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Showing posts from April, 2019

योग और प्रेक्षाध्यान की कार्यशाला : जयपुर

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ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री उदित कुमार जी के पावन सानिध्य में  अणुव्रत समिति जयपुर द्वारा   आयोजित योग एवं प्रेक्षाध्यान कार्यशाला में अणुव्रत महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित विशिष्ट जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति 14 अप्रैल 2019, जयपुुु, JTN, अणुव्रत समिति, जयपुर द्वारा योग और प्रेक्षाध्यान की तृतीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्घाटन सत्र ज्ञानशाला के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि श्री उदित कुमार जी के पावन सानिध्य में आयोजित किया गया। अणुव्रत समिति की बहनों और जयपुर केंद्र के जीवन विज्ञान और योग के विद्यार्थियों द्वारा अणुव्रत गीत के संगान किया गया। 300 से अधिक प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अणुव्रत समिति, जयपुर की अध्यक्ष रीना गोयल ने कार्यशाला की रूपरेखा और सत्रों की व्यवस्था से सभी को अवगत कराया। योग और प्रेक्षाध्यान जीवन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इसका नियमित अभ्यास मानव को स्वस्थ और आध्यात्मिक जगत की और अग्रसित करता है। मुनिश्री उदित कुमार जी  ने यह उद्गार व्यक्त करते हुए सभी को नियमित प्रेक्षाध्यान का अभ्यास करने की सलाह दी...

महावीर वीर की करुणा ही मोक्ष है : मुनि सम्बोध कुमार

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जीवन के जितने भी रंग है.... एक एक कर उन सारे रंगों में घुलकर भी जीवन रंगोली ना हो सका। दर्द से भी गुजरे..... प्यार का पारावार भी मिला, छप्पन लज़ीज पकवान भी परोसे.... और भुख ने भी कसौटीयो पर कसा, तंज भी कसे तो तारीफों के कसीदे भी पढ़े गये.... न राग अपने बहाव में बहा ले जा सका ना द्वेष अपने चुंगल में कही जकड़ सका.... ये कैसी घाघदारी थी... महावीर बेरंग मुसाफिर हो गये थे। जंगल के सन्नाटो में शहरों के शोर में.... मन कभी विचलन का शिकार ना हुआ। एक करुणा थी जो त्रिसंध्या बरसती रही। वो कब श्वेताम्बर थे, कब दिगम्बर हुए..... उन्हें आहट भी नहीं हुई.... बस होना था और हो गया... एक नियति जिसे बुन्नी थी वो बुन गयी.... महावीर का शगल सिर्फ विस्तार पाना था.... तो राग रंग के मक्कड़जाल में उलझे बिना अपनी करुणा को आखिर बिखेरते हुए विस्तार को हासिल होते गये।  अमाप्य, अपार, अनहद, अंनत, असीम, अंतहीन करुणा का पिघलना तो कोख में ही शुरू हो गया था, वो " पूत के पांव पालने में पता चलने " के जुमले से पहले..... महावीर महसुस करने लगे - हलन चलन हाथ - पांवो में हो या सिरहन शरीर में... माँ त्रि...

मृत्यु की मुस्कान से मोक्ष की अनूठी यात्रा : श्री ललित गर्ग

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भारत का इतिहास संत और मुनियों की गौरवमयी गाथाओं से भरा है। इस देश की धरती पर अनेक तीर्थंकर, अवतार, महापुरुष एवं संतपुरुष अवतरित हुए जिन्होंने अपने व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व से समाज व राष्ट्र को सही दिशा और प्रेरणा दी। महापुरुषों की इस अविच्छिन्न परम्परा में शासन गौरव मुनिश्री ताराचंदजी भी एक ऐसे ही क्रांतिकारी संत हैं, जिन्होंने राजस्थान के सरदारशहर कस्बे में आचार्य श्री महाश्रमणजी के आदेशानुसार 22 मार्च 2019 को संलेखना साधना प्रारंभ की और 7 अप्रैल 2019 को सोलह की तपस्या में स्व इच्छा से ही प्रेरित होकर आजीवन तिविहार अनशन (संथारा) को स्वीकार किया है। जैन धर्म में संथारा अर्थात संलेखना- 'संन्यास मरण' या 'वीर मरण' कहलाता है। यह आत्महत्या नहीं है और यह किसी प्रकार का अपराध भी नहीं है बल्कि यह आत्मशुद्धि का एक धार्मिक कृत्य एवं आत्म समाधि की मिसाल है और मृत्यु को महोत्सव बनाने का अद्भुत एवं विलक्षण उपक्रम है। मुनि ताराचंदजी विनम्रता, आध्यात्मिक भावना, सहजता, सरलता और समर्पण के प्रतीक असाधारण संत है, जिन्होंने देश में हिंसा और क्रूरता के खिलाफ आवाज बुलंद...

