.06.2018 चिलाकलुरीपेट, गुन्टूर (आंध्रप्रदेश), JTN, आंध्रप्रदेश की भूमि को अपने ज्योतिचरण से ज्योतित करने वाले महातपस्वी, शांतिदूत, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ सोमवार को चिलाकलुरीपेट स्थित चुण्डी रंगनायकलु काॅलेज परिसर में पधारे तो यह काॅलेज परिसर अपने सौभाग्य पर इतरा उठा। इस विद्या संस्थान में विभिन्न विषयों के अध्यापक, प्राध्यापक तो अवश्य आते होंगे, किन्तु आज पहली बार इस विद्यालय में आध्यात्म जगत के प्राध्यापक का शुभागमन हुआ।  आंध्रप्रदेश के कृष्णा व गुन्टूर जिले में आचार्यश्री का इन दिनों का प्रायः प्रवास इंजीनियरिंग काॅलेज, मेडिकल काॅलेज, काॅमर्स काॅलेज, आईटीआई काॅलेजों में ही हो रहा है। इन विद्या संस्थानों की विशालता, इनकी भव्यता तथा प्रत्येक दस या पांच किलोमीटर की दू...

मन ही बंधन और मन ही मोक्ष का कारण होता है - आचार्य श्री महाश्रमण जी

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श्रुत ज्ञान से मन रूपी अश्व पर लगाई जा सकती है लगाम: महातपस्वी   03.06.2018 तुम्मापलेम, गुन्टूर (आंध्रप्रदेश), JTN, जन-जन के मानस को सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति जैसे सद्विचारों से अपने जीवन को अच्छा बनाने की पावन प्रेरणा अपने अमृतवाणी से प्रदान करते जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ चेन्नई महानगर में वर्ष 2018 के चतुर्मास के लिए निरंतर गतिमान हैं। वर्तमान में महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की धवल सेना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 16 से निकल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरती आचार्यश्री की धवल सेना ऐसे लगती है मानों गंगा की धवल धारा जन-जन को तारने के लिए कल-कल कर प्रवाहित होती जा रही है। इस प्रदेश में भाषा की समस्या के बावजूद भी जब स्थानीय लोगों को किसी माध्यम से आचार्यश्री की इस महान अहिंसा यात्रा, आचार्यश्री के जीवन, आचार्यश्री के कठिन श्रम की जानकारी होती है तो उनके भी सर श्रद्धा के साथ नत होते हैं और ऐसे महान आचार्य के दर्शन कर अपने आपको भाग्यशाली महसूस...

संत व संन्यासी योग के मार्ग पर बढ़ते हैं : आचार्यश्री महाश्रमण

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02.06.2018 चोवदावरम, गुन्टूर (आंध्रप्रदेश), JTN, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी आंध्रप्रदेश के विभिन्न नगरों, उपनगरों, कस्बों और गांवों की ओर गतिमान हैं। कई जिले, कस्बे, शहर, नगर, उपनगर, गांव पावन हो चुके हैं तो कई अभी महातपस्वी के चरणरज की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आचार्यश्री के मंगल चरण धीरे-धीरे वर्ष 2018 के चातुर्मासिक प्रवास स्थल की ओर बढ़ रहे हैं। वर्तमान में आचार्यश्री अपनी धवल सेना के साथ गुन्टूर जिले में यात्रायित हैं।  शुक्रवार की सायं से ही बदले मौसम के मिजाज के कारण आसमान में बादल थे, जिसके कारण सूर्य अदृश्य बना हुआ था। सूर्य के किरणों की प्रखरता तो नहीं थी, किन्तु उमस के कारण आचार्यश्री के धवल वस्त्र गीले हो चुके थे। मानवता के कल्याण को समर्पित महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ लगभग तेरह किलोमीटर का विहार कर चोवदावरम में स्थित कल्लाम हरनधा रेड्डी इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी परिसर में पधारे।  कालेज परिसर के आॅडोटोरियम हाॅल में उपस्थित श्रद्धालुओं को आचार्य...

जीवन को अच्छा बनाने का प्रयास करना चाहिए : आचार्य श्री महाश्रमण जी

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01.06.2018 गुन्टुर (आंध्रप्रदेश), JTN, जनमानस के मानस को सुन्दर, सरल, सहज और शांत बनाने के लिए अपनी अहिंसा यात्रा के साथ गतिमान जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें देदीप्यमान महासूर्य, शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी शुक्रवार को अपनी धवल सेना संग गुन्टूर जिला मुख्यालय पर अपने मंगल चरण टिकाए तो मानों पूरा गुन्टूर ही मंगलमय हो गया। वातावरण में आध्यात्मिकता की सुगंध फैल गई तो प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में सद्भावना की लहरें उठती दिखाई देने लगीं। क्योंकि कहने को तो गुन्टूर में केवल जैन श्वेताम्बर तेरापंथ के आचार्यश्री आगमन हुआ, किन्तु उनके स्वागत में उपस्थित जनसमूह ने जैन-अजैन का भेद मिटाकर सद्भावना की भावना को चरित्रार्थ किया तो आचार्यश्री के तीन उद्देश्यों में प्रथम उद्देश्य सद्भावना की स्वतः स्थापना होती चली गई।  शुक्रवार की प्रातः यथाशीघ्र ही आचार्यश्री ने सेंट जोसेफ स्कूल से मंगल प्रस्थान किया तो कुछ उत्साही गुन्टूरवासी आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में उपस्थित हो चुके थे। बादलों के कारण गर्मी से लोगों को तो थोड़ी राहत मिल रही थी, लेकिन उमस अपना प्रभाव बनाए हुए थी। ...