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Showing posts from June, 2019

लोकमहर्षि आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी जन्म शताब्दी वर्ष शुभारंभ पर JTN द्वारा लाइव रिपोर्टिंग

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महर्षि महाप्रज्ञ : जन्म शताब्दी वर्ष शुभारंभ ● "अध्यात्म जगत के दिनकर" तेरापंथ धर्मसंघ के दशमाधिशास्ता आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी की जन्म शताब्दी वर्ष का शुभारंभ ● आचार्य श्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में प्रातःकालीन  मुख्य कार्यक्रम की पहली तस्वीरें : भिक्षु धाम बेंगलौर से ● आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष में पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा रचित गीत ● लोकमहर्षि आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी : जन्म शताब्दी शुभारंभ ● "अध्यात्म जगत के दिनकर" की अध्यात्मिक अभिवंदना ● परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में "आचार्य श्री महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष शुभारंभ" कार्यक्रम का भव्य अध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन ● पूज्य प्रवर के मुखारविंद से नमस्कार महामंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ ● साध्वीवृंद एवं समणीवृंद ने गीतिका के माध्यम से प्रेषित की अभिव्यक्ति ● आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर अपनी अभिव्यक्ति प्रेषित करने श्रीचरणों में उपस्थित हुए कर्णाटक राज्य के राज्यपाल श्री वजूभाई वाला ● आचार...

आचार्यश्री महाप्रज्ञ - एक अलौकिक व्यक्तित्व

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भारत देश के महान दार्शनिक, जैन धर्म के महान आचार्य, तेरापंथ धर्मसंघ के दशम अधिशास्ता आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी की जन्म शताब्दी वर्ष के शुभारंभ अवसर पर वंदना- अभिवंदना  Acharya shri Mahapragya ji - a supernatural personality, Tribute to on Birth Century Year of Pujya Gurudev Acharya Shri Mahapragya Ji. “आत्मा मेरा ईश्वर है | त्याग मेरी प्रार्थना है, मैत्री मेरी भक्ति है | संयम मेरी शक्ति है | अहिंसा मेरा धर्म है” – इस शब्दों में अपने भावात्मक व्यक्तित्व का परिचय देने वाले आध्यात्म योगी आचार्यश्री महाप्रज्ञ जी आत्म-मंगल एवं लोक-मंगल के लिए समर्पित संत थे | अणुव्रत आन्दोलन के प्रवर्तक, आचार्यश्री तुलसी के उत्तराधिकारी और तेरापंथ के दशम अधिशास्ता आचार्यश्री महाप्रज्ञ महान दार्शनिक एवं मौलिक संत थे | उनके द्वारा सृजित तीन सौ से अधिक जीवन-स्पर्शी ग्रन्थ उनकी ऋतम्भरा प्रज्ञा तथा मानवीय, जागतिक समस्याओं के सूक्ष्म विश्लेषण एवं समाधायक प्रतिभा के जीवंत प्रमाण हैं| उनके द्वारा अनूदित और शोधपूर्ण संपादित जैन आगम प्राच्यविद्या की अनमोल निधि हैं | आचार्यश्री महाप्रज्ञ ने जीवन के न...

ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक के सानिध्य में हुआ ज्ञानशाला प्रकोष्ठ राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारम्भ

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22 जून, 2019, जयपुर, JTN ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री उदित कुमार जी के सानिध्य में अणुविभा केन्द्र जयपुर में जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा ज्ञानशाला प्रकोष्ठ के अंतर्गत राष्ट्रीय कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में देश और विदेश में फैले 22 अंचलों के आंचलिक  संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक एवं अन्य विशिष्ट आमंत्रित व्यक्ति इस में उपस्थित हुए।  ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री उदित कुमार जी ने उद्घाटन सत्र में अपने वक्तव्य में कहा कि ज्ञानशाला पूरे देश में एक अच्छे नेटवर्क के साथ और बहुत ही सुव्यवस्थित रूप से चल रही है इसमें परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी का पावन आशीर्वाद प्राप्त है । पूरे देश में हमारे प्रशिक्षक कार्यकर्ता पूरे जी-जान से इसकी सफलता के लिए जुड़े हुए जुटे हुए हैं। सब का समन्वित प्रयास चलता रहे जिससे इसमें गुणात्मक संख्यात्मक विकास होता रहे।  ज्ञानशाला के राष्ट्रीय संयोजक श्री सोहन राज चोपड़ा, जयपुर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जैन ने अपने विचार वक्तव्य किए। जयपुर की सभी सभा  संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थ...

