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Showing posts from November, 2019

सदाचारपूर्ण रहे जीवन : आचार्य महाश्रमण

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रिमझिम वर्षा में 14 किमी विहार कर के.आर.पेट पधारे शांतिदूत 27-11-2019, बुधवार, के.आर.पेट, मंड्या, कर्नाटक, JTN, करुणा के महासागर आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ अक्कीहेब्बालू स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल से विहार कर के.आर.पेट में पधारे।  कर्नाटक राज्य में अहिंसा यात्रा सानंद प्रवर्धमान है। मैसूर के पश्चात एक बार पुनःमंड्या जिले में विचरण कर रहे शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रातः विहार के शुरुआत में ही रिमझिम वर्षा प्रारंभ हो गई। संपूर्ण विहार मार्ग में थोड़ी-थोड़ी बरसात का दौर चलता रहा। लगभग 14 किमी विहार कर शांतिदूत बाल गंगाधर स्वामी स्कूल में पधारे। यहां पावन प्रेरणा देते हुए गुरुदेव ने कहा कि दुनिया में दो तत्व है जीव और अजीव। इन दो तत्वों में पूरी दुनिया आ जाती है। जीवन भी दो तत्वों वाला है आत्मा और शरीर। दोनों का योग है तो जीवन है। केवल आत्मा है और शरीर नहीं तो जीवन नहीं होता। जैसे सिर्फ परमात्मा होते हैं, उनके शरीर नहीं होता, वे शुद्ध आत्मा है। वैसे ही मृत्यु के पश्चात मृत्यु के पश्चात पार्थिव शरीर में जीवन नहीं है क्योंकि उसमें आत्मा नहीं है। आ...

सर्वश्रेष्ठ दान है अभयदान : आचार्य महाश्रमण

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महातपस्वी महाश्रमण जी आज लगभग 10 किमी विहार कर पधारे अक्कीहेब्बालू   आचार्यवर ने दी अभयदान की पावन प्रेरणा 26-11-2019, मंगलवार, अक्कीहेब्बालू, मंड्या, कर्नाटक,JTN, अज्ञान रूपी अंधकार को हरने वाले ज्ञानसूर्य पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ कर्नाटक राज्य में अविरल रूप से गतिमान है। शांतिदूत ने आज प्रातः होसा अग्रहरा से मंगल प्रस्थान किया। विहार के मध्य एक स्थान पर ग्रामवासियों ने आचार्य प्रवर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। लगभग 10 किलोमीटर का विहार कर शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी अक्कीहेब्बालू स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में पधारे। वहां स्थित रंगमंदिर ऑडिटोरियम में  अमृत देशना प्रदान करते हुए परम श्रद्धास्पद आचार्यश्री महाश्रमण ने कहा दुनिया में अनेक दान है। उनमें श्रेष्ठ है, अभयदान। न डरना चाहिए और न डराना चाहिए। भयभीत व्यक्ति हिंसा में प्रवृत्त हो सकता है और डराना तो अपने आप मे हिंसा है। अहिंसा के लिए अभयदान आवश्यक है। आचार्य प्रवर ने आगे फरमाया कि भय एक कमजोरी होती है। तीर्थंकर अभय और अभयदाता होते है। भय को पूर्णतः जीत लेने वाला व्यक्ति...

जैन तेरापंथ समाज की सुमित्रादेवी बनी बालोतरा नगरपालिका सभापति

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बालोतरा नगरपालिका के गठन के बाद 70 साल के कार्यकाल में इस बार दूसरी बार महिला शहर की प्रमुख बनी। और दोनों बार तेरापंथ समाज की। इससे पूर्व 2003 में तेरापंथ समाज की प्रभाजी सिंघवी प्रथम महिला सभापति रह चुकी हैं। हाल में सम्पन्न हुए नगरपालिका चुनाव जिसमें हमारे जैन तेरापंथ समाज की श्रीमती सुमित्रादेवी धर्मपत्नी सुरेशजी वैदमुथा सभापति बने। 48 वर्षीय श्रीमती वैदमुथा समणी संचितप्रज्ञाजी के संसार पक्षीय भाभीसा है। नगरपालिका में सभापति पद पर तेरापंथ समाज के व्यक्तित्व का शामिल होना हम सब के गौरव की बात है । अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ परिवार की और से आपको बहुत बहुत बधाई । जैन तेरापंथ समाज की सुमित्रादेवी बनी बालोतरा नगरपालिका सभापति

