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Showing posts from February, 2023

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शांतिवन में युगप्रधान आचार्य महाश्रमण जी ने कहा सबके प्रति मैत्री भाव से ही विश्व शांति संभव

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ब्रम्हाकुमारी मुख्यालय पदार्पण पर दादी रतन मोहिनी ने किया आचार्यश्री का भावपूर्ण स्वागत हजारों ब्रम्हाकुमारी सदस्यों को युगप्रधान ने प्रदान किया प्रेरणा पाथेय 17.02.2023,  शुक्रवार, आबू रोड, सिरोही (राजस्थान), हजारों हजारों किलोमीटर की पदयात्रा कर मानवता के समुत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने वाले श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अधिशस्ता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारी मुख्यालय में पावन पदार्पण हुआ। ब्रह्माकुमारी संस्थान के विशेष निवेदन पर शांतिदूत पूर्व निर्धारित यात्रा पथ में परिवर्तन कर आज यहां पधारे एवं 87 वें त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव में अपना पावन सानिध्य प्रदान किया। कल आचार्य प्रवर का प्रवास कॉस्मो रेसीडेंसी में था जहां से मध्यान्ह में विहार कर पूज्य प्रवर आबू रोड स्थित जैन मंदिर में पधारे। आज प्रातः लगभग तीन किलोमीटर विहार कर सीआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में गुरुदेव का पदार्पण हुआ। देश-विदेश में फैले ब्रह्माकुमारी संस्थान के आबू रोड स्थित मुख्यालय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, शांतिवन में जब युगप्रधा...

प्रभु पार्श्वनाथ की तरह हम भी बने वीतराग – आचार्य महाश्रमण

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14.02.2023,  मंगलवार, जिरावला पार्श्वनाथ, सिरोही (राजस्थान),अहिंसा यात्रा द्वारा देश विदेश में नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति का संदेश देने वाले जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ जीरावला पार्श्वनाथ में मंगल पदार्पण हुआ। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ से जुड़ा यह तीर्थ तीर्थस्थलों में अपनी एक विशिष्ट पहचान रखता है। आज आचार्य प्रवर के यहां प्रथम बार पदार्पण से समूचे जैन समाज में विशेष हर्षोल्लास छाया हुआ था। तीर्थंकर के प्रतिनिधि का सानिध्य पाकर पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा हुआ था।  मंगलवार प्रातः आचार्य प्रवर ने पहुना ग्राम से मंगल विहार किया। जन-जन को अपने आशीष से कृतार्थ करते हुए ज्योतिचरण गंतव्य की ओर गतिमान हुए। पहाड़ी क्षेत्र और हर ओर दृष्टिगत होती लहलहाती खेती नयनाभिराम प्रतीत हो रही थी। अरोह अवरोह भरे मार्ग पर समता के महासागर आचार्य प्रवर लगभग 13 किलोमीटर का विहार कर जीरावला पार्श्वनाथ तीर्थ पधारे तो तीर्थ से संबद्ध पदाधिकारियों ने जयघोषाें से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। ...

भौतिकता के लिए नैतिकता को न छोड़े – आचार्य महाश्रमण

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जालोर 13.02.2023,  सोमवार, सिलदर, सिरोही (राजस्थान), अपने पावन प्रवचनों से ज्ञान गंगा बहाते हुए मानवता के मसीहा युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी गांव–गांव, नगर–नगर को निरंतर पद यात्रा कर रहे है। नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति के संदेश देते हुए मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापित करते हुए आचार्यश्री का आज जालोर से सिरोही जिले में मंगल पदार्पण हुआ। आचार्य बनने के बाद आज प्रथम बार पूज्य चरणों से सिरोही जिला भी पावन बना। प्रातः पावटी से गुरुदेव ने मंगल विहार किया। जैसे जैसे गुरुदेव की यात्रा आबू की ओर बढ़ रही है पहाड़ी क्षेत्र भी इस ओर बढ़ता जा रहा है। विशालकाय पहाड़, हरे भरे खेतों के मध्य पहाड़ी तलहटी में विहार करती आचार्यश्री की यात्रा नयनाभिराम दृश्य प्रस्तुत कर रही थी। मार्गवर्ती सिरोड़की आदि कई स्थानों पर ग्रामीणों ने श्रद्धानत हो शांतिदूत से पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। लगभग 13 किलोमीटर का विहार कर आचार्यप्रवर सिलदर के राजकीय विद्यालय में प्रवास हेतु पधारे। मध्यान्ह में पुनः 03 किमी विहार कर गुरुदेव का राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पुनावा में पधारना हुआ।  मंगल प्रवचन में युगप्रध...