मुनि श्री उदित कुमार जी के सानिध्य में आयोजित "सोच बदले- दुनिया बदले " कार्यशाला : जयपुर

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ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री उदित कुमार जी के सानिध्य में  भिक्षु साधना केंद्र श्याम नगर में तेरापंथ महिला मंडल (सी स्कीम) के आयोजकत्व में "सोच बदले- दुनिया बदले " कार्यशाला का आयोजन हुआ । कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की महामंत्री श्रीमती नीलम सेठिया उपस्थित थी।  मुनि श्री उदित कुमार जी ने अपने उद्बोधन में फरमाया कि व्यक्ति बचपन से ही अपने परिवार और परिवेश में स्वयं की निश्चित सोच के साथ रहता है ।यदि वह सोच को सम्यक्  बना ले नियंत्रित और मर्यादित कर ले तो जीवन विकास के सोपान को सर कर सकता है।  तेरापंथ धर्मसंघ में आचार्य श्री तुलसी ने सोच को बदल कर नए-नए अवदान को संघ को दिए। आज तेरापंथ का साध्वी समाज एवं महिला समाज जितना विकास हम देख रहे हैं वह आचार्य तुलसी की सम्यक सोच का परिणाम है । महिला मंडल भी सम्यक सोच के कारण परस्पर शिकायत आलोचना और ईर्ष्या से बचकर एकजुट होकर काम करें तो संस्था एवं संघ का और अधिक विकास कर सकती है। महिला मंडल की महामंत्री अपने कार्यकाल में नई सोच के कारण नए नए कार्यक्रम चला रही ह...

बीज की तरह रहे, वटवृक्ष बन गए

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आचार्यश्री महाप्रज्ञ जन्मशती वर्ष विशेष: समाज में जिस तरह से धन का, परिग्रह का, व्यसनों का और असत्य का वर्चस्व बढ़ रहा है, इसे देखकर महाप्रज्ञ जी की संवेदनशीलता और व्यक्तिगत प्रेरणा याद आते हैं, आगे भी याद आएंगे। कहीं स्मृति बनकर ही न रह जाए। एक साधारण व्यक्ति किसी असाधारण विभूति के बारे में क्या कह सकता है। आचार्यश्री महाप्रज्ञ उस समर्पित आत्मा का नाम है, जिनकी आत्मा में सदा आचार्य तुलसी ही तरंगित रहे हैं। उनके ही प्रतिबिम्ब को हम आचार्यश्री महाप्रज्ञ कहते हैं। इनका आधा शरीर आचार्य था और आधा शरीर महाश्रमण था। आत्म रूप में वो महाप्रज्ञ थे। व्यक्ति को भीतर से रूपान्तरित कर सकने की क्षमता आचार्य महाप्रज्ञ में देखी है। यह कार्य वही सद्पुरुष कर सकते हैं, जो प्राणों का आकलन करने में सिद्ध हो जाते हैं। उनका दृष्टिकोण समय और परिस्थिति के साथ बदलता नहीं है। आचार्य महाप्रज्ञ के प्रेम और समर्पण ने ही इनके जीवन को गहनता प्रदान की है। जब भी आचार्य तुलसी ने कुछ कह दिया, वह तुरन्त इनके जीवन का अंग बन गया। न कोई प्रश्न, न कोई शंका। आप कह सकते हैं कि महाप्रज्ञ आचार्य तुलसी के अर्धांग बन गए थे।...

