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Showing posts from December, 2022

अणुविभा ने मनाया 41वाँ स्थापना दिवस

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30 दिसंबर, अणुव्रत विश्व भारती राजसमन्द का 41वाँ स्थापना दिवस प्रेरणा और संकल्प के साथ आयोजित हुआ. कार्यक्रम का आयोजन अणुविभा के अध्यक्ष अविनाश नाहर की अध्यक्षता एवं डॉ. महेन्द्र कर्णावट के मुख्य आतिथ्य में हुआ.  इस अवसर पर पूर्व न्यायाधीश बसन्तीलाल बाबेल, गणेश कच्छारा, सुरेश कावड़िया, अशोक  डूंगरवाल एवं प्रदीपकुमार मीणा ने विशिष्ट आतिथि के तौर पर उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं के स्नेह-मिलन एवं भाव अभिव्यक्ति के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ अणुव्रत गीत से हुआ।  कार्यक्रम के प्रारम्भ में शिक्षाविद् सुरेश कावड़िया ने अपना प्रारम्भिक वक्तव्य देते हुए कहा कि संस्था के विकास में समर्पित प्रतिबद्ध क्षमतावान लोगों के साथ रहा। आचार्य तुलसी का आषीर्वाद व मोहनभाई का स्वप्न व परिश्रम अणुविभा के रूप में हम फलित होते हुए देख रहे हैं। सर्वोदय कार्यकर्ता जीतमल कच्छारा ने कहा कि अणुव्रत में सर्वधर्म समभाव निहित है। पूर्व न्यायाधीश डॉ बसन्तीलाल बाबेल ने नव मनोनीत अध्यक्ष अविनाश नाहर का स्वागत किया और कहा कि यह संस्थाअहिंसा व शान्ति के व्यापक कार्य हेतु एक सार्थक प्लेटफार्म है। डॉ. बाब...

व्यक्तित्व एवं राष्ट्रीय निर्माण में अणुव्रत की सहभागिता - खेडब्रह्मा

  24.12.22, खेडब्रह्मा तेरापंथ सभा एवं अणुव्रत समिति द्वारा मुनिश्री डॉक्टर मदन कुमार जी के सानिध्य में " व्यक्तित्व एवं राष्ट्रीय निर्माण में अणुव्रत की सहभागिता " कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अणुविभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राजेश सुराणा ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यशाला में खेडब्रह्मा के प्रांत ऑफीसर, आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के प्राध्यापक, गुजरात माध्यमिक शिक्षण बोर्ड के सदस्य ने विशिष्ट आमंत्रित के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस कार्यशाला में अहमदाबाद अणुव्रत समिति अध्यक्ष सुरेश बागरेचा, मंत्री मनोज सिंघी, बाबुलाल चोपड़ा, विमल बोरदिया, महेन्द्र बरड़िया, सूरत से अणुविभा के गुजरात राज्य चुनाव शुद्धि अभियान प्रभारी श्री राकेश चोरडिया भी उपस्थित रहे।उपस्थित सभी वक्ताओं ने अपने भावपूर्ण वक्तव्य में अणुव्रत की प्रासंगिकता का उल्लेख किया । राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राजेश सुराणा ने  अणुव्रत की जानकारी दी एवं आज के युग में इसकी प्रासंगिकता, इसकी जरूरत पर वक्तव्य देते हुए उन्होंने जन जन तक अणुव्रत के सिद्धांत कैसे पहुंचा जाए उस पर ...