सम्यक ज्ञान के द्वारा करें सम्यक आचरण : आचार्य महाश्रमण

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लगभग 16 किलोमीटर विहार कर महातपस्वी पधारे होसा अग्रहरा चतुर्दशी के अवसर पर 'हाजरी' वाचन का कार्यक्रम

अहिंसा परम धर्म है : आचार्य महाश्रमण

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महातपस्वी महाश्रमण जी द्वारा आज लगभग 20 किलोमीटर का विहार पूज्यवर द्वारा जीवो के प्रति दयावान रहने की प्रेरणा 24-11-2019, रविवार, के.आर. नगर, मैसूर, कर्नाटक, JTN, अहिंसा यात्रा प्रणेता शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी महामेघ के समान कर्नाटक के गांव-गांव में अमृत की वर्षा कर रहे हैं। जन-जन को सद्भावना नैतिकता व नशा मुक्ति की प्रेरणा देते हुए पूज्यवर आज प्रातः हुंसुर से 13.5 किलोमीटर का विहार कर गावड़गेरे के सरकारी प्राइमरी स्कूल में पधारे। स्कूल के प्रांगण में उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी ने फरमाया कि हमारे जीवन में दया का बड़ा महत्व है। दयालु आदमी अनेक पापों से बच सकता है। दया इस रूप में हो कि मेरे द्वारा किसी को कष्ट या हिंसा ना हो जाए। न मारने के संकल्प को दया कहा गया है। जीव अपने आयुष्य बल से जी रहा है, यह हमारी दया नहीं है। और मर रहा है तो हिंसा या पाप नहीं है। जो सलक्ष्य, ससंकल्प से मारता है, वह हिंसा का भागीदार है। नहीं मारना दया है। आचार्य प्रवर ने आगे फरमाया- "अहिंसा परमो धर्म:" अर्थात अहिंसा परम धर्म है। पाप आचरणों से बचना भी दया है। समझदार ...

साहस के द्वारा करें हर कठिनाई को पार : आचार्य महाश्रमण

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परिश्रम से होती है सभी मुश्किलें आसान: आचार्य महाश्रमण शांतिदूत आचार्य महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ लगभग 13.4 कि.मी. का विहार कर पधारे हुंसुर 23-11-2019, शनिवार, हुंसुर, मैसूर, कर्नाटक, JTN, अहिंसा यात्रा के संदेशों द्वारा जन-जन का हृदय परिवर्तन करने वाले जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्म संघ के ग्यारहवें पट्टधर आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज हुंसुर में पावन पदार्पण हुआ। इससे पूर्व आचार्य प्रवर ने प्रभात वेला में कुप्पी स्थित आचार्य तुलसी प्राथमिक विद्यालय से मंगल विहार किया। विहार के दौरान दोनों और स्थित विशाल वृक्षराशि नयनाभिराम दृश्य प्रस्तुत कर रही थी।  सर्द हवाएं शीतलता प्रदान कर रही थी। हुंसुर नगर पदार्पण पर यहां के जैन एवं जैनेत्तर समाज के लोगों ने शांतिदूत का अभिनंदन किया। लगभग 13.4 किलोमीटर का विहार कर पूज्य प्रवर आचार्य श्री महाश्रमण जी रोटरी विद्या समस्ते, हुंसुर में पधारे। यहां श्रावक-श्राविकाओं को अमृत देशना देते हुए शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी ने कहा कि कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए आदमी कठिनाइयों को सहना सीखे। कई बार कठिनाइयों को झेलने के बाद ...