शुभ भावों में रहने का करे प्रयास – आचार्य महाश्रमण

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12.02.2023,  रविवार, पावटी –जसवंतपुरा, जालौर (राजस्थान), पदयात्राएं कर जन-जन में अहिंसा की चेतना का जागरण करने वाले तेरापंथ धर्म संघ के यशस्वी पट्टधर युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ जालोर जिले में विचरण करा रहे है। आज प्रातः आचार्य श्री ने बू गांव (जसवंतपुरा) से मंगल प्रस्थान किया। विहार मार्ग में दृष्टिगोचर होती पहाड़ियां, विशालकाय चट्टाने नयनाभिराम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। मार्ग में श्रद्धालुओं पर अपनी स्नेहादृष्टि करते हुए परम पूज्य प्रवर परमार्थ के लिए निरंतर गतिशील थे। लगभग 9.5 किमी विहार कर युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का धवल सेना के साथ पावटी में पावन पदार्पण हुआ। अपने गांव में महापुरुष का पावन प्रवास पा पावटीवासी धन्यता की अनुभूति कर रहे थे। स्थानीय राजकीय विद्यालय में गुरुदेव का प्रवास हुआ। आज मुंबई, उदयपुर, सूरत, गुजरात, मेवाड़ आदि कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आराध्य के दर्शनार्थ उपस्थित हुए। उदयपुर से भी ग्यारहसौ से भी अधिक श्रावक–श्राविकाओं का संघ पूज्य चरणों में दर्शन सेवा हेतु उपस्थित हुआ। उदयपुर जैन समाज तेरापंथ का एक महत्वपू...

दृष्टिकोण हो उदारवादी – आचार्य महाश्रमण

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11.02.2023,  शनिवार, बूगांव –जसवंतपुरा, जालौर (राजस्थान), जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी जालोर जिले को पावन बनाते हुए निरंतर जनकल्याण हेतु प्रवर्धमान है। आज पूज्य गुरुदेव का बूगांव, जसवंतपुरा में पदार्पण हुआ। प्रातःकाल शांतिदूत ने सिकवाड़ा ग्राम से मंगल विहार किया। ग्राम वासियों को पावन आशीर्वाद प्रदान करते हुए आचार्यप्रवर गंतव्य की ओर प्रस्थित हुए। आबू रोड की ओर अग्रसर गुरुदेव लगभग 10 किलोमीटर का विहार कर बूगांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रवास हेतु पधारे। इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों ने शांतिदूत का जय जय ज्योतिचरण जय जय महाश्रमण के जयघोषों से स्वागत किया।  मंगल प्रवचन में आचार्य प्रवर ने कहा – एक दृष्टि से मानव जाति एक है व नय की दृष्टि से पूरा विश्व व प्राणी मात्र एक है। अपना–पराया व तेरा–मेरा का विचार संकीर्णता का विचार है पर अकीर्णता की दृष्टि से पूरा विश्व एक है। इस चिंतन के साथ व्यक्ति को सबके साथ एकता से रहने का प्रयास करना चाहिए। जहा ममत्व होता है वहा तेरा-मेरा की बात होती है। कुछ व्यक्तियों की सोच म...

