Posts

Showing posts from December, 2020

जैन संस्कार विधि के बढ़ते चरण, अभातेयुप परिवार के संग

Image
दिनांक 26/12/2020, शनिवार को ZOOM DIGITAL APP पर सायं 8:30 बजे संस्कारक श्री बजरंग जैन संस्कारक श्री सुशील गुलगुलिया,  संस्कारक श्री महेंद्र दुगड़, संस्कारक श्री डालम गीडिया अभातेयुप साथी श्री गौतम खाबिया का जन्मदिवस जैन संस्कार विधि से अभातेयुप संस्कारक द्वय श्री लोकेश गोलछा और अभातेयुप संस्कारक श्री विजय बरमेचा ने मंगल मंत्रोचार से संपादित करवाया। श्री लोकेश गोलछा ने आशीर्वाद मंत्र के बारे में बताया। अभातेयुप जैन संस्कार राष्ट्रीय प्रभारी श्री श्रैयाँस कोठारी ने भी जैन संस्कार विधि को जन जन  की विधि बनाने के लिए सभी से आह्वान किया। अभातेयुप जैन संस्कार के इस कार्यक्रम के संयोजक श्री संजय भंडारी एवं संतोष सेठिया ने सभी अभातेयुप सदस्यों एवं संस्कारकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया । सभी साथियों ने (जिनका जन्मोत्सव था) १ वर्ष के लिए त्याग प्रत्याख्यान लेते हुए आध्यात्मिक दक्षिणा प्रदान की। आभार ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक जैन संस्कार विधि  अभातेयुप संस्कारक श्री संतोष सेठिया ने किया।  जैन संस्कार विधि अभातेयुप राष्ट्रीय सह प्रभारी श्री राकेश जी जैन जैन संस्कार विधि के महत्व प...

स्वस्थ परिवार स्वस्थ समाज कार्यशाला : राजलदेसर

Image
राजलदेसर, शासन श्री साध्वी धनश्री जी के पावन सानिध्य में तेरापंथ महिला मंडल द्वारा आयोजित "स्वस्थ परिवार स्वस्थ समाज" कार्यशाला के अंतर्गत कोलकाता से समागत डॉ. विनोद विनायकिया द्वारा ह्रदय से संबंधित बीमारियों एवं ब्लड प्रेशर, शुगर आदि के लक्षण एवं उनसे बचाव बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। डॉ. विनायकिया ने कहा 45 - 50 वर्ष के पश्चात शरीर को अनेक असाध्य बीमारियां घेरने लगती है। अनेक शारीरिक परेशानियां बढ़ जाती हैं। शरीर अस्वस्थ एवं मन चिड़चिड़ा रहने लगता है। ऐसे में स्वस्थ शरीर के लिए योग, स्वास प्रेक्षा करना बहुत जरूरी है। महिला मंडल द्वारा मंगलाचरण से शुरू हुए कार्यक्रम में साध्वी धनश्री जी ने कहा रीढ़ की हड्डी शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो संपूर्ण शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण होती है। रीढ़ के आधार पर इड़ा, पिंगला सुषुम्ना नाड़ी चलती है। शरीर में अनंत शक्ति है। कलात्मक ढंग से जीना बहुत जरूरी है। स्वस्थ जीने के लिए जैन जीवन शैली सबसे कारगर पद्धति है। जीवन तो सभी जीते हैं मगर कलात्मक ढंग से जीना जीना होता है। जीवन विज्ञान जीने की कला बताता है। श्री जैन श्वेतांबर ...

