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Showing posts from July, 2018

तेरापंथ स्थापना दिवस

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आचार्यश्री महाश्रमण जी साध्वी प्रमुखा श्री कनकप्रभा जी मुख्य नियोजिका जी मुनि श्री दिनेश कुमार जी साभार : अमृतवाणी

आचार्य श्री महाश्रमण जी ने जीवन में दया और अनुकंपा को अपनाने की दी पावन प्रेरणा

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महातपस्वी से मंगल आशीष लेने पहुंची भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने  कहा, मेरा सौभाग्य जो आचार्यश्री के दर्शन का मिला सौभाग्य व मंगलवाणी श्रवण का अवसर आचार्यश्री ने जीवन में दया और अनुकंपा की महत्ता को किया व्याख्यायित  असाधारण साध्वीप्रमुखाजी ने बच्चों को संस्कारी बनाने की जिम्मेदारी मां की  24.07.2018 माधावरम, चेन्नई (तमिलनाडु), JTN, दक्षिण भारत की धरती पर प्रथम चतुर्मास करने के लिए तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई महानगर के माधावरम में बने भव्य चतुर्मास प्रवास स्थल में पधारे जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, महातपस्वी, अखंड परिव्राजक आचार्यश्री महाश्रमणजी को अभी तीन दिन ही व्यतित हुए हैं, लेकिन इन्हीं तीन दिनों में राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट लोगों के आने का मानों तांता-सा लगा हुआ है। आचार्यश्री के मंगल प्रवेश पर आचार्यश्री का वेलकम करने के लिए सर्वप्रथम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री इ. के. पलनीसामी पहुंचे। दूसरे दिन तमिलनाडु के राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित ने आचार्यश्री के मंगल दर्शन किए तो तीसरे दिन राष्ट्रीय...

माधावरम में महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी का भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश

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अपने आराध्य के अभिनन्दन को उमड़ा पड़ा संपूर्ण भारत, पुलकित हो उठी दक्षिण की धरा पूज्य प्रवर के स्वागत में स्वयं पहुंचे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलनीसामी 21.07.2018 माधावरम, चेन्नई (तमिलनाडु): लगभग आधी सदी बाद चेन्नई की धरती पर दूसरी बार तो वहीं दक्षिण भारत की धरती तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में अपनी धवल सेना के साथ प्रथम चतुर्मास करने पहुंचे जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, अहिंसा यात्रा के प्रणेता, अखण्ड परिव्राजक, महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी शनिवार को मंगल बेला में चेन्नई महानगर के माधावरम स्थित चतुर्मास प्रवास स्थल में वर्ष 2018 के चतुर्मास के लिए मंगल प्रवेश किया। मंगल प्रवेश करते ही कीर्तिधर महापुरुष आचार्यश्री महाश्रमणजी ने चेन्नई व तेरापंथ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय का अंकन कर दिया।  जन-जन में सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति की भावना को जागृत करने के लिए अपनी धवल सेना के साथ 9 नवम्बर 2014 को नई दिल्ली के लालकीले से प्रस्थान करने वाले जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान देदीप्यमान महासूर्य आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अपनी दृढ़ संकल्प शक्...

साधना से शांति मिलती है : महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी

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महातपस्वी ने चेन्नई में सृजित किया नवीन स्वर्णिम इतिहास तीन मुमुक्षु को प्रदान की समणी दीक्षा, प्रवर्धमान हुआ धर्मसंघ हजारों नयन बने इस भव्य समारोह के साक्षी 18.07.2018 नार्थ टाउन, चेन्नई (तमिलनाडु), JTN, तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम देदीप्यमान महासूर्य, महातपस्वी, शांतिदूत, कीर्तिधार आचार्यश्री महाश्रमणजी ने बुधवार को चेन्नई महानगर की उपनगरीय यात्रा के दौरान नार्थ टाउन के बिन्नी गार्डेन में बने भव्य दीक्षा समारोह पंडाल में तीन मुमुक्षुओं को समणी दीक्षा प्रदान कर चेन्नई की धरती से समणी दीक्षा प्रदान करने वाले तेरापंथ धर्मसंघ के प्रथम आचार्य बने। इसके साथ ही आचार्यश्री ने तेरापंथ धर्मसंघ व चेन्नई के इतिहास में एक और अमिट आलेख और नए कीर्तिमान का सृजन कर दिया। अपनी धवल सेना के साथ प्रथम बार दक्षिण को धरा को पावन बना रहे महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी बुधवार को अयनावरम् से मंगल प्रस्थान किया। आचार्यश्री जैसे ही नार्थ टाउन की एरिया में पधारे मानों जनतासमूह का पारावार उमड़ पड़ा। हजारों-हजारों श्रद्धालु बुलंद जयघोष करते हुए अपने आराध्य का स्वागत अभिनन्दन किया। आज तो मानों सड़क म...