सहनशीलता अपना कर क्रोध से बचे - आचार्य महाश्रमण

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10.02.2023,  शुक्रवार, सिकवाड़ा, जालौर (राजस्थान),नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति का संदेश देते हुए अब तक एक करोड़ से भी अधिक लोगों को नशामुक्ति का संकल्प करवाने वाले मानवता के मसीहा, शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज सिकवाडा़ के राजकीय विद्यालय में मंगल पदार्पण हुआ। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों सहित छात्र–छात्राओं ने अपने विद्यालय प्रांगण में आचार्यश्री के आगमन पर भावभीना स्वागत किया। इससे पूर्व आज प्रभात काल में नून गांव से आचार्यश्री प्रस्थित हुए। आज का विहार मार्ग शुरुआती कई किलोमीटर का कच्ची सड़क द्वारा तय किया गया। पथरीले पहाड़ी पथ पर भी युगप्रधान गुरुदेव निश्चलता के साथ गतिमान थे। लगभग 15.1 किलोमीटर का विहार कर आचार्यश्री का सिकवाड़ा में पदार्पण हुआ।  मंगल प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा– धार्मिक शास्त्रों में मोक्ष की बात आती है। इस मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य या कहे परम लक्ष्य मोक्ष होता है। हम कुछ ऐसा करें जिससे जल्दी मोक्ष मिल जाये। मोक्ष प्राप्ति में कुछ बाधाएं भी है। जिनमें एक बाधा है – चंडस्वभावी व गुसैल होना। गुस्सा हमारी कमजोरी भी है और शत्रु भी। आलस्य को इस ...

अपने ज्ञान का ना हो अहंकार - आचार्य महाश्रमण

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  09.02.2023,  गुरुवार, नून गांव, जालौर (राजस्थान) ,  जैन धर्म के प्रभावक आचार्य, महान परिव्राजक, शांतिदूत युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी साधु–साध्वियों के श्वेत काफिले के साथ जालोर जिले में धर्म गंगा बहाते हुए गतिमान है। गुरुदेव का आज नून गांव में मंगल पदार्पण हुआ। इससे पूर्व प्रातः सूर्योदय की वेला में आचार्यश्री ने अपनी धवल सेना के साथ बाकरा गांव से मंगल विहार किया। मार्ग में स्थान–स्थान पर श्रद्धालु आचार्यश्री से अपने निवास स्थानों पर मंगलपाठ सुनाने की अर्ज कर रहे थे। सभी को अपने आशीष से लाभान्वित करते हुए पूज्यप्रवर गंतव्य की ओर प्रस्थित हुए। इस दौरान गांव के ठाकुर भवानीसिंह आदि ग्रामवासियों ने आचार्यश्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए यात्रा के प्रति मंगलकामना की। कुछ किलोमीटर पश्चात बाकरा रोड पर स्थित श्री चमत्कारी पार्श्वनाथ तीर्थ से संबंधित पदाधिकारी गुरुदेव के सान्निध्य में पहुंचे और तीर्थ में चल रहे उपधान तप आराधना में आशीर्वाद प्रदान करने हेतु निवेदन किया। उनके निवेदन को स्वीकार कर आचार्यप्रवर तीर्थ स्थल पर पधारे जहां तपागच्छ के आचार्य आदित्यानंद सूरीश्...

जीने के कला है धर्म - आचार्य महाश्रमण

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08.02.2023,  बुधवार, बाकरा गांव, जालौर (राजस्थान),  देश के राष्ट्रपति भवन से लेकर गरीब की झोंपड़ी तक नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति का संदेश देने वाले अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ जालोर जिले में यात्रायित है। लगभग दस वर्षों पश्चात आचार्यश्री का इस क्षेत्र में पदार्पण हुआ है। जिससे क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह छाया हुआ है। बुधवार प्रातः आचार्यश्री का सायला ग्राम से मंगल विहार हुआ। इस दौरान स्थानीय जैन मंदिर के समक्ष आचार्यश्री ने मंगलपाठ फरमाया। मार्ग में श्रद्धालुओं को पावन आशीष प्रदान करते हुए शांतिदूत रेवतड़ा गांव की ओर गतिमान हुए। पूर्व में आज का प्रवास सीधा बाकरा में निर्धारित था किंतु जैन समाज के आग्रहपूर्ण निवेदन को स्वीकार कर पूर्व निर्धारित यात्रा पथ में परिवर्तन कर आचार्यश्री ने रेवतड़ा पधारना स्वीकार किया। लगभग 07 किमी विहार कर आचार्यश्री रेवतड़ा पधारे तो गुरुदेव के विशेष अनुग्रह से आल्हादित सकल जैन समाज जय जयकारों से शांतिदूत का अभिनंदन कर रहा था। आचार्यश्री के स्वागत में श्रद्धालु बड़ी संख्या में जैन ध्वज हाथों में लेकर प्...

