Posts

Showing posts from February, 2018

कन्या सुरक्षा कार्यशाला: उत्तर हावड़ा

Image
उत्तर हावड़ा महिला मंडल ने अखिल भारतीय महिला मंडल द्वारा निर्देशित *कन्या सुरक्षा* कार्यशाला का आयोजन दिनाक:11/1/18 को घास बागान मैदान में किया। प्रज्ञा सभागार (सोहनदीप) से कन्या सुरक्षा की रैली में महिला मंडल, कन्यामण्डल,पार्षद श्रीमती गीता राय और महिला मोर्चा की श्रीमती बबीता जैन,महिला विकास परिषद की बहने आदि कन्या सुरक्षा के स्लोगन,और पोस्टर्स के साथ घास बागान पहुँची।रैली के साथ राह चलते लोगो को कन्या सुरक्षा के पम्पलेट वितरण किये। कार्यशाला का शुभारम्भ नवकार मन्त्र के जप से हुआ।महिला मंडल की बहनो ने मंगलाचरण किया।कार्यशाला का सफल संयोजन मंत्री श्रीमती सीमा बैद ने किया।अध्य्क्ष श्रीमती कंचन पारख ने स्वागत भाषण किया।तत्पश्चात कन्यामण्डल की कन्यायों द्वारा कन्या सुरक्षा पर नाटिका की प्रस्तुति की गई।महिलाओ और कन्याओ से भ्रूण हत्या न करने का संकल्प करवाया। आज की भागदौड़ भरी दिनचर्या में  अपने आप को किस तरह फिट रखा जाए उसके लिए श्रीमती अंजू कोठारी ने प्राणायाम और योगा का अभ्यास करवाया और समझाया। आज की कन्याओ और युवतियों के लिए आवश्यक है अपने आप को किस तरह सुरक्षित रखा ज...

मुम्बई जीवन विज्ञान पश्चिमांचल सम्मेलन सम्पन्न

Image
श्री तुलसी महाप्रज्ञ फांउडेशन कांदीवली के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कोठारी एवं जीवन विज्ञान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गौतम सेठीया की अध्यक्षता में तेरापंथ भवन कांदीवली मुंबई में जीवन विज्ञान पश्चिमांचल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ। मुंबई जीवन विज्ञान के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी ने पधारे हुए सभी का स्वागत किया। मंत्री प्रितम हिरण ने कार्यक्रम की शुरुवात नमस्कार मंत्र से की। मंगलाचरण मंत्री प्रितम हिरण, वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक श्री पारसमल दुग्गड़ और प्रशिक्षका उषा जैन द्वारा हुआ। राष्ट्रीय संगठन संयोजक श्री प्यारचंद मेहता ने कहा आचार्य श्री महाप्रज्ञ द्वारा प्रदत जीवन विज्ञान का देश भर में प्रचार प्रसार हो, अपने श्रम और समय का योगदान देकर महत्तम जीवन विज्ञान अकादमीयों का संगठन करेंगे ऐसा संकल्प घोषित किया। राष्ट्रीय संगठन सह - संयोजक के रुप मे वरिष्ठ प्रेक्षा प्रशिक्षक पारसमल दुग्गड़ की नियुक्ति हुई।  राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम सेठिया ने पैन इंडिया काम्पटीशन के प्रतिस्पर्धा के रुप मे जीवन विज्ञान लागू करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों एवं ज्ञानशाला के सभी महत्तम विद्या इसमें भा...

महासभा की संगठन यात्रा: ठाणे

Image
महासभा की संगठन यात्रा: ठाणे तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  किशन लाल जी डागलिया अपनी 523 वी संगठन यात्रा के तहत आज तेरापंथ भवन ठाणे पहुँचे। जहाँ आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञनुवर्ती प्रो मुनि श्री महेंद्र कुमार जी ने उपस्थित सभा को प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी संस्था तभी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाती है जब उनके पदाधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन अच्छे से कर सके। महासभा और ठाणे सभा अच्छे से अपने कार्य को संपादित कर रही है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत महासभा  कार्यकारिणी सदस्य निर्मल जैन के मंगलाचरण से हुई। तत्पश्चात महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशन लाल डागलिया ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। स्वागत भाषण तेरापंथी सभा ठाणे के अध्यक्ष निर्मल श्रीश्रीमाल ने किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष को थाने सभा की गतिविधियों से अवगत कराया। महासभा की सहभागिता योजना के महाराष्ट्र प्रभारी मनोज सिंघवी ने सहभागिता योजना के बारे में विस्तार से बताया और महासभा की अन्य योजना पर प्रकाश डाला। महासभा कार्यकारिणी सदस्य तनसुख चौरड़िया ने जैन तेरापंथ कार्ड योजना पर विशेष ज...

