जैन विद्या का ज्ञान करना अनिवार्य अपेक्षा है - साध्वी श्री गुप्तिप्रभा जी


 जैन विद्या दिवस : झकनावदा


झकनावदा, महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री गुप्तिप्रभा जी के सानिध्य में जैन विद्या का कार्यक्रम मनाया गया। जिसका एक मात्र मुख्य लक्ष्य था ज्यादा से ज्यादा लोगो को जैन विद्या का समीचीन ज्ञान देना व विद्यार्थी तैयार करना।

साध्वी श्री गुप्तिप्रभा जी ने फरमाया - आत्म भवन की नीव को मजबूत बनाने के लिए, अपने वैराग्य को वर्धमान बनाने के लिए, अपशम भाव को पुष्ट करने के लिए तथा गहन आध्यात्म का ज्ञान करने के लिए जैन विद्या का ज्ञान करना अनिवार्य अपेक्षा है। जब तक जैन विद्या का ज्ञान नहीं होगा तो अन्य ज्ञान लवण हीन रसवती के समान है। कार्यक्रम में साध्वी श्री मौलिकयशा जी, साध्वी श्री भावितयशा, उपासिका श्रीमती निर्मला दुधोड़िया, श्री शीतल मांडोत एवं जैन विद्या प्रभारी प्रकाश भाँगु ने गीत व वक्त्यव्य द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किये। संवाद साभार : आशीष भाँगु, झकनावदा (मालवा)


प्रस्तुति : अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ से महावीर सेमलनी, संजय वैद मेहता

















Comments

Popular posts from this blog

160 वें मर्यादा महोत्सव का तृतीय दिवस