अध्यात्म में ध्यान का शीर्ष स्थान - आचार्य महाश्रमण

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07.02.2023,  मंगलवार, सायला, जालौर (राजस्थान), 52 हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा तय करने के बाद भी जनकल्याण एवं मानवता के नैतिक उत्थान के लिए निरंतर गतिमान मानवता के मसीहा शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज सायला ग्राम आगमन पर भव्य स्वागत हुआ। लगभग 10 वर्षों पूर्व 2013 में आचार्यश्री सायला में पधारे थे अब पुनः इतने वर्षों पश्चात शांतिदूत के पावन आगमन से क्षेत्र वासियों में विशेष हर्षोल्लास छाया हुआ था। प्रातः आचार्यश्री ने बावतरा से मंगल प्रस्थान किया तब स्थानीय रावले के ठाकुर भगतसिंह जी सहित ग्रामीणों ने कृतज्ञता भाव व्यक्त करते हुए आचार्यश्री से पुनः शीघ्र पदार्पण का निवेदन किया। तत्पचात स्थान–स्थान पर ग्रामवासियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए गुरुदेव गंतव्य की ओर गतिमान हुए। आज शांतिदूत के सायला आगमन से जैन समाज ही नहीं अपितु सकल समाज में उत्साह, उमंग का माहौल था। गणवेश में जैन ध्वज लेकर सायलावासी जयघोषों से आचार्यश्री की आगवानी कर रहे थे। लगभग 13.8 किमी विहार कर पुज्यप्रवर सायला ग्राम में पधारे। इस दौरान सायला सरपंच श्रीमती रजनी कंवर, पूर्व सीआई सुरेंद्र सिंह राठौड़, पंचा...

बच्चें देश का भविष्य - आचार्य महाश्रमण

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  06.02.2023, सोमवार, बावतरा, जालौर (राजस्थान), अपनी अहिंसा यात्रा द्वारा नेपाल, भूटान एवं भारत के 23 राज्यों में पदयात्रा कर नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति की प्रेरणा देने वाले शांतिदूत युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी अपनी धवल सेना के साथ जालोर जिले में सानंद गतिमान है। बाड़मेर जिले को पावन बना अब आचार्यश्री जिरावला पार्श्वनाथ तीर्थ एवं आबूरोड की ओर प्रवर्धमान है। आज प्रातः शांतिदूत ने जीवाणा ग्राम से मंगल विहार किया। जीवाणावासी पुज्यप्रवर का पावन प्रवास पाकर कृतार्थता का अनुभव कर रहे थे। विहार मार्ग में जगह–जगह स्थानीय ग्रामीण आचार्यश्री के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे। विहार के दौरान आज तीव्र धूप मौसम के परिवर्तन का संकेत दे रही थी। लगभग 09 किलोमीटर का विहार कर आचार्यश्री बावतरा ग्राम में पधारे। इस मौके पर स्थानीय ठाकुर भगतसिंह जी एवं ग्रामीणों के निवेदन पर पुज्यश्री रावले में पधारे एवं ठाकुर परिवार को आशीष प्रदान किया। तत्पचात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रवास हेतु गुरुदेव का पदार्पण हुआ। ग्राम सरपंच श्री पारस राजपुरोहित एवं विद्यालय के शिक्षकों सहित विद्य...

