धर्माराधना का स्वर्णिम समय चातुर्मास - साध्वी श्री सोमलता


भाईंदर ( मुंबई) तेजस्वी महाप्रतापी आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री सोमलता जी का भायंदर तेरापंथ भवन में श्रावक-श्राविकाओं के सम्मिलित जयघोषों और मंगल गीतों के मंगलमय वातावरण में प्रवेश हुआ।
स्वागत समारोह का शुभारम्भ आरोग्ग बोहिलाभं, नमस्कार महामंत्र के जप से हुआ। विद्या नाहर, वंदना सुराणा ने मंगलाचरण किया।स्वागत भाषण भायंदर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष हनुमान पारख ने दिया। भायंदर क्षेत्र के पार्षद ध्रुव किशोर जी पाटिल, एरिया पार्षद सुरेन्द्र जी खंडेलवाल की भी उपस्थिति रहे।
साध्वी श्री सोमलता जी हृदय स्पर्शी वाणी में जैन समाज को संबोधित करने से पूर्व " पांचू परमेष्ठी प्यारा " गीत का संगान करके कहा- चातुर्मास सृजन का नया देवता है वह जब आता है तो सब कुछ नया-नया लगता है। जब व्यक्ति धर्म के मैदान में दौड़ता है तब ज्ञान की रौशनी प्राप्त करता है। साध्वी श्री जी ने आगे कहा- चातुर्मास धर्म ध्यान का स्वर्णिम काल है। यह आत्म गुणों के बीज वपन का समय है। इसलिए आषाढ़ मास में अध्यात्म की बाड़ लगाकर जीवन रूपी कल्पवृक्ष की सुरक्षा करना है। सावन में संयम, तप, सदाचार से मन को आत्म तत्व से साक्षात्कार कर कार्तिक मास में कर्त्यव्य का पालन करते हुए चातुर्मास को चातुरमास बनाना है।
साध्वी श्री शकुंतला कुमारी जी ने आचार्य श्री महाश्रमण जी का सन्देश टेलीफोन की ट्यून में गीतिका के द्वारा अपने सपने की बात कही। साध्वी संचितयशा जी, जागृतप्रभा जी व रक्षितयशा जी ने सुमेरु पर्वत की सैर करवाई।
अखिल भारतीय तेयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भलावत, संगठन मंत्री योगेश चौधरी, एरिया प्रभारी राजेंद्र मुथा, जगत संचेती, JTN प्रतिनिधि समकित पारिख, जैन विश्व भारती उपाध्यक्ष मदनलाल जी दुगड़, मुम्बई महिला मंडल अध्यक्षा भारती सेठिया, महिला मंडल संयोजिका सुशीला मेहता, मीरारोड सभाध्यक्ष रमेशजी सांखला, गोरेगांव सभाध्यक्ष अशोक सिंघवी, तेयुप भायंदर के अध्यक्ष रजनीश इटोदिया, तेयुप मंत्री प्रवीण सिंघवी, महासभा से निर्मल जी जैन, राजेंद्र जी मनोत, किशोर मंडल ऋषभ सुराणा, भावेश सोलंकी मीरा रोड तेयुप अध्यक्ष कमलेश बडाला, तेयुप मलाड भरत लोढ़ा, ATDC बोरीवली अध्यक्ष विनोदजी बोहरा, भायंदर सभा पूर्वाध्यक्ष मोतीलाल जी दुगड़,भगवती लाल जी वागरेचा, भायंदर तेयुप मंत्री प्रवीण सिंघवी, विनोद डांगी, मीठा लाल जी बरलोठा, राकेश डुंगरवाल ने अपने विविध भावो से अभिव्यक्ति दी।  JTN प्रतिनिधि / अणुव्रत महासिमिती के कार्यकरिणी सदस्य पारस जी कच्छारा भी उपस्थित थे।
भायंदर तेरापंथ महिला मंडल, कन्यामण्डल, जेसल पार्क महिला मंडल, मीरा रोड महिला मंडल ने स्वर लहरियों से स्वागत किया। मीरारोड की ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं ने परिसंवाद से धर्म की महत्ता बताई। तेरापंथ सभामंत्री भायंदर के कनक जी सिंघी ने आभार ज्ञापन किया और छत्रमल जी खटेड ने कुशल संचालन किया।
संवाद साभार पारस कच्छारा प्रस्तुतिः महावीर कोठारी

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