दायित्व हस्तांतरण व शपथ ग्रहण समारोह : तेयुप राजाजी का करेड़ा

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12 जून राजाजी का करेड़ा ; मुनि श्री स्वस्तिककुमार जी के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद का दायित्व हस्तांतरण व शपथ ग्रहण का आयोजन तेरापंथ भवन में किया गया गया।  कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि श्री द्वारा नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से किया गया।  मुनि श्री स्वस्तिक कुमार जी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा आज युवक परिषद ने दायित्व का हस्तांतरण किया और महेंद्र जी ने बलवंत जी को दे दिया। पद सिर्फ एक व्यवस्था के लिए है। बाकी इसका कोई ज्यादा महत्व नही है।  व्यवस्था को सुचारू रूप से रखने के लिए क्रम चलता रहे।  कार्यकर्ता बनकर कार्य करें। एक कार्यकर्ता की क्या जिम्मेदारियां होनी चाहिए ? और जिम्मेदारी के अनुसार कार्य होना चाहिए। गुरूइंगित की आराधना करते शनिवार को सामायिक करने की प्रेरणा दी युवा शक्ति को। मुनि श्री सुपार्श्व कुमार जी ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा केंद्र से प्राप्त दिशा निर्देश का पालन करते हुए जागरुकता से कार्य करें।  ज्ञानशाला प्रभारी श्री कैलाशचंद्र चावत द्वारा श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया गया।  निवर्तमान अध्यक्ष श्री महेंद्र मांडो...

विरार मुम्बई त्रिदिवसीय संस्कार निर्माण शिविर का समापन

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संस्कार निर्माण का स्वर्णिम समय है बचपन - मुनी जिनेश कुमार महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनी श्री जिनेश कुमार जी ठाना 2 के सानिध्य में 3 दिवसीय संस्कार निर्माण शिविर का समापन समारोह तेरापंथी सभा विरार द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में किया गया शिविर में लगभग 104 बच्चों ने भाग लेकर ज्ञानार्जन किया इस अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए मनी श्री जिनेश कुमार जी ने कहा संस्कार जीवन की ज्योति है संस्कार निर्माण का स्वर्णिम समय बचपन है संस्कार बचपन में ही आते हैं पचपन में नहीं संस्कार निर्माण का उद्देश्य सामने रखकर विरार में 3 दिन का शिविर रखा गया संस्कारों के संवर्धन एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए शिविर की उपयोगिता स्वत सिद्ध है । शिविर में ज्ञान श्रद्धा संस्कार पुष्ट होते हैं मुनी जीनेश कुमार ने आगे कहां आज शिविर का समापन नहीं आज से शिविर का पुनरावर्तन प्रारंभ हो रहा है। सभी बच्चे शिविर में सीखें ज्ञान से अच्छा इंसान बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे ।  और वन्दामि,नमामि,खमामि  को जीवन में अपनाएंगे तो अवश्य सफलता आपके कदमों में होगी। इस अवसर पर उन्होंने प...

राजलदेसर वृद्ध साध्वी सेवाकेंद्र में वयोवृद्ध साध्वी लघिमाश्री जी का देवलोकगमन

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साध्वीश्री की बैकुंठी यात्रा 12 जून, 2019 को वृद्ध साध्वी सेवाकेंद्र, से प्रातः 8 बजे प्रारम्भ होगी राजलदेसर वृद्ध साध्वी सेवाकेंद्र में विराजित वयोवृद्ध साध्वी लघिमाश्री जी का 72 वर्ष की अवस्था में मंगलवार दिनांक 11 जून, 2019 को प्रातः 10:30 बजे देवलोक गमन हो गया ।  साध्वीश्री जी का जन्म वि. सं. 2005 में सरदारशहर के बैद परिवार में हुआ था। साध्वी सुमतिश्री जी, साध्वी सुधाश्री जी  सहित तीन बहने धर्म संघ में दीक्षित थीं ।  आपकी दीक्षा आचार्य श्री तुलसी के करकमलों से वि. सं. 2029 में हुई थी । लम्बे समय से स्वास्थ्य की अनुकूलता नहीं होने के करण आप राजलदेसर वृद्ध साध्वी सेवाकेंद्र में विराज रहे थे। यह एक संयोग है कि साध्वी सुमतिश्री जी एवं साध्वी सुधाश्री जी का भी राजलदेसर वृद्ध साध्वी सेवाकेंद्र में साधनारत रहते हुए देवलोक गमन हुआ था ।  साध्वीश्री जी  संयम के प्रति बेहद सजग, जागरूक साध्वी थी। आपका सबके प्रति विनम्रता भरा व्यवहार था । साध्वीश्री की बैकुंठी यात्रा दिनांक 12 जून, 2019 बुधवार को वृद्ध साध्वी सेवाकेंद्र, राजलदेसर से प्रातः 8:00 बजे प्रारम्भ ह...