सब प्राणियों के प्रति रखे मैत्री भाव : आचार्य महाश्रमण

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भगवान महावीर दीक्षा दिवस पर आचार्यवर का विशेष उद्धबोधन। शांतिदूत प्रातः 13.8 किमी एवं सायं 5.6 किमी का प्रलंब विहार कर पधारे कुप्पी 22-11-2019, शुक्रवार, कुप्पी, मैसूर, कर्नाटक,  कर्नाटक के मैसूर जिले में अहिंसा यात्रा के द्वारा शांति और नशामुक्ति का संदेश फैला रहे अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने आज ज्ञान सागर आश्रम से प्रभात वेला में मंगल विहार किया। विहार मार्ग में दोनों ओर की वृक्षों की कतारें शीतल छाया प्रदान कर रही थी। उतार-चढ़ाव से भरे नेशनल हाईवे 212 पर लगभग 13.8 किमी का विहार कर शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी बिलकेरे स्थित गवर्नमेंट स्कूल में पधारे। यहां प्रवचन सभा में उद्बोधन प्रदान करते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी ने कहा कि जीवन में क्षमा बहुत महत्वपूर्ण होती है। क्षमा से ही मैत्री जुड़ी हुई है। व्यक्ति सभी प्राणियों के प्रति मैत्रीभाव रखे, सोचे कोई भी मेरा शत्रु नहीं है। क्षमा को जीना आसान नहीं होता। कोई कुछ प्रतिकूल आचरण करता है तो गुस्सा आ जाता है। व्यक्ति समता, मैत्री भाव में रहे और तो गुस्सा न आए। आचार्य श्री ने आगे कहा कि आज ...

अमूल्य मानव जीवन व्यर्थ ना गवाएं : आचार्य महाश्रमण

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ज्ञान के महासूर्य आचार्य महाश्रमण पधारे ज्ञान सरोवर मैसूरु से शांतिदूत का लगभग 13 किमी का हुआ विहार 21 नवंबर 2019, गुरुवार, ललिंगश्वर कोपल, कर्नाटक। अपनी पावन वाणी से मैसूरवासियों को कृतार्थ बनाकर शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी का अहिंसा यात्रा का कारवां  आज मैसूर से आगे बढ़ चला। अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी ने आज  प्रातः तेरापंथ भवन मैसूर से मंगल विहार किया। मार्ग में अनेक श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए आचार्यवर ने हिनाकल में भी अनेक श्रद्धालुओं को मंगल पाठ सुना कर आशीर्वाद प्रदान किया। लगभग 13 किलोमीटर का विहार कर का ज्योतिचरण स्टेट हाईवे 88 पर स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम ज्ञान-सरोवर में पधारे। ब्रह्मकुमारी के साधकों ने आचार्यवर का भावभीना स्वागत किया। यहां प्रवचन सभा में अपनी पावन ज्ञान रश्मियां बिखेरते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा हमारे स्वयं की आत्मा मित्र भी और शत्रु भी है। दूसरों को शत्रु-मित्र मानना स्थूल बात है। यह व्यवहार और ऊपर की बात है। बाहर का मित्र धोखा दे सकता है और कभी शत्रु भी सहायता कर सकता है। पाप कर्म करने वाल...

जैन तेरापंथ समाज के श्री मोतीलाल दुगड़ बने नेपाल देश के उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति राज्यमंत्री

