कन्या परिवार की रीढ़ होती है: साध्वी चंदनबाला
बालोतरा,सिवांची मालाणी:-सिवांची-मालाणी क्षेत्रीय तेरापंथ संस्थान भवन में आयोजित पांच दिवसीय कन्या संस्कार निर्माण शिविर में साध्वी चंदनबाला ने कहा कि कन्याएं दोहरी दीपक के समान दोनों घरों को प्रकाशित करने वाली होती है। कन्याएं रीढ़ की हड्डी के समान होती है। जीवन में संस्कारों को देने वाले तीन उपकारी होते हैं माता-पिता, शिक्षक धार्मिक गुरुजन। सबसे बड़ा उपकार गुरुजन का होता है। वे मात्र शिक्षा ही नहीं देते जीवन जीने की कला के साथ शांतिपूर्ण जीवन कैसे जीया जाए, उसका पथ दर्शन करते जिसकी आज अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम में साध्वी वर्द्धमान, साध्वी राजश्री, मुमुक्षु बहिन तुलसी, मुमुक्षु बहिनों को सामूहिक गीत, कविता चौपड़ा, ऋतु सालेचा, प्रियांशी बाफना ने भाषण, देवकन्या भंसाली ने सामूहिक परिसंवाद और निकिता, बालोतरा कन्या मंडल, विद्या एंड पार्टी, चांदनी वडेरा एंड पार्टी टापरा, लीलादेवी जैन, कमला देवी ओस्तवाल, साध्वी अखिलययशा ने भाषण एवं गीत आदि के माध्यम से अपने विचारों की प्रस्तुति दी। निवर्तमान अध्यक्ष डूंगरचंद भंसाली ने अपने विचार रखे। वर्तमान अध्यक्ष धनराज ओस्तवाल ने आभार व्यक्त किया।
तेयुप बालोतरा द्वारा बनाई जाने वाली पोस्टर का विमोचन किया गया। अध्यक्ष रमेश भंसाली ने जानकारी दी।
जैतस रिपोर्ट:- नवनीत बाफना नीलेश सालेचा


Comments
Post a Comment
Leave your valuable comments about this here :