जागरूकता से आदमी हिंसा से बचाव सकता है : आचार्य श्री महाश्रमण जी

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ज्योतिचरण से पावन हुआ पल्लावरम्, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु  भव्य स्वागत जुलूस के महातपस्वी ससंघ पहुंचे केन्टोमेंट हायर सेकेण्ड्री स्कूल  त्याग-संयम की साधना की दी पावन प्रेरणा, पल्लावरम्वासियों ने भी दी हर्षाभिव्यक्ति 14.07.2018 पल्लावरम्, चेन्नई (तमिलनाडु), JTN, आदमी को अपनी जिन्दगी में त्याग-संयम रखने का प्रयास करना चाहिए। त्याग जीवन को सुखी बनाने वाला होता है। संवर की साधना के द्वारा आदमी को मोक्ष की प्राप्ति भी हो सकती है। उक्त ज्ञान की बातें जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम देदीप्यमान महासूर्य आचार्यश्री महाश्रमणजी ने शनिवार को चेन्नई महानगर के पल्लावरम् में स्थित केन्टोमेंट हायर सेकेण्ड्री स्कूल परिसर में उपस्थित सैंकड़ों श्रद्धालुओं को बताईं।  अपनी धवल सेना के साथ अहिंसा यात्रा लेकर पहली बार दक्षिण भारत की धरती पर उदित हुए तेरापंथ धर्मसंघ के महासूर्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के ज्ञान रश्मियों के आलोक से पूरा दक्षिण भारत आलोकित हो रहा है। वर्तमान में चेन्नई महानगर को अपनी ज्ञान के आलोक बांट रहे आचार्यश्री महाश्रमणजी विभिन्न उपनगरों की अति श्र...

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा अभातेयुप के MBDD अभियान को समर्थन

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11 जुलाई 2018। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव ( MBDD) की प्रशंसा करते हुए इस मानव सेवा के उपक्रम को अपना समर्थन घोषित किया। आज माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने MBDD के बैनर और ब्रोशर का विमोचन किया एवं अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर MBDD के बैनर अनावरण की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि 2014 में 1 लाख से अधिक रक्त यूनिट एकत्रित  कर रक्तदान के क्षेत्र में विश्व कीर्तिमान करने वाले संगठन अभातेयुप द्वारा 500 से अधिक रक्तदान शिविर लगाकर पुनः 1 लाख रक्त यूनिट एकत्रित किए जाएंगे। उन्होंने सभी देशवासियों से अधिकाधिक संख्या में रक्तदान कर इस मानवीय सेवा के पुनीत कार्य में सहभागी बनने हेतु आह्वान किया है। Glad to meet the team of Akhil Bhartiya Terapanth Yuvak parishad who are world highest blood donor organisation which made Guiness world record for collecting highest blood donation in single day in 2014. They are planning to organise 500 Plus camps and will be collecting 100000 units of life . So I reques...

मन, वाणी, शरीर, इन्द्रिय का करें संयम : आचार्य श्री महाश्रमण जी

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मिंजुर (चेन्नई), JTN,  मूल तत्व है चेतना मन, वाणी, शरीर, इंद्रिया चेतना का परिवार हैं। मन के द्वारा चिंतन, स्मृति और कल्पना होती है। मन का होना एक विकसित प्राणी का होना होता है। मन विहीन प्राणी अविकसित प्राणी है। मन एक ऐसा घोड़ा है जो उत्पथ की ओर ले जा सकता है, अतः उस पर लगाम लगानी चाहिए। मन को स्थिर रखने के लिए अशुभ विचार नहीं आए, अगर आ जाए तो किसी मंत्र का ध्यान करना,  पवित्र आत्माओं का स्मरण से उसको स्थिर बनाना चाहिए उपरोक्त विचार तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम् अधिशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने मिंजूर में आयोजित चेन्नई नगर प्रवेश समारोह में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहें।  आचार्यश्री ने आगे फरमाया कि जैसे जीवन में मन का महत्व है, वैसे ही वाणी की बड़ी उपयोगिता है विचारों को आदान प्रदान करने के लिए भाषा बहुत जरूरी होती है। आपने कहा की बात को लंबा करना एवं साररहित बोलना वाणी के दोष हैं।  व्यक्ति को अपनी बात सारभूत करनी चाहिए, सत्य बात कहनी चाहिए, कठोरता का वाणी में उपयोग नहीं करना चाहिए, बोलने से पहले सोचना चाहिए वाणी में काटव नहीं अपितु पाटव होना चाहिए।...