ठाणे में महासभा अध्यक्ष की संगठन यात्रा

Image
महासभा की संगठन यात्रा: ठाणे तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  किशन लाल जी डागलिया अपनी 523 वी संगठन यात्रा के तहत आज तेरापंथ भवन ठाणे पहुँचे। जहाँ आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञनुवर्ती प्रो मुनि श्री महेंद्र कुमार जी ने उपस्थित सभा को प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी संस्था तभी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाती है जब उनके पदाधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन अच्छे से कर सके। महासभा और ठाणे सभा अच्छे से अपने कार्य को संपादित कर रही है। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत महासभा  कार्यकारिणी सदस्य निर्मल जैन के मंगलाचरण से हुई। तत्पश्चात महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशन लाल डागलिया ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। स्वागत भाषण तेरापंथी सभा ठाणे के अध्यक्ष निर्मल श्रीश्रीमाल ने किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष को थाने सभा की गतिविधियों से अवगत कराया। महासभा की सहभागिता योजना के महाराष्ट्र प्रभारी मनोज सिंघवी ने सहभागिता योजना के बारे में विस्तार से बताया और महासभा की अन्य योजना पर प्रकाश डाला। महासभा कार्यकारिणी सदस्य तनसुख चौरड़िया ने जैन तेरापंथ कार्ड योजना पर विशेष ज...

पूज्यप्रवर की मनमोहक तस्वीर

Image

धर्म की जड़ हरी होती है : आचार्य श्री महाश्रण जी

Image
साभार : अमृतवाणी

ऐरोली में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की संग़ठन यात्रा

Image
संस्था शिरोमणि "जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा" के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री किशनलालजी डागलीया की 524 वी संगठन यात्रा ऎरोली तेरापंथ भवन में संपन्न हुई। आज 10 जनवरी को संगठन यात्रा हेतु श्री किशनलालजी डागलिया ऎरोली पहुंचे। मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री किशनलालजी  डागलिया द्वारा किया गया तत्पश्चात एरोली सभा अध्यक्ष श्री दिनेश बाफना ने सभी का स्वागत किया तेयुप अध्यक्ष राकेश डूंगरवाल द्वारा क्षेत्रीय जानकारी एवं धार्मिक गतिविधियों के बारे में जानकारी व्यक्त की गयी। संगठन यात्रा मे महासभा सदस्य श्री मनोजजी सिंघवी एवं तेरापंथ कार्ड सयोजक श्री तनसुुखजी. चोरड़िया द्वारा संगठन यात्रा का उद्देश्य, कार्यप्रणाली आदि के बारे में विस्तार से सभी को जानकारी प्रदान की। श्री किशनलालजी डागलिया द्वारा सरल शब्दों मे अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया एवं ऎरोली सभा को संगठनात्मक दृष्टि से मजबूत करने के उपाय बताये तथा सभा के दायित्व मे कौन-कौन से कार्य आते है इसकी जानकारी प्रदान की।   जिज्ञासा-समाधान के सत्र में सभी की शंका-जिज्ञासा का...

