विश्व की महान विभूति - आचार्य महाश्रमण : साध्वी सोमलता


गोरेगांव मुंबई JTN अध्यात्म के सुमेरू आचार्य श्री महाश्रमण जी का दीक्षा दिवस गोरेगांव में साध्वी श्री सोमलता जी के सान्निध्य में भव्य नजारे के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ महामंत्रोचार में हुआ। साध्वी श्री शंकुतला कुमारी जी ने भावों से आरती करके आराध्य की अभिवंदना की।
गोरेगांव, दहीसर, अंधेरी, बोरीवली, बांगुर नगर, संतोष नगर के श्रावक - श्राविकाओं ने 43 वें दीक्षा दिवस, पर 55 दिन रात्रि भोजन नहीं करने का संकल्प लेकर गुरूवार को उपहार भेेंट किया।
उतरा दिव्य लोक में लाल गीत का संगान करके साध्वी श्री सोमलता जी ने ओजस्वी वाणी में कहा - आचार्य श्री महाश्रमण जी विष्व की महान विभुति है। आपका व्यक्तित्व विषाल है। जिसको किसी भी उपमा से उपमित नही किया जा सकता। वर्तमान में आप अहिसा यात्रा के माध्यम से जन जन में नैतिकता सद्भावना के बीज अंकुरित कर रहे है। अपने आचार्य श्री के व्यक्तित्व व कृतित्व का सजीव चित्रण प्रस्तुत करते हुए कहा - आपके समता सहिष्णुता, सरलता, विनम्रता व सम्पर्ण जीवन की अमुल्य सम्पदा है। आप ज्ञान व चरित्र से संपन्न है।
साध्वी श्री जागृत प्रभाजी ने कविता के माध्यम से अभिवदना की । साध्वी संचितयषा व रक्षितयषा ने वी.टी.एम चैनल में ताजा खबरे सुनाकर सबको आष्चर्यचकित कर दिया। गंगाशहर में समागत मोतीलाल जी भुरा ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी ।
तेरापंथ सभा के अध्यक्ष चतरलाल जी सिंघवी ने स्वागत भाषण, महिला मंडल की संयोजिका मधु बोहरा, भावना सांखला, अशोक जी सिंघवी, राकेष आच्छा, हस्तीमल जी राठोैड़ वरिष्ठ श्रावक सुरजमल जी दुग्गड़, पिकीं सांखला, मुम्बई महिला की मंत्री तरूणा, नंदिनी जैन, भीमराज जी चिण्डालिया, गोरेगांव महिला मण्डल, बांगुर नगर महिला मण्डल, गोरेगांव कन्या मण्डल ने अपने भावों की अभिव्यक्ति गीत, मुक्तक कविता आदि के माध्यम से दी। ज्ञानषाला की बालिका षिखा चिण्डालिया ने मुक्तक के माध्यम से अर्चना की। कार्यक्रम का कुषल संचालन अषोक चैधरी ने किया।
कार्यक्रम की गरिमा बढाने में सुव्यवस्था करने में प्रकाष हिरण, महेन्द्र बोहरा, मोहन सोलंकी, महावीर चिण्डालिया, सुभाष सिंघवी अभिषेक चोरडिया, कमलेष बाफना, विनोद सियाल, नीलेष सांखला, JTN से महावीर कोठारी,मनोहर चपलोत, अर्जुन जी सांखला, प्रकाष राठौड़, गौतम जी भंसाली एवं समाज के सभी सदस्यों का योगदान रहा।

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