स्वस्थ परिवार स्वस्थ समाज कार्यशाला : राजलदेसर
राजलदेसर, शासन श्री साध्वी धनश्री जी के पावन सानिध्य में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित "स्वस्थ परिवार स्वस्थ समाज" कार्यशाला के अंतर्गत कोलकाता से समागत डॉ. विनोद विनायकिया द्वारा ह्रदय से संबंधित बीमारियों एवं ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के लक्षण एवं उनसे बचाव बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। डॉ. विनायकिया ने कहा 45 - 50 वर्ष के पश्चात शरीर को अनेक असाध्य बीमारियां घेरने लगती है। अनेक शारीरिक परेशानियां बढ़ जाती हैं। शरीर अस्वस्थ एवं मन चिड़चिड़ा रहने लगता है। ऐसे में स्वस्थ शरीर के लिए योग, स्वास प्रेक्षा करना बहुत जरूरी है।
महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण से शुरू हुए कार्यक्रम में साध्वी धनश्री जी ने कहा रीढ़ की हड्डी शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो संपूर्ण शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण होती है। रीढ़ के आधार पर इड़ा, पिंगला सुषुम्ना नाड़ी चलती है। शरीर में अनंत शक्ति है। कलात्मक ढंग से जीना बहुत जरूरी है। स्वस्थ जीने के लिए जैन जीवन शैली सबसे कारगर पद्धति है। जीवन तो सभी जीते हैं मगर कलात्मक ढंग से जीना जीना होता है। जीवन विज्ञान जीने की कला बताता है।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा के ट्रस्टी वरिष्ठ श्रावक श्री पन्नालाल दुगड़, अध्यक्ष श्री नवरत्नमल बैद "मूंथा", युवक परिषद के मंत्री श्री देवेंद्र बरडिया एवं कोषाध्यक्ष श्री संजय बैद तथा महिला मंडल द्वारा डॉ. विनायकिया को गुरुदेव की तस्वीर एवं साहित्य प्रदान कर सम्मानित किया गया। आभार ज्ञापन महिला मंडल कि मंत्री श्रीमती सविता बच्छावत ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन साध्वी सलिल यशा जी ने किया।

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