जीवन को सुंदर और मूल्यवान अध्यात्म व सद्गुण से बनाये : नोखा
शिविरार्थियो को प्रयोग करवाते हुए ध्यान, ज्ञान, स्वस्थता आवश्यक बताते हुए में स्वस्थ हूँ स्वस्थ रहूंगी, प्रसन्न हूँ प्रसन्न रहूंगी, में शांत हूँ और शांत रहूंगी सभी बालिकाओ ओर एक साथ संकल्प करवाया । सोते समय चिंतन करना , ज्यादा ने खाना, बड़ो के पास बैठना आदि बाते गुणकारी ह्रदय ग्राही बताते हुए बहुश्रुत शासन गौरव साध्वी श्री राजीमती ने शिविर शुभारम्भ पर उध्बोधन दिया ।
निर्देशिका समणी अक्षयप्रभा जी ने बालिकाओ को स्वपन द्रष्टा एक्शन लेना विजन बनाना फिर किर्यान्वित करना सर्वोत्कृष्ट विकास की जिंदगी के लिए पाँच बात अपनाने पर बल दिया ह्रदय, विश्वास, रिश्ते, प्रोमिज ओर व्यवहार (प्रेम) नहीं टूटना चाहिए । उनन्त जीवन के लिए बुराइयों से दूर रहे । विजन भोजन, भजन, भाजन मिला है उसे जीवन मे उतारे । आचार्य श्री की असीम कृपा से शिविर लगा है सदुपयोग करे ।
प्रारम्भ में युवकों ने गीतिका का संगान " जीवन को सांगोपांग जिया" किया । युवक्ति मंडल कन्यामण्डल ने अपनी गीतिका के माध्यम से भवन के वातावरण को सरसमय बना दिया ।
सभा अध्यक्ष दिलीप चंद बैद, मंत्री लाभचंद छाजेड़, महासभा क्षेत्रीय प्रभारी इंद्र चंद बैद, ते.यू.प. अध्यक्ष सुनील बैद शिविर प्रभारी सुमन भूरा संचालिका पूजा चोपड़ा कन्या मंडल सयोजिका पूजा भूरा महिला मंडल अध्यक्षा पुष्पा देवी पारख ओर मंत्री सुमन मालू ने आगंतुको कन्याओं सरक्षिकाओ ओर महानुभावो के प्रति अभिनंदन भाव रखे ।
महासभा क्षेत्रीय प्रभारी इंद्र चंद बैद ने बताया दोपहर में गणधर आचार्य वर्गपहेली ओर सामान्य तत्वज्ञान प्रतियोगिता ओर आयोजन का भी कार्यक्रम रखा गया है । तेरापंथ सभा सदस्य, युवक परिसद, कन्या मंडल महिला मंडल सभी टीम लगी हुई है क्योंकि नोखा धर्म नगरी में गुरुदेव के आशीर्वाद से नोखा में अनोखा आध्यात्मिक बन रहा है एक जैसी वेशभूषा ओर अनुशासन देखने लायक है और उत्साह अभूतपूर्ण है ।



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