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जैन तेरापंथ समाज के श्री मोतीलाल दुगड़ बने नेपाल देश के उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति राज्यमंत्री Motilal Dugar Nominated as Minister of State of Industry, Supply and Commerce by Govt of Nepal जैन तेरापंथ समाज नेपाल के मुख्य व्यक्तित्वों में से श्री मोतीलाल दुगड़, फतेहपुर राजस्थान निवासी बिराटनगर प्रवासी को नेपाल के प्रधानमंत्री श्री के.पी. शर्मा ओली की कैबिनेट में उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति राज्यमंत्री बनाया गया है । हमारे नेपाल प्रतिनिधि श्रीमती राजलक्ष्मी जैन द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक  प्रधानमंत्री श्री के.पी. शर्मा ओली की सिफारिश पर नेपाल के महामहिम राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने नवीन मंत्री मंडल की घोषणा की । जिसमें हमारे समाज के श्री मोतीलाल दुगड़ को भी स्थान प्राप्त हुआ है । किसी देश के मंत्री मंडल में तेरापंथ समाज के व्यक्तित्व का शामिल होना हम सब के गौरव की बात है ।  श्री मोतीलाल दुगड़ पेशे से दुगड़ स्पाइस एवं फूड्स कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर है । आप स्व. श्री हरीसिंग जी एवं उषादेवी दुगड़ के सुपुत्र है ।  अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ परिव...

अहिंसा यात्रा के स्वागत में उमड़ी चंदन नगरी मैसूरु की जनता

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अहिंसा यात्रा के स्वागत में उमड़ी चंदन नगरी मैसूरु की जनता मैसूर शहर बना महाश्रमणमय चित्त की प्रसन्नता ही सब कुछ : आचार्य महाश्रमण  His Holiness Aacharya Shri Mahashraman ji at Mysore Today with his Ahimsa Yatra 20-11-2019, बुधवार, मैसूरु,  कर्नाटक,  भारतीय की परंपरा के महान साधक, तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें अधिशास्ता शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी का अहिंसा यात्रा के साथ मैसूरु वासियों ने भव्य स्वागत किया। आज प्रभात बेला में पूज्यप्रवर का जे.एस.एस. मेडिकल कॉलेज से मंगल विहार हुआ। प्रसिद्ध चर्च सेंट फिलोमीनास में शांतिदूत का पदार्पण हुआ। जहां बिशप डॉ. के.ए.  विलियम ने आचार्य श्री का अभिनंदन किया एवं पवित्र बाइबिल भेंट किया। लगभग 8 बजे चर्च से स्वागत रैली का शुभारंभ हुआ, जो शहर से मुख्य मार्गो से होती हुई मैसूर पैलेस पहुंची। रैली में संघीय संस्थाओं के साथ-साथ सकल जैन समाजएवं जैनेत्तर समाज शांतिदूत के स्वागत में जय-जयकारों से संपूर्ण वातावरण को महाश्रमण मय बना रहा था। श्री महावीर जैन विद्यालय के बैंड समुह के कमांडर जयपाल सिंह भाटी के नेतृत्व में अहिंसा यात्...

मुनि श्री जिनेश कुमार पधारे आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर, बोरीवली

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दिनांक 20 नवंबर 2019, मुनि श्री जिनेश कुमार जी, मुनि श्री परमानंद जी का आज बोरीवली,मुंबई स्थिति आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर पधारे । आपने वहां उपस्थित श्रावक समाज को मंगल पाठ प्रदान किया । आज मुनि श्री मीरारॉड से विहार कर बोरीवली पधारे है । विहार सेवा में तेरापंथ समाज, तेयुप एवं महिला मंडल मीरा रॉड, दहिसर, बोरीवली एवं कांदिवली के सदस्यों की सराहनीय उपस्थिति रही । बोरीवली पधारकर मुनि श्री ने मंगल प्रवचन दिया |