'शासन गौरव' एवं साधक संत मुनिश्री ताराचंदजी स्वामी का संक्षिप्त जीवन परिचय

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ऐसे संत जिन्होंने तीन तीन आचार्यों के दिल में अमिट छाप छोड़ी । शासन गौरव मुनिश्री ताराचंदजी स्वामी के लिए आचार्यों द्वारा विशेष रुप से फरमाये गए शब्द 👇🏻 मुनि ताराचंदजी हमारे संघ के विशिष्ट साधक साधुओं में से एक है - आचार्य तुलसी मुनि ताराचंदजी विनम्रता, आध्यात्मिक भावना, सहजता, सरलता और समर्पण के प्रतीक हैं - आचार्य महाप्रज्ञ शासन गौरव मुनि श्री ताराचंद जी स्वामी हमारे धर्म संघ के असाधारण साधु है। मेरे लिए तो वे विशेष सम्मानीय हैं - आचार्य महाश्रमण जन्म, दीक्षा, सानिध्य -   आपका जन्म राजस्थान के बीकानेर जिले के अंतर्गत "रासीसर" नाम के छोटे कस्बे में 19 जनवरी 1931 को हुआ। पिताश्री रुघलालजी चोरड़िया के आकस्मिक निधन को देखकर मातुश्री मोतीदेवी व साध्वी श्री वृंदाजी (बोरज) की प्रेरणा पाकर आपने मात्र 13 वर्ष की उम्र में सन 1943 में गंगाशहर में आचार्य श्री तुलसी के कर कमलों से दीक्षा ग्रहण की। दीक्षित होते ही आपने मुनि श्री चम्पालाल जी स्वामी ( भाईजी महाराज ) के संरक्षण में अपने आत्मगुणों का विकास किया। आपकी सहज अंतर्मुखी वृति से प्रभावित होकर आचार्य श्री तुलसी न...

राजाजी का करेड़ा में मुमुक्षु धीरज मंगल भावना समारोह

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7 अप्रैल 2019 राजाजी का करेड़ा, JTN, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में मुमुक्षु धीरज का मंगल भावना समारोह आयोजित किया गया। निवास स्थान से वरगोडा सदर बाजार होते हुए तेरापंथ भवन पहुँचा। ज्ञातव्य रहे परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी ने कन्याकुमारी में बैंगलोर प्रवास के समय भिक्षुधाम में 3 जुलाई को मुमुक्षु श्री धीरज दक को दीक्षा का आदेश प्रदान किया है। कन्या मंडल द्वारा मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सभा अध्यक्ष श्री भँवरलाल भलावत ने स्वागत किया। श्री कैलाश चावत ने दीक्षा की महत्ता बताई ।  मुमुक्षु धीरज दक ने अपनी वैराग्य यात्रा का वृतान्त बताया। आप ने बताया कि हमें किसी में कोई दोष नजर आये तो उस व्यक्ति को ही बताये न कि हम उसका गलत प्रचार करें। सभी को किसी एक बुरी आदत का त्याग करने की प्रेरणा दी।  मुमुक्षु के मामा परिवार से कमला बाई भटेवरा, सुशील भटेवरा, प्राची भटेवरा ने मंगल भावना के साथ स्वागत किया। समारोह में गणपत मेड़तवाल, लीला देवी आच्छा, मनोहरलाल जी चोरड़िया, सुंदरलाल जी रांका, महावीर जी मेड़तवाल, तेरापंथ महिला मंडल, स्थानकवासी महिला मंड...

गांधीनगर रेलवे स्टेशन , जयपुर में हुआ कन्या सुरक्षा सर्किल का अनावरण

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तेरापंथ महिला मंडल जयपुर शहर द्वारा कन्या सुरक्षा व शिक्षा के क्षेत्र में अनेकों कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। अखिल भारतीय महिला मंडल द्वारा निर्देशित इसी कार्यक्रम के अंतर्गत महिला प्रधान गांधीनगर रेलवे स्टेशन बजाज नगर पर एक कन्या सुरक्षा सर्किल का निर्माण करवाया गया। यह एक मात्र ऐसा स्टेशन हैं जिसमें कार्यरत सारे पदाधिकारी महिलाएं है।  गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर कन्या सुरक्षा सर्किल का  अनावरण 5 अप्रैल को अभातेमम की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कुमुद कच्छारा और मीडिया प्रभारी डॉ अर्चना शर्मा ने किया और महिला मंडल की गौरव कमला बरडिया सभा अध्यक्ष , मंत्री , TPF अध्यक्ष , अणुविभा मंत्री साथ ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा बैद, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष  श्रीमती  सरिता डागा, उपमंत्री विजयलक्ष्मी भूरा, राष्ट्रीय फिजियोथेरेपी की संयोजिका विमला दूगड़ आदि गणमान्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रातः 11:15 बजे किया गया।  कार्यक्रम स्थल पर प्रायोजक राष्ट्रीय ट्रस्टी श्रीमती सौभाग देवी सभा ट्रस्टी, वरिष्ठ श्रावक श्री पन्नालाल बैद , शहर महिला मंडल अध्यक्ष मधु श्यामसु...