अणुव्रत क्रिएटिविटी कोन्टेस्ट के लिए फाईनल कॉल : दिल्ली

Image
अणुव्रत विश्व भारती द्वारा वर्तमान पीढी में सकारात्मकता के साथ नैतिकमुल्यों के समावेश हेतु अणुव्रत क्रिएटिविटी कोन्टेस्ट 2020 एक महत्वपूर्ण आयोजन है।अणुव्रत समिति दिल्ली के अध्यक्ष डॉ.पीसी जैन ने कहा कि इसके अंतर्गत " 'वर्तमान वैश्विक संकट-प्रभाव, समाधान और अवसर " विषय पर अखिल भारतीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन नैतिकता व जागरूकता वर्धक है। वरिष्ट उपाध्यक्ष श्री शान्तिलाल पटावरी ने कहा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अन्तिम तिथि 30-12-20 तक दिल्ली में विशेष प्रयास जारी है।मन्त्री डॉ.कुसुम लुनिया ने बताया कि दिल्ली के प्राईवेट स्कुल एसोसियेशन के 4000 स्कुलों मे, वर्डसएप ग्रुपों के माध्यम से तथा अन्य स्कुलों को भी “ ACC के लिंक “के फाईनल कॉल -मेसेज भेजे जा रहे हैं । अणुव्रत समिति दिल्ली के संगठन मन्त्री व इस प्रतियोगिता के दिल्ली के संयोजक श्रीधनपत नाहटा  व सक्रिय कार्य समिति सदस्य एडवोकेट रविशर्मा ने जमीन पर उतर कर सम्पर्क साधने के ठोस काम किये है।जब इन्होने अणुव्रत समिति के परामर्शक व प्राईवेट स्कुल एसोसियेशन के अध्यक्ष आर.सी.जैन को पेम्पलेट  भेट किया तथा सब स्कुलों को ज...

अणुविभा मुम्बई टीम ने दी महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री को अणुव्रत क्रिएटिविटी कॉन्टेस्ट जानकारी

Image
  महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री श्रीमती वर्षा गायकवाड से मिलने पहुँची अणुविभा मुम्बई टीम अभातेयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप कोठारी सहित गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति 22/12/2020, अणुविभा मुंबई की टीम आयोजित होने वाले अणुव्रत क्रिएटिव कॉन्टेस्ट 2020 के लिए मुंबई के मार्गदर्शक श्री लक्ष्मण कोठारी एवं संयोजिका श्रीमती कंचन सोनी अपनी टीम के साथ चेंबूर में महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री श्रीमती वर्षा गायकवाड से मिलने पहुँची।  महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री श्रीमती वर्षा जी ने आश्वासन दिया की सरकार की तरफ से पूरा सहयोग रहेगा। आपने अणुव्रत क्रिएटिव कॉन्टेस्ट 2020 की पूरी रूपरेखा सुना। उनकी गरिमामय उपस्थिति ने सभी में उत्साह और कार्यक्रम को सफल बनाने का एक विश्वास जगाया।  जानकारी लेने के पश्चात महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री अपने पिताजी श्री एकनाथ गायकवाड, कांग्रेस अध्यक्ष श्री हुकुम राज मेहता और अपने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ इस कॉन्टेस्ट से जुड़ी।  अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप कोठारी, श्री निलेश राठौड़, मुंबई वेस्ट जोन संयोजक श्री किरण पर...

अल्पसंख्यक दिवस पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने किया महासभा को सम्मानित

Image
भारत सरकार द्वारा महासभा का सम्मान कोरोना वायरस के संदर्भ में प्रदत्त महनीय सेवाओं का मूल्यांकन महासभा अध्यक्ष ने कहा इसका श्रेय सभी तेरापंथी सभाओं को 18 दिसंबर 2020, भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आज अल्पसंख्यक दिवस के अवसर पर जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा को कोरोना वायरस के संदर्भ में विगत समय में प्रदत्त महनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप पुरी तथा आयोग के उपाध्यक्ष श्री आतिफ रशीद ने यह सम्मान महासभा को प्रदान किया। महासभा की ओर से महासभा के उपाध्यक्ष श्री सुखराज सेठिया, उपाध्यक्ष श्री संजय खटेड़ तथा कार्यसमिति सदस्य श्रीमती सुमन नाहटा ने यह सम्मान स्वीकार किया। जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष श्री सुरेशचंद गोयल ने परम पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में अनंत श्रद्धायुक्त कृतज्ञभाव अर्पित करते हुए कहा-- 'यह सम्मान विषम परिस्थिति में महासभा से एफिलिएटिड देश-विदेश में फैली 611 तेरापंथी सभाओं द्वारा पीड़ित मानव जाति की सेवा हेतु किए गए अथक, उदार और निर्भीक पुरुषार्थ का ही प्रतिफल है। महासभा परिवार ...