भीतर में जागृत करे ज्ञान का प्रकाश - आचार्य महाश्रमण

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05.02.2023, रविवार, जीवाणा, जालौर (राजस्थान), अपनी पदयात्राओं द्वारा देश–विदेशों में परिभ्रमण कर जन-जन में नैतिक मूल्यों की चेतना को जागृत करने वाले तेरापंथ प्रणेता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज जीवाणा में मंगल पदार्पण हुआ। जालौर जिले में गतिमान आचार्यश्री ने प्रभात वेला में सिराणा से मंगल विहार किया। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय ग्राम वासियों को आचार्यप्रवर का पावन आशीष प्राप्त हुआ। सड़क मार्ग के दोनों और अनार, अरंडी, आदि के विस्तृत खेत नयनाभिराम दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। ज्ञात हुआ कि यहां अनार की काफी प्रचुरता है तथा भारत में अनार की मंडी के रूप में तीसरे स्थान पर यह स्थान पहचाना जाता है। स्टेट हाईवे संख्या 16 पर गतिमान आचार्य श्री लगभग 12 किलोमीटर का विहार कर जीवाणा ग्राम में पधारे। इस अवसर पर स्थानीय जैन समाज  के श्रद्धालु ही नहीं अपितु सकल ग्रामवासी आचार्यवर का जयनारों से स्वागत कर रहे था। श्री बायोसा आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में आचार्य प्रवर का प्रवास हेतु पदार्पण हुआ। स्कूल प्रांगण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए युगप्रधान आचार्यश्री ने कहा - मनुष्य इस दुनिया...

भवसागर से पार पाने करे धर्माराधना - आचार्य महाश्रमण

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04.02.2023, शनिवार, सिराना, जालोर (राजस्थान),जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज अपनी धवल सेना के साथ जालोर जिले में मंगल प्रवेश हुआ। रेतीले धोरों, खेत खलिहानों से भरी हुई मरुभूमि पर अध्यात्म की गंगा बहाते हुए आचार्य श्री निरंतर गतिमान है। आज प्रातः आचार्यप्रवर ने अरणियाली ग्राम से मंगल विहार किया। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय ग्रामीणों को पावन आशीष प्रदान करते हुए शांतिदूत गंतव्य की ओर गतिमान हुए। जैसे ही पुज्यप्रवर का बाड़मेर से जालोर जिले की सीमा में मंगल प्रवेश हुआ श्रद्धालुओं ने भक्ति भावों से परिपूर्ण जयघोषों से गुरुवर का स्वागत किया। लगभग 7.3 किमी विहार कर आचार्यश्री सिराना ग्राम के राजकीय विद्यालय में प्रवास हेतु पधारे। चतुर्दशी के अवसर पर आज पुज्यवर की सन्निधि में हाजरी का भी वाचन हुआ। जिसमें आचार्यश्री मर्यादा पत्र का वाचन करते हुए तेरापंथ धर्मसंघ की मर्यादाओं को व्याख्यायित किया। प्रवचन सभा में प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए गुरुदेव ने कहा– जिस प्रकार नदी व समुद्र को पार करने का नौका एक उपयोगी साधन होता है। उसी प्रकार इ...

मनुष्य जीवन दुर्लभ इसे यूं ही ना गवाएं - आचार्य महाश्रमण

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03.02.2023, शुक्रवार, अरणियाली, बाड़मेर (राजस्थान), पाव–पाव चल गांव, नगर, शहरों में नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति की ज्योत जलाने वाले अहिंसा यात्रा प्रणेता शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज अरणियाली ग्राम में मंगल पदार्पण हुआ। प्रातः आचार्य श्री ने सिणधरी से मंगल विहार किया। लगभग 15 किलोमीटर विहार कर गुरुदेव राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अरणियाली में प्रवास हेतु पधारे। बाड़मेर जिले के पश्चात अब उत्तर गुजरात की ओर अग्रसर गुरुदेव का आगामी कुछ दिन का जालोर जिला क्षेत्र में संभावित है। बायतु मर्यादा महोत्सव के पश्चात आचार्यवर की यात्रा अब गुजरात की ओर प्रवर्धमान है।  अरणियाली में धर्मसभा को संबोधित करते हुए युगप्रधान ने कहा –यह मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ है। चौरासी लाख जीव योनियों में भ्रमण करते हुए यह मनुष्य जीवन दुबारा कब मिलेगा, यह कोई नहीं जानता। अभी तो यह हमें आसानी से उपलब्ध है इसे यूं ही गंवा देना भारी भूल है। संसार में सभी तो साधु नहीं बन सकते, ऐसे में गृहस्थ जीवन में रहकर भी जो आत्मस्थ, तटस्थ व मध्यस्थ रह सकता है, वह स्वयं के आत्म कल्याण के पथ को प्रशस्त कर सकता है।...

