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Showing posts from March, 2021

प्रेक्षाध्यान साधकों को दी आचार्य श्री महाश्रमण जी ने दी ध्यान की प्रेरणा

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24.03.21 नागपुर: पुज्य गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमण जी ने नागपुर के प्रेक्षाध्यान साधकों को दी ध्यान की प्रेरणा। आचार्य श्री ने साधक साधिकाओं को प्रेक्षा ध्यान का प्रयोग भी कराया । प्रज्ञा पुरुष द्वारा प्रज्ञा जागरण का प्रयोग करवाए जाने पर सभी सदस्य गण ने अपने आप को धन्य महसूस किया। नागपुर में महाप्रज्ञ प्रेक्षाध्यान केन्द्र में पिछले 9 सालों से प्रतिदिन  सुबह ध्यान व योग की क्लास निशुल्क चल रही है जिसका जैन एवं जैनेतर सभी समाज के व्यक्ति लाभ ले रहे हैं। कुशल प्रशिक्षकों की टीम द्वारा स्कूल , कालेज , वृद्धाश्रम , अनाथाश्रम आदि में जाकर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाता है। सभा अध्यक्ष व प्रेक्षा प्रशिक्षक सुनील छाजेड़ ने प्रेक्षा ध्यान केंद्र की स्थापना से संबंधित जानकारी दी, केंद्र के मुख्य प्रशिक्षक आनंद मल सेठिया ने चल रही गतिविधियों की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रशिक्षक अमित जैन ने उपस्थित सभी प्रशिक्षकों का गुरुदेव से परिचय कराते हुए उनके द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी दी। प्रेक्षावाहिनी की संयोजिका श्रद्धा जवेरी ने पिछले 9 सालों की संक्षिप्त सचित्र रिपोर्ट गुरुदेव क...

अणुविभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संचय जैन व उपाध्यक्ष श्री अविनाश नाहर संगठन यात्रा के तहत पहुँचे हिरियूर

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हिरियूर, 5 मार्च 2021, JTN, अणुव्रत विश्वभारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संचय जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अविनाश नाहर व अणुव्रत समिति बेंगलुरु के अध्यक्ष श्री कन्हैयालाल चिप्पड़ संगठन यात्रा के अंतर्गत तेरापंथ भवन हिरियूर पधारे। अणुव्रत समिति, हिरियूर के अध्यक्ष श्री H S सुंदरराज, मंत्री श्री मांगीलाल तातेड़, सभा के का. अध्यक्ष श्री जयंतीलाल चौपड़ा , मंत्री श्री गौतमचंद चौपड़ा, तेयुप अध्यक्ष श्री नरेश तातेड़ के साथ हिरियूर श्रावक समाज द्वारा स्वागत अभिनंदन किया गया। अणुव्रत गीत के संगान के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। तत्पश्चात् सभा अध्यक्ष ने केंद्रीय व पधारे हुए सभी स्थानीय संस्थाओ के पदाधिकारीयों का स्वागत किया। अणुव्रत नियमों का वाचन करने के पश्चात अणुविभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संचय जैन ने दक्षिण भारत की इस संगठन यात्रा का उद्देश्य सभा के सामने रखा जिसमें आपने बताया कि पूर्व की अणुव्रत महासमिति को अब अणुव्रत विश्व भारती में विलय कर लिया गया है। जितनी भी अणुव्रत से संबधित संस्थायें है वे सभी अणुविभा के अंतर्गत कार्य करेगी, जीवन विज्ञान का कार्य भी इसके अंतर्गत ही आयेगा। आपने और भी कई नये ब...