'विश्व मैत्री के उत्सव' के रूप में जनवरी में होगा 'जैन सामायिक फेस्टिवल' का विशाल आयोजन

Image
इस जगत में अनेकों पर्व व त्योहार मनाए जाते हैं, इसमें से अधिकांश पर्व आमोद-प्रमोद तथा लोक व्यवहार से ओतप्रोत रहते हैं। वैसे तो प्रत्येक पर्व का अपना एक महत्व रहता है लेकिन धर्म-अध्यात्म से जुड़े पर्वों व आयोजनों का जीवन पर सकारात्मक असर व प्रभाव पड़ता है, ऐसे पर्व ही हमें  उत्कृष्ट व सकारात्मक जीवन जीने की राह दिखलाते है। जिसमें समता की साधना का अगर पर्व हो तो आत्म कल्याण की राह विकसित होने की संभावना और भी बलवती हो जाती हैं। गत वर्ष इन्ही दिनों एक ऐसा ही विरल प्रयास अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद व सभी प्रमुख जैन संस्थाओं के सहयोग से किया गया था और वो था 'विश्व मैत्री के उत्सव' के रूप में 'जैन सामायिक फेस्टिवल'। इस फेस्टिवल को जैन धर्म के विभिन्न सम्प्रदायों, गच्छों, पंथों द्वारा पूर्ण श्रद्धा व समर्पण के साथ मनाया गया था और भारत की इस पावन धरा  के साथ-साथ सात समंदर पार तक एक ही दिन व एक ही समय में लगभग 1.25 लाख सामायिक हुई थी जो कि अपने आप में एक अनूठा व विरला उदाहरण थी। वर्तमान के दौर में सम्पूर्ण जगत का मानव विश्व व्यापी कोरोना महामारी के प्रकोप से सहमा व डरा हुआ है। ...

थोड़े से लाभ के लिए अपनी ईमानदारी की संपदा को कुर्बान कर दे तो उन्हे भी पछताना ही पड़ता है - आचार्य श्री महाश्रमण जी

Image
14 दिसंबर 2020, सोमवार, अक्किनेपल्लीवेरी लिंगोटम, हैदराबाद, अपनी पावन वाणी से जनमानस में सद्भावना, नैतिकता, नशामुक्ति का संदेश देने वाले अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण जी आज प्रात: चित्याल से मंगल विहार कर कामिनेनी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (KIMS),  अक्किनेपल्लीवेरी लिंगोटम में पधारे। अमृत देशना देते हुए आचार्य श्री महाश्रमण जी ने कहा- हम थोड़े से भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए धर्म के पथ से विचलित न हों। थोड़े लाभ के लिए अधिक खोने वाले को पछताना ही पड़ता है। प्राचीन दृष्टांत है कि चार दोस्त परदेश से कमाई करके घर आ रहे थे। रास्ते में ढ़ाबे में खाना खाया व काफी दूर जाने पर उसे ख्याल आया कि ढाबे वाले को 1 कांकणी (कोड़ी) ज्यादा दे दी। उसने दोस्तों से कहा चलो उससे वापिस लेकर आते है। तीन दोस्तों ने तो जाने से इंकार कर दिया व उसे भी समझाया लेकिन वह नहीं माना और अर्जित धन को एक पेड़ के नीचे गाड़ कर कोड़ी लेने चला गया। कोड़ी तो वह ले आया पर उसका वह कमाया हुआ धन किसी ने चोरी से निकाल लिया। अब वह पछताने लगा लेकिन क्या करता। भौतिक सुखों के लिए अपने साधुत्व को छोड़ देने वाले की भी यही हालत...

Is blood donation an emotion of fear or a sense of pride and joy?

Image
New Delhi [India], December 4 (ANI/SRV Media): Mega Blood Donation Drive is an embolden initiative launched by Akhil Bhartiya Terapanth Yuvak Parishad (ABTYP) in the year 2012. With the massive response that this initiative received, the organisation has been continuing this project ever since then. ABTYP runs multiple other programs under spirituality, social work, skill enhancement for its members and currently has more than 340 branches across India. The Akhil Bhartiya Terapanth Yuvak Parishad is a youth forum that unites the Terapanthi youth from the age of 21 to 45 across the globe. The formation of this organisation was due to the vision and able efforts of the divine, 9th Acharya Shri Tulsi, and was later under the divine 10th Acharya of Jain Terapanth, Dharamsangh Acharya Shri Mahapragya. ABTYP now executes the vision of the present 11th Acharya of Terapanth, His Holiness Acharya Shri Mahashramanji. The organization currently has more than 45,000 members associated with them an...