अपनी आत्मा के लिए मैंने क्या किया? - आचार्य श्री महाश्रमण जी
आचार्य श्री महाश्रमण जी 31.5.2017 तारकेश्वर, हुगली (पश्चिम बंगाल), JTN, हुगली जिले में सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति की अलख जगाते हुए जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, शांतिदूत, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी श्वेत सेना के साथ बुधवार को तारकेश्वर पहुंचे। तारकेश्वरवासियों ने अपने आराध्य का अपनी भूिम पर हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया। आचार्यश्री ने उपस्थित लोगों को आत्मसंप्रेक्षण करने की प्रेरणा प्रदान की। साथ ही अहिंसा यात्रा की अवगति प्रदान कर अहिंसा यात्रा के संकल्पत्रयी को ग्रहण करने का आह्वान किया तो उपस्थित लोगों ने सहर्ष तीनों संकल्पों को स्वीकार किया। बुधवार की प्रातः आचार्यश्री ने दसघड़ा स्थित दसघड़ा हाईस्कूल परिसर से तारकेश्वर के लिए प्रस्थान किया। आज के विहार मार्ग के दोनों ओर धरती पर हरियाली छाई हुई थी। इस क्षेत्र में देर रात हुई बरसात के कारण सुबह का मौसम सुहावना बना हुआ था, लेकिन समय के साथ सूर्य आकाश में चढ़ता गया और गर्मी बढ़ती गई और साथ में बढ़ता गया उमस। इस मौसम के बदलाव के बावजूद समताधारी आचार्यश्...