सेवाकार्य : ऐरोली

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अनाथालय में आवश्यक सामग्री एवं अल्प आहार वितरण तेरापंथ युवक ट्रस्ट ऐरोली द्वारा आज दीघा स्थित अनाथालय में बच्चों को दैनिक जरूरत की वस्तुएं एवं अल्प आहार वितरण किया गया तेरापंथ युवक परिषद एरोली के अध्यक्ष श्री राकेश डूंगरवाल की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आज दिघा में संपन्न हुआ  तेरापंथ युवक परिषद के सभी कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम में अपना पूर्ण योगदान दिया एवं सभी बच्चों को जरूरी सामग्री एवं अल्पाहार वितरण किया इस कार्यक्रम को सफल बनाने में तेरापंथ युवक परिषद एरोली के निवर्तमान अध्यक्ष श्री देवेंद्र बोहरा उपाध्यक्ष महावीर दुग्गड मंत्री धीरज बोहरा संगठन मंत्री मुकेश बेताला कोषाध्यक्ष गौतम  चंडालिया एवं सभी कार्यकर्ताओं ने अपना पूर्ण योगदान दिया।

संगठन समाचार मैसूर

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वर्ष 2019-20 के लिए श्री महावीर देरासरिया तेयुप मैसूर के अध्यक्ष मनोनीत अभातेयुप संगठन मंत्री श्री पवन मांडोत की सहज उपस्थिति प्राप्त 09 जून 2019 । मैसूर । तेरापंथ युवक परिषद, मैसूर की वार्षिक साधारण सभा अध्यक्ष श्री मुकेश गुगलिया की अध्यक्षता में स्थानीय तेरापंथ भवन में आयोजित हुई। कार्यक्रम में अखिल भारतिय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री पवन मांडोत की विशेष उपस्थिति रही। सर्वप्रथम श्री अशोक बुरड़ द्वारा मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। विजय गीत का सामूहिक संगान हुआ। अध्यक्ष श्री मुकेश गुगलिया ने सभी का स्वागत किया।  श्री पवन मांडोत द्वारा श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया गया। श्री पवन मांडोत ने तेरापंथ युवक परिषद, मैसूर एवं सम्पूर्ण तेरापंथ समाज मैसूर बहुत ही सक्षम है। पूज्यप्रवर के बैंगलोर चातुर्मास के दौरान सम्पूर्ण श्रावक समाज को चातुर्मास स्थल पर विभिन्न कार्यो में अपना सहयोग देकर पूज्यप्रवर की सेवा उपासना का लाभ लेना है। कोषाध्यक्ष श्री महावीर देरासरिया (KRD) ने तेयुप एवं ATDC सहप्रभारी श्री सेजल कोठारी ने ATDC के आय-व्यय का ब्यौ...

"लक्ष्य... हो ऊंचा हमारा" व्यक्तित्व विकास कार्यशाला : इचलकरंजी

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सफलता की प्राप्ति हेतु लक्ष्य निर्धारण आवश्यक : साध्वी श्री लावण्य श्रीजी व्यक्तिगत जीवन में लक्ष्य निर्धारण आवश्यक है - राष्ट्रीय महामंत्री 9 जून 2019, JTN, अभातेयुप के तत्वावधान में तेयुप इचलकरंजी द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री लावण्यश्री जी ठाणा 3 के सान्निध्य में पश्चिम महाराष्ट्र उत्तर कर्णाटक स्तरीय व्यक्तित्व कार्यशाला "लक्ष्य...हो ऊंचा हमारा" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम महाराष्ट्र एवं उत्तर कर्णाटक की 9 परिषदों एवं कुल 270 संभागियों ने सहभागिता दर्ज की।  साध्वी श्री लावण्यश्रीजी द्वारा नमस्कार महामंत्रोच्चार द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तेयुप इचलकरंजी के साथियों द्वारा विजय गीत का संगान किया गया। कार्यक्रम के विधिवत उद्धाटन की घोषणा एवं श्रावक निष्ठापत्र का वाचन अभातेयुप महामंत्री श्री संदीप कोठारी द्वारा किया गया। तेयुप अध्यक्ष श्री सुरेंद्र छाजेड़ ने स्वागत अभिव्यक्ति प्रेषित की। साध्वीश्री लावण्यश्रीजी ने उपस्थित संभागियों को प्रेरणा प्रदान करते हुए फरमाया कि हम जैसे जैसे आगे ब...