" तेमम द्वारा श्रैष्ठ अभिभावक बनें" सेमीनार का आयोजन: कोप्पल कर्नाटक

Image
कोप्पल 10/01/18 बुधवार अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मण्डल के निर्देशानुशार कोप्पल तेरापंथ महिला मण्डल द्वारा बुधवार को गोशाला रोड स्थित तेरापंथ भवन में श्रेष्ठ अभिभावक कैसे बनें विषय पर व्यापक सेमीनार आयोजित की गई। श्रीमती सुनन्दा धोखा द्वारा मंगलाचरण से शुरू हुए सेमीनार में तेमम अध्यक्षा श्रीमती हीरादेवी जीरावला ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए विषय पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। तत्पश्चात उपासिका संगीतादेवी जीरावला ने अभिभावकों की आवश्यकता और उपयोगिता आदि पर सारगर्भित विचार रखे।         सेमीनार में मुख्य वक्ता दिनेश संचेती ने अभिभावक की अर्हत्ता और भूमिका आदि विषय पर विचार रखकर परिवार को संतुलित संयमित और संगठित रखने में अभिभावक ही मुख्य होते है अतः अभिभावक बनने हेतु स्वयःको सरल शान्त सहज और संयमित व अनुशासित गुणों से सुसज्जित करना होगा ताकि उन गुणों के सहारे परिवार को भी उसी नक्शे में ढाल सके।अभिभावक को धैर्य और हिम्मत से काम लेना होगा तथा सदैव आशावादी रहना होगा। उन्होंने वैज्ञानिक न्यूटन के प्रेरक उदाहरण बताकर समस्याओं से घबराये बिना धैर्य व हिम्मत का...

चार शिक्षाएं जीवन में अपनाए : आचार्य श्री महाश्रण जी

Image
साभार : अमृतवाणी

आलस्य को मनुष्य का शत्रु कहा गया है : आचार्य श्री महाश्रमण जी

Image
आचार्यश्री महाश्रमणजी           09 फरवरी 2018 बामुर, अंगुल, JTN, लोगों को सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति का मंत्र बताने वाले आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ शुक्रवार को अनगुल जिले के बामुर स्थित युवा ज्योति हाइस्कूल में पधारे। युवा ज्योति हाइस्कूल में मंगल पदार्पण मानों बामुरवासियो में आध्यात्मिकता की ज्योति जलाने के लिए हुआ।            छात्रों, शिक्षकों व ग्रामीणों को पावन प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि आदमी को नींद को बहुमान नहीं देना चाहिए। यदि आदमी को अपने जीवन में विकास करना और आगे बढ़ना है तो नींद को बहुमान देने से बचने का प्रयास करना चाहिए। कार्य से हुए थकान के उपरान्त थोड़ा विश्राम तो आवश्यक है, किन्तु आलस्यवश सोना अच्छा नहीं होता। आपको भी ज्ञानार्जन के क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो आपको नींद, आलस्य आदि से बचने का प्रयास करना चाहिए।            आलस्य को मनुष्य का शत्रु कहा गया है। वह भी एक ऐसा शत्रु जो मनुष्य के शरीर में ही रहने वाला है। आलस्य करने वाले आदमी का विकास संभव नहीं हो ...

केन्द्रिय मन्त्री एवं दिल्ली के उपमुख्य मन्त्री को अणुव्रत पत्रिका भेंट

Image
डॉ हर्षवर्धन   माननीय   केन्द्रिय मन्त्री (भारत सरकार) को अणुव्रत समिति दिल्ली के परामर्शक श्री बाबुलाल दूगड ने अणुव्रत पत्रिका भेंट की। उपमुख्य मन्त्री निवास नई दिल्ली में माननीय श्री मनीष शिशोदिया - उपमुख्य मन्त्री  एवं शिक्षा मन्त्री से विशेष भेंट के दौरान अणुव्रत समिति दिल्ली की मन्त्री डॉ कुसुम लुनिया ने अणुव्रत पत्रिका भेंट की तथा दिल्ली में हो रहे अणुव्रत कार्यो की अवगति दी , मंत्री जी ने स्कुलों में नैतिक शिक्षा हेतु दिल्ली समिति को विशेष रुप से आंमत्रित किया तथा अणुव्रत पत्रिका की प्रशंसा की। इसी क्रम में हिन्दी अकादमी के विशेष अधिकारी श्री अनिल उपाध्याय को भी पत्रिका भेंट की गई ।

इंद्रियों का हो सदुपयोग : आचार्य श्री महाश्रण जी

Image
साभार : अमृतवाणी

जिज्ञासा, श्रद्धा और चिकिर्सा कार्य को सफल बनाने में सहायक होती है : आचार्यश्री महाश्रमणजी