संस्कारवान बने बालपीढ़ी - आचार्य महाश्रमण

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02.02.2023, गुरुवार, सिणधरी, बाड़मेर (राजस्थान), अपनी पावन ज्ञानमयी वाणी से जनमानस के अज्ञान रूपी अंधकार को हरने वाले महातपस्वी युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज अपनी धवल सेना के साथ सिणधरी में मंगल पदार्पण हुआ। तेरापंथ शिरमौर के सिणधरी पदार्पण से स्थानीय जैन समाज में विशेष उत्साह, उमंग दिखाई दे रहा था। इससे पूर्व प्रातः आचार्यश्री ने कमठाई ग्राम से मंगल विहार किया। गत रात्रि ग्रामवासियों को आचार्यप्रवर का पावन आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ। लगभग 09 किलोमीटर का विहार कर आचार्यश्री सिणधरी के नवकार विद्यालय में प्रवास हेतु पधारे। मंगल प्रवचन में अमृत देशना देते हुए गुरुदेव ने कहा– हमारे जीवन में ज्ञान का बड़ा महत्व है और ज्ञान प्राप्ति का एक उपाय है स्वाध्याय। व्यक्ति जितना स्वाध्याय करता है, ज्ञान की आराधना करता है, उतना ही ज्ञान पुष्ट बनता है। स्वाध्याय ज्ञान प्राप्ति का एक सशक्त माध्यम है। स्वाध्याय करने के बाधक तत्वों में पहली बाधा है – ज्यादा नींद लेना अथवा नींद को बहुमान देना। नींद अपेक्षित हो सकती है पर उसमें ज्यादा रस लेना व आवश्यकता से ज्यादा नींद लेना उचित नहीं...

संयम रहित इंद्रिय दुष्ट घोड़े के समान – आचार्य महाश्रमण

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01 फरवरी 2023, बुधवार, कमठाई, बाड़मेर (राजस्थान), 52 हजार किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा तय करने के तदुपरान्त भी मानवता की चेतना को जागृत करने के लिए निरंतर गतिमान आचार्य श्री महाश्रमण जी अपने चरणों से बाड़मेर धरा को पावन कर रहे है। आज प्रातः नौसर से विहार कर पूज्य प्रवर डंडाली ग्राम में पधारे। विहार के दौरान कई स्थानों पर ग्राम्य जनता आचार्यप्रवर के आशीष से लाभान्वित हुई। डंडाली वासी शांतिदूत का प्रवास पाकर विशेष रूप से अल्हादित थे। लगभग 10.5 किमी विहार कर स्थानीय राजकीय माध्यमिक विद्यालय में प्रवास हेतु गुरुदेव का पदार्पण हुआ। मध्यान्ह में पुनः लगभग 7.5 किलोमीटर विहार कर आचार्यश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कमठाई में पधारे। कल का संभावित प्रवास सिणधारी में रहेगा।  मंगल प्रवचन में धर्म देशना देते हुए आचार्य श्री ने कहा– आर्हत वाड्मय में कहा गया है– हमारे शरीर में पांच ज्ञानेन्द्रियाँ व पांच कर्मेन्द्रिया होती हैं। कर्मेन्द्रियों का काम है – कार्य करना व ज्ञानेन्द्रियों का काम है ज्ञान प्राप्त करना। इनके अलग–अलग विषय भी होते है। जैसे श्रोतेन्द्रिय का विषय है -  शब्द व प्रवृत...