प्रमाणिकता से जीवन बने कल्याणकारी : आचार्यश्री महाश्रमण

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शक्कर नगरी मंड्या में शांतिदूत का मंगल पदार्पण भव्य जुलूस के साथ मंड्यावासियों ने किया अहिंसा यात्रा का स्वागत 17-11-2019, रविवार , मंड्या, कर्नाटक सद्भावना, नैतिकता एवं नशामुक्ति के संदेशों से कर्नाटक की भूमि पर शांति का संदेश फैलाते हुए अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज मांडव ऋषि के प्रख्यात, शक्कर नगरी मंड्या में मंगल पदार्पण हुआ। वर्षों से अपने आराध्य का अपनी नगरी में स्वागत करने को लालायित मंड्यावासियों ने भव्य जुलूस के साथ शांतिदूत का अभिनंदन किया। पूज्य प्रवर आचार्य श्री महाश्रमण जी ने जुलूस के दौरान तेरापंथ भवन, वर्धमान जैन स्थानकवासी भवन एवं भगवान सुमितनाथ मंदिर के उपाश्रय में पधारकर मंगल पाठ व आशीर्वाद प्रदान किया। लगभग 10.5 किलोमीटर का विहार कर आचार्यवर का पी.ई.एस. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में मंगल पदार्पण हुआ। यहां आयोजित अभिनंदन समारोह में पावन उद्बोधन देते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी ने कहा कि हमारे जीवन में प्रमाणिकता का महत्वपूर्ण स्थान है। कोई व्यक्ति धर्म को माने या न माने, ईश्वर को माने या ना माने परंतु प्रमाणिकता सबके लिए अच्छी है। आस्तिक ह...

50 वर्षों के बाद तेरापंथ के नाथ पधारे मैसूर

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शांतिदूत के स्वागत में नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित सद्भावना, नैतिकता एवं नशामुक्ति से जीवन मे आये अच्छाई : आचार्य महाश्रमण 19-11-2019, मंगलवार, मैसूर, कर्नाटक कर्नाटक राज्य का प्रसिद्ध शहर मैसूर। चंदन नगरी, महलों की नगरी से प्रसिद्ध जहां विश्व प्रसिद्ध वृंदावन गार्डन है जहां जगत प्रसिद्ध दशहरा उत्सव मनाया जाता है। महादेवी चामुंडेश्वरी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। इस ऐतिहासिक नगर मैसूर में शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी का पावन पदार्पण हुआ।  पुज्यप्रवर लगभग 12 किलोमीटर का विहार कर श्रीरंगपटना से जेएसएस मेडिकल कॉलेज में पधारे। कॉलेज के प्रमुख जगद्गुरु श्री शिवराज देशी केंद्रा महास्वामी जी एवं कनक गिरी मठ के स्वस्तिक भट्ठारक भुवनकीर्ति जी ने आचार्य श्री महाश्रमण का भावभरा स्वागत अभिनंदन किया। यहाँ आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में विशाल जनमेदिनी को प्रेरणा प्रदान कराते हुए पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी ने फरमाया कि आदमी के जीवन में अहिंसा, संयम और तप है तो मानना चाहिए उसके जीवन में धर्म है। हम जैन धर्म जुड़े हैं। 24 तीर्थंकरों में अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर लगभग 2600 वर्ष पहल...

अहिंसा सुख की जननी : आचार्यश्री महाश्रमण

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महातपस्वी द्वारा प्रातः 15.5 एवं सायं 8.5 किमी. का प्रलंब विहार शांतिदूत ने प्रदान की राग द्वेष से मुक्त बनने की प्रेरणा 16-11-2019, शनिवार , मद्दुर, मंड्या, कर्नाटक, शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी ने आज प्रभात वेला में अहिंसा यात्रा के साथ मत्तिकरै स्थित गवर्मेंट आदर्श विद्यालय से मंगल विहार किया। मैसूर की ओर गतिमान पूज्य प्रवर लगभग 15.5 किलोमीटर का प्रलंब विहार कर मद्दुर स्थित एच.के. वीरेन गौड़ा कॉलेज में पधारे।  यहां पर श्रद्धालुओं को अमृत देशना देते हुए पूज्य प्रवर आचार्य श्री महाश्रमण जी महाश्रमण जी ने कहा कि अहिंसा परम धर्म है। अहिंसा सबका कल्याण करने वाली होती है। हिंसा दुख देने वाली होती है और अहिंसा सुख देने वाली होती है। प्राणी मात्र के प्रति हमें मैत्री का भाव रखना चाहिए। जितना हो सके हिंसा केअल्पीकरण का प्रयास करना चाहिए। आचार्य प्रवर ने आगे फरमाया कि अहिंसा-हिंसा का संबंध हमारे भावों से हैं, चेतना से हैं। जो अप्रमत्त एवं राग-द्वेष मुक्त हैं वह अहिंसक है। व्यक्ति को राग-द्वेष कम करने का प्रयास करना चाहिए। शांतिदूत ने एक दृष्टांत के माध्यम से प्रेरणा दे...

