आचार्य श्री महाश्रमण जी के सानिध्य में 157 वें रायपुर मर्यादा महोत्सव का चतुर्थ दिवस
तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में आयोजित 157 वें मर्यादा महोत्सव हॉल में पूज्य प्रवर का पदार्पण ज्योतिचरण गुरुदेव परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी के मुख़ारविन्द से नमस्कार महामंत्र के उच्चारण के साथ तेरापंथ महाकुम्भ में 157 वे मर्यादा महोत्सव का आज मुख्य दिवस का शुभारम्भ भिखण जी स्वामी भारी मर्यादा बांधी संघ में मर्यादा गीत का संगान मुनि श्री दिनेश कुमार जी द्वारा सरावाँ म्हे सग़लाँ क़ितो के अपनो भाग - समणीवृंद की सामूहिक गीतिका का संगान गण रि नींवा हैं ध्वज फहरे आकाश, मर्यादा पुरूषोत्तम महाश्रमण भरदे प्राण। साध्वीवृंद द्वारा सुमधुर गीतिका की प्रस्तुति "विनीत श्रावक सारे - समझे गुरु दृष्टि इशारे" "नाज करें श्रावक समाज पर, जो हकदार है" गुरुकुलवास मुनिवृंदों द्वारा 157 वें मर्यादा महोत्सव पर शानदार सुमधुर जोश से भरी गीतिका की प्रस्तुति संघ महानिर्देशिका असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी का रायपुर-छत्तीसगढ़ से 157 वें मर्यादा महोत्सव के चतुर्थ मुख्य दिवस पर समस्त चतुर्विध धर्मसंघ हेतु प्रभावशाली वक्तव्य तेरापंथ ...