Image
- ज्योतिचरण से पावन हुए खलारी में गूंजा आध्यात्मिकता का संदेश  - बढ़ती गर्मी के बीच महातपस्वी महाश्रमण का प्रलंब विहार, पहुंचे खलारी नोडल हाइस्कूल  - अपने क्षेत्र में राष्ट्रसंत आचार्यश्री के दर्शन को पहुंचे विधायक सहित अन्य गणमान्य  आचार्यश्री महाश्रमणजी 03 फरवरी 2018 खलारी, अंगुल (ओड़िशा) : उत्कल धरा को अपने चरणरज से पावन बनाते जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी शनिवार को अपनी धवल सेना के साथ लगभग सोलह किलोमीटर का प्रलंब विहार कर महिधरपुर से खलारी पहुंचे।  जन-जन के मानस को अपने प्रवचनों के माध्यम से निर्मल बनाने का प्रयास करते आचार्यश्री महाश्रमणजी ओड़िशा के गांवों-गांवों को आध्यात्मिक रूप से संपृक्त करते निरंतर गतिमान हैं। अपनी अहिंसा यात्रा के साथ भारत के बारहवें राज्य के रूप में ओड़िशा को पावन बना रहे हैं। अब तक छह जिलों की धरती को पावन कर आचार्यश्री वर्तमान में अंगुल जिले के गांवों में सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की ज्योति जला रहे हैं।  शनिवार को...

सर्व ज्ञान के प्रकाश से ही आत्मा मोक्ष को प्राप्त कर सकती है : आचार्यश्री महाश्रमणजी

Image
- प्रवर्धमान अहिंसा यात्रा का ढेकानल जिले से अंगुल जिले में मंगल प्रवेश  - ज्योतिचरण के रज से पावन होने वाला सातवां जिला बना अंगुल - सातमाइल से लगभग बारह किलोमीटर का विहार कर महातपस्वी पहुंचे महिधरपुर नोडल हाइस्कूल  आचार्यश्री महाश्रमणजी           02 फरवरी 2018 महिधपुर, अंगुल (ओड़िशा) : जन-जन को मानवता का संदेश देते मानवता के मसीहा, शांतिदूत, जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अहिंसा यात्रा के प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ आध्यात्मिकता के प्रकाश से ओड़िशा राज्य को जयोतिर्मय बना रहे हैं। लोगों को सद्भावना, नैतिकता, नशामुक्ति का संदेश देकर उन्हें आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। आचार्यश्री की ओजस्वी और प्रेरणादायी वाणी का श्रवण कर लोग अहिंसा यात्रा के तीनों संकल्पों को स्वीकार भी कर रहे हैं तथा यथानुकूलता अपने जीवन में उसे उतारने का भी प्रयास कर रहे हैं।            अब तक ओड़िशा के छह जिलों को अपने चरणरज से पावन करने के उपरा...

जीवन को अच्छा बनाने का प्रयास करना चाहिए : आचार्यश्री महाश्रमणजी

Image
- जनता कालेज से जननायक ने जनता को प्रदान किए पावन संबोध - गंडानाली से लगभग तेरह किलोमीटर का विहार कर आचार्यश्री महाश्रमणजी पहुंचे सातमाइल  आचार्यश्री महाश्रमणजी           01.02.2018 सातमाइल, ढेकानल (ओड़िशा) : दार्शनिक जगत में अनेक सिद्धांत होते हैं। उसी प्रकार जन्म-मृत्यु के संबंध में भी दार्शनिक जगत में दो सिद्धांत प्रसिद्ध हैं-पहला आस्तिक और दूसरा नास्तिक। आस्तिक अवधारणा यह मानती है कि इस जगत में आत्मा का अस्तित्व है। इस विचारधारा के लोगों के अनुसार इस संसार में जो आत्मा है, एक अवस्था के बाद एक शरीर को छोड़ दूसरे शरीर धारण कर लेती है अर्थात् आत्मा के एक ऐसा स्थाई तत्त्व है जो कभी मिटती नहीं और हमेशा किसी न किसी रूप में उपस्थित रहती है। वह आगे से आगे जाने वाली होती है। इस कारण आत्मा का पुनर्जन्म होता है। आत्मा को न छेदा जा सकता है, न काटा जा सकता है, न जलाया जा सकता है, न गीला किया जा सकता है और नहीं सुखाया जाता है। वह सदैव रहने वाली है। आदमी का यह शरीर विनाशधर्मा है। जिस प्रकार आदमी पुराने जीर्ण-शीर्ण वस्त्रों का परित्याग कर नए कपड़े धारण कर लेता है ...