JITO Business Summit में अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप कोठारी का हुआ स्वागत

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JITO के अध्यक्ष, शाईन शिल्पी गोल्ड प्राइवेट लिमीटेड के श्री प्रमोद मेहता, रुणवाल ग्रुप के प्रमोटर श्री सुभाष रुणवाल, घाटकोपर के आमदार श्री पराग भाई मेहता द्वारा तेरापंथ धर्मसंघ की युवाशक्ति के सशक्त संगठन अभातेयुप के नव मनोनीत राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप कोठारी का स्वागत अभिनंदन किया । JITO President Greets ABTYP President Shri Sandeep Kothari at Mumbai in JITO Business Summit. 

इस्लामिक शांति पुरस्कार से सम्मानित हुए विक्रम कोठारी

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इस्लामिक तूराबिया द्वारा खनखा-ए-तुराबिया, बेंगलुरु में आयोजित ऐतिहासिक धर्म संसद में तेरापंथ धर्म संघ के श्रावक श्री विक्रम कोठारी को इस्लामिक शांति पुरस्कार - 2019 से सम्मानित किया गया।  आप जेसीआई के राष्ट्रीय प्रशिक्षक, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय सीपीएस ट्रेनर और तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के दक्षिण भारत मंत्री है। यह पुरस्कार उन्हें संयुक्त राष्ट्र के यूएनएसडीजी के तहत विश्व शांति स्थापित करने हेतु देश के विभिन्न संप्रदायों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द के सकारात्मक माहौल को बनाने के उनके अथक प्रयास एवं सद्भावना, नैतिकता और नशा मुक्ति द्वारा देश में एक बेहतर एवं स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार करने में अथक प्रयास हेतु दिया गया है! ज्ञातव्य है कि शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन सानिध्य में आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में संपूर्ण संयोजन एवं इस्लामिक सम्मेलन के आयोजन द्वारा श्री विक्रम कोठारी का तेरापंथ धर्म संघ की सर्वधर्म समभाव की छवि को उजागर करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ABTYP JTN Excel Conclave : चतुर्थ राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन का हुआ आयोजन

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समाचार संप्रेषण में बनी रहे प्रमाणिकता - आचार्य श्री महाश्रमण जी ABTYP JTN Excel Conclave : चतुर्थ राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन का हुआ आयोजन  Team ABTYP JTN in the Pious Presence of His Holiness Acharya Shri Mahashraman ji Feeling Blessed 7, 8 नवंबर 2019, बेंगलौर, अहिंसा यात्रा के प्रणेता, परम पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के पावन सान्निध्य में अभातेयुप जैन तेरापंथ न्यूज़ के चतुर्थ राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन "ABTYP JTN Excel Conclave" का आयोजन हुआ ।  देश-विदेश से प्रतिनिधि सम्मेलन में सहभागी बनें JTN प्रतिनिधियों को प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए परम् पूज्य आचार्य श्री महाश्रमण जी ने फरमाया कि JTN समाचार संप्रेषणशीलता को पुष्ट बनाता रहें।  जीवन में प्रामाणिकता का महत्व होता है और मीडिया के क्षेत्र में काम करने वाले सभी व्यक्तियों को न्यूज़ की प्रामाणिकता को ध्यान में रखकर उसको प्रसारित करना चाहिए। आचार्य प्रवर ने समाचारों को तीन प्रकार के - उपयोगी, अनुपयोगी और दुरुपयोगी बताते हुए कहा कि दुरुपयोगी समाचार तो किसी भी हालत में प्रसारित नहीं करना चाहिए । अनुप...