तपस्वी मुनि श्री रामसुख जी स्वामी जीवन परिचय श्रृंखला 11
ॐ अ .भी .रा .शि. को .नमः तपस्वी मुनि श्री रामसुख जी स्वामी जीवन परिचय श्रृंखला (11) दिनांक 31 मई 2020 राम -रसायण रामसुख - - - - - - - - - - - - - - - - - - - - माता- पिता ,छव भाई, स्त्री- पुत्र, पोते- पोतियां परिवार छोड़कर दीक्षित होने वाले तपस्वी रामसुख जी स्वामी, दीक्षा वर्ष से अंतिम पड़ाव (वि. सं. 1889 से 1895) तक जीत मुनि के सहयोगी, छाया की तरह साथी, मनोभावों के आराधक -इंगियागार संपन्न, उपशांत कषायी, ऊर्जावान तपस्वी और सिद्ध योगी रहे । मात्र सात वर्षों की संयम- पर्याय में वे जीतमुनि के इतने अंतरंग हो गए , मानो दूध में शक्कर । मिश्री में मिठास- जिसे कोई अलग-अलग जान- पहचान ही न सके , वैसी थी उन दोनों की एकीभाव घुलनशीलता । कहने को दीखने मात्र दो, पर थे एकमेक । " ॐ अर्हम " महातपस्वी मुनि श्री रामसुख जी स्वामी के तपोमय जीवन के बारे में और अधिक जानकारी के लिए पढ़ते रहिये ! जीवन परिचय की क्रमबद्ध श्रंखला .......... राम- रसायण रामसुख ! क्रमशः..... 👉🏻 शासन समुद्र " एवं "जय जय ...